सार्थक-सकारात्मक-सान्दर्भिक आलोचना – रंगकर्म ओ फिल्मक प्रसिद्ध सर्जक कुणाल केर शब्द मे
विचार – कुणाल (पटना) १ मैथिल संस्था गुण-कीर्तन – एक हम जखन तखन मैथिल संस्था सभक अदखोइ बदखोइ करइत रहइ छी। से हमर दोसर मोन कहलक जे इ नीक बात नइ।गुण देखक चाही, अवगुण नइ…देखल त एह!बड़ बड़ गुण छइ यउ……… *विद्यापति पर आगू बढ़ि दावा केना करितथि, अपन बड़ाई हल्लुक लोक करइए।इ सब त … सार्थक-सकारात्मक-सान्दर्भिक आलोचना – रंगकर्म ओ फिल्मक प्रसिद्ध सर्जक कुणाल केर शब्द मे









