सर्वभूतहिते रताः – भगवत्प्राप्तिक यथोचित मार्ग
आध्यात्मिक चिन्तन सर्वभूतहिते रताः: श्रीजयदयाल जी गोयन्दका भगवत्प्राप्तिक अनेक मार्ग अछि, ‘सर्वभूतहित’ सब मे होएछ। भगवान् प्राणिमात्रमे स्थित छथि, अतएव कोनो प्राणीक हित करब और ओकरा सुख पहुँचायब भगवान् केर पैघ सेवा थीक। प्राणिजगत् मे जतय जाहि वस्तुक अभाव अछि, ओतय भगवान् ओहि वस्तुक द्वारा अपन पूजा चाहैत छथि और ओहि पूजा मे केवल भगवत्प्राप्तिक … सर्वभूतहिते रताः – भगवत्प्राप्तिक यथोचित मार्ग









