नेपाल-भारत सीमा-आरपार सिम्पोजियम विराटनगर सँ आइ शुरू भेल

अभी-अभी: विराटनगर में सीमा आरपार के सम्बन्धों पर सिम्पोजियम

नेपाल भारत क्रास बोर्डर सिम्पोजियम – चुनौती एवं अवसर (संगोष्ठी कार्यक्रम)

विराटनगर में नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के प्रदेश १ एवं भारतीय राजदूतावास के संयुक्त आयोजन में ‘नेपाल-भारत सीमा-आरपार गोष्ठी – चुनौतियाँ एवं अवसर’ विषय पर संगोष्ठी सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम में नेपाल के प्रदेश १ के मुख्यमंत्री शेरधन राई प्रमुख अतिथि थे, वहीं भारतीय राजदूत मनजीव सिंह पुरी विशिष्ट अतिथि के तौर पर भाग लिये।

नेपाल उद्योग वाणिज्य महासंघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भवानी राणा ने स्वागत अभिभाषण में दोनों देशों के सीमाक्षेत्रों में इस तरह की गोष्ठियों का आयोजन द्विपक्षीय सम्बन्धों को मजबूत बनाने, व्यापारिक रिश्ते, भाषा-संस्कृति और जन-जन के बीच रोटी-बेटी के रिश्ते को मजबूती प्रदान करने में सीमाक्षेत्र के लोगों, राज्य सरकारों, व्यवसायी, उद्योगी एवं उद्यमियों के अलावा बुद्धिजीवियों के स्तर पर सहकार्य होने की आवश्यकता पर जोर देते हुए महासंघ के पहल पर भारतीय राजदूतावास के सहयोग से इस तरह की गोष्ठीयों का आयोजन नेपाल के सभी प्रदेशों और खासकर सीमाक्षेत्रों में करने की बातें कही। आज इस तरह की अन्तर्क्रिया कार्यक्रम का शुरुआत प्रदेश १ की ऐतिहासिक और औद्योगिक नगरी विराटनगर से हुई।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश ईकाई के अध्यक्ष नरेन्द्र खड्का ने की। जहाँ कार्यक्रम संचालन रोबिन दहाल किये वहीं महासंघ के प्रदेश ईकाई के प्रतिनिधि अविनाश बोहरा के द्वारा पावर प्वाइन्ट प्रेजेन्टेशन के जरिये प्रदेश १ के व्यापारिक स्थितियों, बाधाओं एवं अवसरों के साथ चुनौतियों पर कार्यपत्र प्रस्तुत किया गया।

दो सत्रों में चले इस गोष्ठी में नेपाल और भारत के कस्टम्स अधिकारियों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों एवं उद्योग-वाणिज्य संघ के विभिन्न प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस अवसर पर उद्घाटन सत्र में सभा को संबोधित करते हुए भारतीय राजदूत मनजीव सिंह पुरी ने प्रदेश १ को नेपाल की भूगोल का सबसे विलक्षण क्षेत्र जहाँ हिमाल, पहाड़ और तराई तीनों क्षे्त्रों का संगम और भारत के तीन राज्यों के साथ सीधे जुड़े रहने के साथ मित्रराष्ट्रों के सीमाओं से सटा प्रगतिशील अर्थतन्त्र वाला क्षेत्र कहते हुए बहुत जल्द ही समृद्धि की ओर तेजी से बढने का उम्मीद जताया। इशारे ही इशारे में उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग जो विराटनगर छोड़कर काठमांडू की ओर चले गये हैं, वे लोग या उनके अगली पीढी वापस यहाँ पर आने में गर्व की अनुभूति करेंगे। साथ ही भारत सरकार नेपाल के चहुंमुखी विकास के लिये हाइड्रोपावर से लेकर पर्यटन एवं पूर्वाधार विकास सहित सभी क्षेत्रों में बढ-चढकर योगदान दे रही है जो आगे भी जारी रहने की बात उन्होंने दुहराई। साथ ही प्रदेश १ के मुख्यमंत्री शेरधन राई से उन्होंने अपील करते हुए कहा कि यह आपको देखना होगा कि आपके क्षेत्रों से लगी भारतीय राज्यों बिहार, बंगाल एवं सिक्किम के साथ आप किस प्रकार का सहकार्य करके इस क्षेत्र की आर्थिक विकास को आगे ले जा सकते हैं। दोनों तरफ के लगानीकर्ताओं को एक-दूसरे के यहाँ लगानी बढाने और आर्थिक विकास में सहयोग करने का वातावरण बनाने पर उन्होंने सभी लोगों का ध्यानाकर्षण कराया। साथ ही २०१९ में भारत सरकार महात्मा गाँधी के जीवन का १५० वर्ष पूरे होने को विशेष तौर पर पूरे दुनिया में मनाने की योजना सार्वजनिक करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री शेरधन राई से प्रदेश १ में गाँधीजी के जीवन से जुड़े बातों का अनुकरण करने और प्रेरणाओं का संचरण करने के लिये खास कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिये भी आह्वान किया। इस मौके पर गाँधीजी के जीवनी से जुड़ी एक पुस्तक मुख्यमंत्री राई के हाथों विमोचन भी कराया गया।

