रामचरितमानस मोतीः सुग्रीव केर दुःख सुनायब, बालि बध केर प्रतिज्ञा, श्री रामजीक मित्र लक्षण वर्णन
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सुग्रीव केर दुःख सुनायब, बालि बध केर प्रतिज्ञा, श्री रामजीक मित्र लक्षण वर्णन १. हनुमान्जी दुनू दिशक सबटा कथा सुना अग्नि केँ साक्षी राखि आपस मे दृढ़ताक संग प्रीति जोड़ि देलनि। यानि अग्नि केँ साक्षी राखि प्रतिज्ञापूर्वक हुनका लोकनिक मैत्री करबा देलनि। दुनू हृदय सँ प्रीति कयलनि, कनिकबो … रामचरितमानस मोतीः सुग्रीव केर दुःख सुनायब, बालि बध केर प्रतिज्ञा, श्री रामजीक मित्र लक्षण वर्णन





