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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि

किसलय कृष्ण, सहरसा। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! दिन कटाउन लगैय’ ….राति भयाउन लगैय’…अहाँ बिनु जिनगी जेना काँट केर हार…..कोनो चर्चित गीतकारक ई पाँति मोन पड़ि रहल अछि आइ पाठकजी बिनु….. जिनका मोनमे दरेग छल अपन माटि, मनुक्ख आ मातृभाषा प्रति, जिनका आँखिमे सिनेह छल अपन अनुजपीढ़ी प्रति, जिनक हाथमे लेखनी छल हिन्दी पत्रकारिता मे मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि

घुरि आउ मान्या – श्याम दरिहरेक नव मैथिली उपन्यास

बाल मुकुन्द पाठक, पटना। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! कथा संग्रह ‘सरसों मे भूत’ आ ‘बड़की काकी एट हाॅटमेल डाॅट काॅम’ सँ मैथिली साहित्य मे बेस चर्चित आ प्रशंसित कथाकार श्याम दरिहरे केर पहिल उपन्यास ‘घुरि आउ मान्या’ बहुत शीघ्र पाठकक हाथ मे होयत. ‘घुरि आउ मान्या’ एकटा ग्रामीण परिवेश मे पलल-बढ़ल, उच्च शिक्षा प्राप्त घुरि आउ मान्या – श्याम दरिहरेक नव मैथिली उपन्यास

बाबुल मोरे! सोइच समैझ पग धरियौ

विनती – नैना झा दहेज लोभी सँ बचबाक लेल पिता सँ एक बेटीक अपील   बाबुल मोरे! सोइच समैझ पग धरियौ पाइ के बदला पाइ न गनियौ नीक कुटुम्ब कनी देखियौ! बाबुल मोरे! सोइच समैझ पग धरियौ….   लोभी शैतान भरल अछि जग मे हुनका छोड़ि आगू बढियौ नीक हृदय सुशील कुटुम्ब करू गरीब घृणा बाबुल मोरे! सोइच समैझ पग धरियौ

नहि रहलाह महान मैथिली-मिथिला अभियानी ‘संपादक सत्यानन्द पाठक-गुआहाटी’

गुआहाटी, अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! अत्यन्त दुखद समाचार भेटल अछि मैथिली-मिथिला जगत् केँ! पूर्वोदय दैनिक केर संपादक आ मैथिली-मिथिलाक महान् कार्यकर्ता – गुआहाटी केर शेर-ए-मिथिला – सत्यानन्द पाठक केर असामयिक निधन केर समाचार भेटल अछि। फेसबुक पर पहिले ई जानकारी अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक महासचिव रत्नेश्वर झा द्वारा अपडेट कैल पढलाक बाद हुनकर निजी नहि रहलाह महान मैथिली-मिथिला अभियानी ‘संपादक सत्यानन्द पाठक-गुआहाटी’

काजक घड़ी मे मैथिलक एकजुटता अकाट्य होइत अछि, एखन दिल्ली आरो दूर अछि!!

विशेष संपादकीय मैथिली जिन्दाबाद पर १९ अगस्त, २०१५ बुध दिन संपन्न बिहार सम्मान समारोह केर विषय मे तीन-तीन बेर समाचार प्रकाशित कैल जा चुकल अछि। पहिल बेर एहि विषय मे सामाजिक संजाल द्वारा जानकारी मैथिली साहित्य महासभाक सह-संस्थापक तथा भाजपा पुर्वाञ्चल मोर्चा दिल्लीक मंत्री अमर नाथ झा जी द्वारा भेटल छल। ओ दिन-१ सँ एहि विन्दु काजक घड़ी मे मैथिलक एकजुटता अकाट्य होइत अछि, एखन दिल्ली आरो दूर अछि!!