मुख्यमंत्री शेरधन राई ने भारतीय राजदूत मनजीव सिंह पुरी की बातों के साथ सहमति जताते हुए प्रदेश १ की भौगोलिक विविधता और भारत तथा चीन को जोड़नेवाला प्रदेश कहते हुए यहाँ के चहुंमुखी विकास के लिये नया संघीय नेपाल में धीमी गति से आगे बढने की बातें कही। उन्होंने कहा कि अभी हमलोग नये लीक (संघीयता की संस्कृति) पर चलना आरंभ ही किये हैं। सब कुछ धीरे-धीरे सही हो जायेगा। कृषि, उद्योग, पर्यटन – कनेक्टिविटी आदि विभिन्न क्षेत्रों में संभावनाओं के मुताबिक कार्य करने के लिये योजना और नीति बनाया गया है। पड़ोस के भारतीय राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ जल्द मुलाकात करने का पहल करने और इस कार्य में भारतीय राजदूतावास का सहयोग मिलने का भरोसा भी जताया। निजी व्यवसायियों को नेपाल के अन्दर वाटरवेज के मार्फत पर्यटन और परिवहन बढाने के लिये उन्होंने आह्वान किया। साथ ही विराटनगर के एयरपोर्ट को अन्तर्राष्ट्रीय विमान बनाने की दिशा मे संघीय सरकार से उचित अनुरोध करने की बातें की। कीमाथांका (चीन से सटी सीमा) के पास अब केवल २० किलोमीटर सड़क निर्माणकार्य शेष है जो उच्च प्राथमिकता से पूरी की जा रही है, यह जानकारी भी मुख्यमंत्री ने दी।

धन्यवाद ज्ञापन करते हुए सभाध्यक्ष नरेन्द्र खड्का ने महासंघ की केन्द्रिय ईकाई एवं भारतीय राजदूतावास के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि इस तरह की गोष्ठियों से दोनों देश के बीच व्यापारिक अवरोधों को कम करने के साथ आपसी हित के कार्यों को बढाने का अवसर बढेगा। भारतीय राजदूतावास से आये फर्स्ट सेक्रेटरी प्रभजोत सिंह तथा जोगबनी कस्टम के सहायक आयुक्त आरके सिन्हा ने बाद में अन्तर्क्रिया कार्यक्रम सीमा आरपार सरकारी कामकाज में सहजता के विन्दुओं पर सरोकारवालों को संबोधित किया। इस सत्र की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश ईकाई के अविनाश बोहरा ने की। इस सत्र में सरोकारवालों के तरफ से अपने-अपने अनुभवों एवं जिज्ञासा रखा गया था जिसे भारतीय कस्टम्स आयुक्त श्री सिन्हा, फर्स्ट सेक्रेटरी श्री सिंह एवं इस सत्र के सभाध्यक्ष श्री बोहरा ने अपने विचारों के साथ संबोधन किया।

हरि: हर:!!