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प्रवीण नारायण चौधरी

दरभंगाक आम जन-जीवन पर फिल्मी प्रभाव हावी: प्रेमक खेल मे फिल्मी स्टंट

दरभंगा, जुलाई ३०, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! वर्तमान मिथिलाक सांस्कृतिक राजधानी दरिभंगा मे फिल्मी जीवनशैलीक असर आम जनमानस पर स्पष्ट देखाय लागल अछि। काल्हिये एकटा समाचार भेटल जे पंजबाक गुरुदासपुर मे आतंकवादी सब जाहि तरहें थाना मे बिस्फोटक आ हथियार सँ लैस थाना मे घूसिकय आक्रमण केलक, किछु ताहि तरहक घटना दरभंगा मे सेहो आम जनजीवन दरभंगाक आम जन-जीवन पर फिल्मी प्रभाव हावी: प्रेमक खेल मे फिल्मी स्टंट

दहेज मुक्त मिथिला वर्सेज कूतर्क युक्त मिथिला – खास रपट

सामाजिक सरोकार पर जनमानस मे प्रतिक्रिया: विवेचना – प्रवीण नारायण चौधरी २०११ ई. सँ लगातार ई मुहिम युवा मैथिल मे एकटा अलगे छाप छोड़ि रहल अछि। कहबाक छैक जे माँग रूपी दहेज केर प्रतिकार हो। माँग आध्यात्मिक संबंध, दुइ आत्माक मिलन समान पवित्र गठबंधन केर छैक। ओ प्राकृतिक छैक। ताहि वास्ते जोड़ी समुचित मिलब निश्चिते दहेज मुक्त मिथिला वर्सेज कूतर्क युक्त मिथिला – खास रपट

सहरसा आयुक्त द्वारा पौराणिक सांस्कृतिक पहिचान केँ सम्मान

अमित आनन्द, सहरसा। जुलाई २९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! कहबी गलत नहि छैक, हाकिमो मे हाकिम जे बौद्धिक स्तर सँ हाकिम! देश स्वतंत्र भेना कतेको दशक बितल, बित गेल कतेको वर्ष सहरसा जिला बनब आ कोसी प्रमण्डल केर मुख्यालय रूप मे स्थापित होयब। कतेको रास हाकिम एतय एला आ अपना-अपना स्तर सँ एहि पौराणिक नगरी केँ अपना सहरसा आयुक्त द्वारा पौराणिक सांस्कृतिक पहिचान केँ सम्मान

आत्मीय पहिचान

आब भले किशोर नहि रहलौं, जोश आइयो ऊफान पर मातृभूमि प्रति रही समर्पित, होश आइयो तूफान पर जन्म माने कर्म करब, नजैर सदा अनुसंधान पर भान मात्र शरणागत सेवक, ध्यान जे भगवान्‌ पर स्वाध्याय के मंत्र नीक छै, समता रहय संतान पर अपन भाग के साँस जिबैते, स्नेह सदा इन्सान पर झूठ दृष्टि न वाणीक आत्मीय पहिचान

बाल-बाल बचल सहरसा: सांप्रदायिक दंगाक आइग लागय सँ पहिनहि नियंत्रण

ब्रेकिंग न्युज – सुभाषचंद्र झा, सहरसा। जुलाई २८, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! देश मे एक तरफ आतंकवादीक हमला सँ पंजाब त्रस्त, दोसर तरफ जनताक राष्ट्रपति भारत रत्न डा. अब्दुल कलाम केर अचानक मृत्यु सँ समूचा देश व विश्व मे शोक केर लहैर, एहि सब सँ बिल्कुल हँटल ‘क्रान्तिभूमि सहरसा’ मे राजनीतिक चालबाजी सँ पुन: धार्मिक आ बाल-बाल बचल सहरसा: सांप्रदायिक दंगाक आइग लागय सँ पहिनहि नियंत्रण

के छल सच्चा मुसलमान?

आत्मचिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी काल्हि मारल गेल आतंकवादी आ परलोक गमन केनिहार पूर्व राष्ट्रपति, एहि धरा सँ दुनू अन्य धरा पर गेलाह। गेनिहार चलि गेल, पाछाँ सँ भावना मे बचल मानव समुदाय बहि रहल अछि। एकठाम आतंकवादीक मृत्यु पर लोक मे प्रसन्नता अबैत छैक, ओतहि संत-ऋषि समान महात्मा राष्ट्रपति कलाम केर मृत्यु पर चौतरफा के छल सच्चा मुसलमान?

अब्दुल कलाम केँ बेर-बेर सलाम: मिथिला ऋणी अछि

विशेष सम्पादकीय नहि रहलाह मिसाइल मैन! भारतक एगारहम राष्ट्रपति डा. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम – यानि – अवुल पाकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम – काल्हि हरिशयनी एकादशी सनक शुभ दिन चलैत-फिरैत, लोकहित मे पूर्वक समान सदिखन तत्पर योगदान करिते – परलोक सिधाइर गेलाह। हिनक जन्म १५ अक्टुबर १९३१ ई. तमिलनाडुक रामेश्वरम् समान पवित्र स्थान पर भेल छल अब्दुल कलाम केँ बेर-बेर सलाम: मिथिला ऋणी अछि

माँ जगदम्ब आराधना: भक्ति साधना सर्वोपरि

स्वाध्याय आलेख शुरु करैत छी एकटा सुन्दर सनक जगदम्बाक प्रार्थना सँ: – मयंक मिश्र, पोखरौनी, मधुबनी द्वारा फेसबुक मार्फत पूर्व मे देल गेल ई सुन्दर भजन: हे जगदम्ब जगत्‌ माँ काली, प्रथम प्रणाम करै छी हे! प्रथम प्रणाम करै छी हे मैया प्रथम प्रणाम करै छी हे! हे जगदम्ब जगत्‌ माँ काली… सुनलौं कतेक अधम माँ जगदम्ब आराधना: भक्ति साधना सर्वोपरि

सहरसाक सड़क सँ वॅालीवुडक सिल्वर स्क्रीन धरि: पंकज झा

किसलय कृष्ण, सहरसा। जुलाई २७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! सहरसा जिलाक प्रसिद्ध गाम मुरादपुर जन्म लेनिहार पंकज झा सम्प्रति वॅालीवुडक कला फिल्मक चर्चित अभिनेता बनि चुकल छथि । सहरसा सँ प्राथमिक शिक्षाक बाद बिहार आर्ट्स कालेज सँ बी एफ ए केलनि आ फेर राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय नई दिल्लीक रेपर्टरीमे अभिनेताक रुपमे योगदान देलनि । रंगमंचसँ ओ सहरसाक सड़क सँ वॅालीवुडक सिल्वर स्क्रीन धरि: पंकज झा

अकास तर बैसकी – मैथिली साहित्य सेवाक नव आयाम – कोलकाताक नवका योगदान

कोलकाता, जुलाई २७, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा ओ साहित्य केँ मिथिला सँ बाहर सौंसे देश मे आ फेर विदेश मे लोकप्रिय बनेबाक अविस्मरणीय योगदान कोलकाताक रहल अछि। विश्वविद्यालय मे मैथिली पठन-पाठन हो, मैथिली लोक संस्कृति केर संरक्षण हो, रंगकर्म, कलाकर्म, भाषा, साहित्य, समाज – हर क्षेत्र मे कोलकाता जहिना पूर्व मे भारतक राजधानी रहल अकास तर बैसकी – मैथिली साहित्य सेवाक नव आयाम – कोलकाताक नवका योगदान