मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि
किसलय कृष्ण, सहरसा। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! दिन कटाउन लगैय’ ….राति भयाउन लगैय’…अहाँ बिनु जिनगी जेना काँट केर हार…..कोनो चर्चित गीतकारक ई पाँति मोन पड़ि रहल अछि आइ पाठकजी बिनु….. जिनका मोनमे दरेग छल अपन माटि, मनुक्ख आ मातृभाषा प्रति, जिनका आँखिमे सिनेह छल अपन अनुजपीढ़ी प्रति, जिनक हाथमे लेखनी छल हिन्दी पत्रकारिता मे … मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि









