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प्रवीण नारायण चौधरी

विराटनगर मे होयत शैली सिंह केर ‘मिथिलाक गीत-नाद’ कार्यक्रम

विराटनगर, मार्च २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि संपन्न पटनाक मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मे सुश्री शैली सिंह केर गायन मे ‘मिथिलाक गीत-नाद’ कार्यक्रम प्रस्तुत कैल गेल छल। एहि अवसर पर मिथिलाक गीत-नाद सीडी केर विमोचन पद्मश्री गजेन्द्र नारायण सिंह द्वारा कैल गेल छल। संगहि एहि सत्र केर संचालन मिथिलाक पौराणिक गीत एवं गायन शैलीक शोधक संग विराटनगर मे होयत शैली सिंह केर ‘मिथिलाक गीत-नाद’ कार्यक्रम

दरिभंगा सँ शोक संदेश

दरभंगा, मार्च २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आकशवाणी केर संवाददाता एवं मैथिली कवि संग मिथिला अभियानी स्रष्टा मणिकान्त झा केर १८ वर्षीय पुत्र दीपक कुमार झा केर असामयिक मृत्यु सँ दरभंगा सहित समस्त मैथिली-मिथिला जगत् मर्माहत् अछि। मैथिली भाषा ओ साहित्य केर सेवा मे निरन्त कार्यरत विभिन्न संस्था मणिकान्त झा केर पुत्र शोक केर कारण स्वयं दरिभंगा सँ शोक संदेश

वाचस्पति प्रतिमा अनावरण सह स्मृति पर्व समारोह ठाढी मे

ठाढी, मधुबनी। मार्च २, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मधुबनीक सुप्रसिद्ध गाम आर मिथिलाक ऐतिहासिकता एवं पौराणिकता केँ जीवन्त राखय मे सर्वथा अग्रसर गाम – पुरातात्त्विक दृष्टिकोण सँ समस्त मिथिलाक राजधानी क्षेत्र रूप मे वर्णित ‘ठाढी’ गाम जे नव्य न्याय केर उद्भेदक पंडित वाचस्पति मिश्र तथा कविश्वर चन्दा झा केर भूमिक रूप मे जगविदित सेहो अछि ‍- एहि वाचस्पति प्रतिमा अनावरण सह स्मृति पर्व समारोह ठाढी मे

डा. चन्द्रमणि द्वारा युवा रचनाकार व मुखपोथी मैथिलकेँ संबोधन

डा. चन्द्रमणि झा, २७ फरबरी, २०१६. मैथिली नवकबेर रचनाकार सब सँः मैथिल नवकबेर रचनाकारलोकनि सँ ! नव पीढ़ीक मैथिली कवि-लेखक लोकनि आह्लादित करैत छथि। जौं ई लोकनि अपन शिक्षाक प्रति एहिना साकांक्ष होथि तs नीक बात। नहि तs हमर बात पर कान देथि। नवसिखुओ सन लिखनिहार नीक पदधारक छथि तs हुनका व्यापक रचनाकार मानल जाइछ। डा. चन्द्रमणि द्वारा युवा रचनाकार व मुखपोथी मैथिलकेँ संबोधन

बुटवल मैथिल समाज नेपाल केर ९वम् वार्षिक सभा संपन्न

बुटवल, नेपाल। फरबरी २९, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! समाजक अध्यक्ष एवं आजीवन सदस्य श्रीमुखीलाल चौधरीक सभापतित्व तथा समाजक आजीवन सदस्य एवं नेपाल विद्युत प्राधिकरण, बुटवल क्षेत्रीय कार्यालयक निर्देशक श्रीकाशेन्द्र प्रसाद यादवक प्रमुख आतिथ्य में दिनाड़्क 2072/11/07 गते शुक्रदिन मैथिल समाज नेपाल रुपन्देही, बुटवलक 9 वम् वार्षिक साधारण सभा सम्मपन्न कएल गेल अछि । समाजक इएह 9 बुटवल मैथिल समाज नेपाल केर ९वम् वार्षिक सभा संपन्न

दिल्ली मे ‘पाग बचाउ’ अभियानः बयानचन्द आ हुकुमचन्द जलन मे

दिल्ली। फरबरी २९, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि २८ फरबरी, २०१६ एकटा भव्य समारोह केर आयोजन करैत ‘पाग बचाउ’ अभियान केर शुरुआत कैल गेल अछि। एखन सविस्तार एहि विषय मे कोनो जानकारी उपलब्ध नहि भऽ सकल अछि, परन्तु सामाजिक संजाल फेसबुक पर टुकड़ा-टुकड़ा मे भेटि रहल समाचार मुताबिक ई मानल जा रहल अछि जे पुनः मिथिलाक दिल्ली मे ‘पाग बचाउ’ अभियानः बयानचन्द आ हुकुमचन्द जलन मे

साहित्यांगन केर दोसर कीर्ति-कुम्भ झंझारपुर मे संपन्न

साभारः मलयनाथ मिश्र, झंझारपुर, मधुबनी। २८ फरबरी, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! “साहित्याङ्गन” झंझारपुर (मधुबनी) केर दोसर कीर्ति कुम्भ क सफलतापूर्वक आयोजन आइ सम्पन्न भेल। पहिल सत्रमे:- “कृतग्य मिथिला” कृतग्य साहित्याङ्गन सम्मान 2016 सँ डॉ विश्वेश्वर झा आ डॉ मुरलीधर झा जी केँ सम्मानित केलक। दोसर सत्र मे:- कीर्ति कुम्भ जे महाकवि पं0 लाल दास पर केन्द्रित साहित्यांगन केर दोसर कीर्ति-कुम्भ झंझारपुर मे संपन्न

मातृभाषा मैथिली केर सेवा प्रति वर्ष मे दुइ-दुइ मेवाः मैसाम-दिल्ली

विशेष संस्मरणः  सन्दर्भ दिल्ली मे अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस केर आयोजन आ मैथिलीक भविष्य लेल युवाजनक प्रयास मैथिली भाषा ओ साहित्य केर सेवा लेल हरेक वर्ष देल जाएत ‘मैसाम सम्मान’ व ‘मैसाम युवा सम्मान’ मैसाम – दिल्ली केर मंच द्वारा विशुद्ध साहित्य सेवा, राजनीति लेल कोनो जगह नहि देल जायतः अध्यक्ष अमर नाथ झा  अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मातृभाषा मैथिली केर सेवा प्रति वर्ष मे दुइ-दुइ मेवाः मैसाम-दिल्ली

विमेन अफ वर्थ लेल मिथिलाक बेटी जया झा नामित

परिचयः विशिष्ट व्यक्तित्व ‘जया झा’ जया झा एकटा लेखिका आर वक्ता छथि, जिनकर तीन कविता संग्रह आर एकटा उपन्यास प्रकाशित छन्हि। जया मार्केटिंग तथा स्ट्रेटेजी मे आइआइएम लखनऊ सँ एमबीए तथा आइआइटी कानपुर सँ बी टेक केने छथि। संगहि पोथी-डट-कम केर सह-संस्थापक सेहो छथि जे बाजार, वित्त तथा दिन-प्रति-दिनक कार्यभार सम्हारैत छथि। गूगल ईन्डिया मे विमेन अफ वर्थ लेल मिथिलाक बेटी जया झा नामित

विश्व मातृभाषा दिवस पर प्रसंगवशः कोयली आ कौआक कथा

विचार आलेख – ओम प्रकाश महतो ‘वैद्य’, दरभंगा कोयलीक क्रूरता मधुमास बसंतक उषा काल मे वन-उपवन मे घूमबाक मजे किछ आर छैक, ताहु मे जँ कोयलीक कू-कू कान मे सुनाय दियऽ तखन तऽ सहजहि मन मयूर नाचय लागैत अछि । बालपनक ओ सुर मे सुर मिला कू-कू करब, पतझड़क बाद नव पल्लवित गाछ-वृक्षक डाढि-पात मे विश्व मातृभाषा दिवस पर प्रसंगवशः कोयली आ कौआक कथा