बिहार सम्मान दिवस मे कि सब भेल: रिपोर्ट-ए-खास

मनिष झा ‘बौआभाइ’, दिल्ली। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! बुधदिन, १९ अगस्त २०१५, बेरू पहर ३ बजे स’ कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग, दिल्ली सरकारक तत्त्वाधान में मैथिली भोजपुरी साहित्य अकादमी द्वारा मावलंकर हॉल केर सभागार में “बिहार सम्मान समारोह’ केर आयोजन कैल गेल. मुख्य अतिथि केर रूप में बिहारक मुख्यमंत्री नितीश कुमार आमंत्रित छलाह. बिहार सम्मान दिवस मे कि सब भेल: रिपोर्ट-ए-खास

सौराठ सभा बिना मैथिल ब्राह्मणक कुटमैती भेल जा रहल अछि कठिनाह: समाधान कि?

अभियान कुटमैती आजुक युगक चुनौतीपूर्ण कार्य – विचार मंथन, प्रवीण नारायण चौधरी गये दिन हमरा मैसेज द्वारा ‘वर चाही’ वा ‘कन्या चाही’ कहि अनेकों मैथिल सहयात्री मित्र, भाइ, श्रेष्ठ जन लोकनि सम्पर्क करैत छथि। ई स्वाभाविके छैक जे फेसबुक पर अधिक सक्रिय रहनिहार आ ताहू मे अपन संस्कार आ संस्कृति प्रति बेसी जागरुक लोक पर सौराठ सभा बिना मैथिल ब्राह्मणक कुटमैती भेल जा रहल अछि कठिनाह: समाधान कि?

शखड़ेश्वरी भगवती दर्शन: आस्था आ पर्यटन दुनू दृष्टि सँ महत्वपूर्ण

सन्दर्भ: शखड़ेश्वरी भगवती शक्तिपीठ दर्शन (पोथी)  लेखक: श्याम सुन्दर यादव, सप्तरी (मिथिला), नेपाल राजविराज सँ करीब १५ किमी दक्षिण नेपाल-भारत सीमा पर अवस्थित अत्यन्त रमणीय स्थल जतय साक्षात् ‘सखड़ेश्वरी भगवती’ विराजमान छथि, जतय नेपाल आ भारत केर विभिन्न ठाम सँ नित्य सैकड़ों-हजारों पर्यटक देवीक विशेष दर्शन लेल अबैत अछि आ मान्यता अनुसार सब कियो मनोकामना शखड़ेश्वरी भगवती दर्शन: आस्था आ पर्यटन दुनू दृष्टि सँ महत्वपूर्ण

२०१५ मे मिथिला राज्य केर मुद्दाक संक्रमण दौर आ २०२० मे निर्णीत युद्ध: मिथिलावादी नेता राजेश्वर

साक्षात्कार मिथिलावादी नेता राजेश्वर – मिथिला राज्य निर्माण सेनाक संस्थापक सदस्य आ अध्यक्षीय पीठ केर सदस्य समेत रहल शिक्षाविद् राजेश झा उर्फ नेता राजेश्वर संग मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक प्रवीण नारायण चौधरी संग भेल साक्षात्कार प्रस्तुत कैल जा रहल अछि। विदित हो जे नेता राजेश्वर दिल्ली एनसीआर मे रहैत निजी शिक्षण संस्थान केर प्रधानाध्यापक रहितो २०१५ मे मिथिला राज्य केर मुद्दाक संक्रमण दौर आ २०२० मे निर्णीत युद्ध: मिथिलावादी नेता राजेश्वर

एहि मे पिंकीक कोन दोख?

नैतिक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी “बात ई नहि छैक जे ओ अपन मने विवाह कय लेलक, सिर्फ एहि पर सोचू जे पिंकी जाहि तरहें एतेक उच्च परिष्कृत शिक्षा ग्रहण कयलक आ तेकर बादो पिता के परेशान होइत देखलक तऽ ओ करबे कि करितय? ओकर मजबूरी के आखिर किऐक नहि सोचि रहल छी अहाँ सभ? एहि मे पिंकीक कोन दोख?