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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली भाषाक अध्ययन सीबीएसई कोर्स मे संभवः शिक्षा विभाग

जुलाई १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली-मिथिला अभियानी कौशल कुमार फेसबुक मार्फत जानकारी साझा करैत अवगत करौलनि अछि जे मैथिलीभाषी लेल सीबीएसई कोर्स मे पढेनिहार विद्यालय सँ अपन विद्यार्थी केँ मैथिली भाषा अध्ययन करेबाक मांग करबाक चाही। एहि मांग अनुरूप सीबीएसई अपन विद्यालय मे आवश्यक सुविधा उपलब्ध करेबाक इन्तजाम करबाक प्रावधान अछि। ई जानकारी वास्तव मे मैथिली भाषाक अध्ययन सीबीएसई कोर्स मे संभवः शिक्षा विभाग

ब्रजस्थ मैथिल आ नेवारी मैथिल जेकाँ सबकेँ संघर्ष करय पड़त

कि अहाँ केँ पता अछि?   मिथिलाक लोक निज राज्य बिहार आ झारखंड केर अलावा नेपाल, नर्थ ईस्ट इंडिया, बंगाल, उड़ीसा, मध्य देशी लगभग संपूर्ण राज्य संग पश्चिमोत्तर भारत धरि अपन पाण्डित्य परंपरा आ बौद्धिकताक संग-संग ईमानदार श्रमसेवा करैत निर्माण सँ लैत संरक्षण-संवर्धन सब कार्य करैत प्रसिद्धि पेने अछि। जेना मणिपुर राज्य केर भाषा ‘मैति’ ब्रजस्थ मैथिल आ नेवारी मैथिल जेकाँ सबकेँ संघर्ष करय पड़त

जनकक मिथिला राज्य चाही

केकरा चाही मिथिला राज्यः सर्वेक्षण आ परिणाम   – प्रवीण नारायण चौधरी सन्दर्भ – मैथिली जिन्दाबाद वेब पोलिंग (मतदान)   प्रश्न – अहाँ केँ कोन मिथिला राज्य चाही?   जानकीक बाप जनकक मिथिला (79%, 57 Votes) हमरा लेल बिहारे नीक अछि (13%, 9 Votes) बाभन-सोलकन आ जातिवादी सँ ग्रसित मिथिला (8%, 6 Votes) Total Voters: जनकक मिथिला राज्य चाही

मिथिला में साहित्य संस्कार का प्रखर परिचयः यात्री ऊर्फ नागार्जुन

आलेखः मैथिली के यात्री – हिन्दी के नागार्जुन – प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (मिथिला) – हाल दिल्ली से (साभार फेसबुक, जून ३०, २०१६ यात्री के जन्मदिन पर लिखा लेख) मिथिला साहित्य आरम्भ से ही कितना प्रगितिशील रहा है इसका एक उदाहरण मिथिला के कवि वैद्यनाथ मिश्र हैं। आज ही के दिन जन्में श्री मिश्र मिथिला में साहित्य संस्कार का प्रखर परिचयः यात्री ऊर्फ नागार्जुन

शपथ ली जे मिथिला लेल यथायोग्य अपन योगदान दैत रहब

विशेष संपादकीय – आमंत्रित संपादक राम बाबु सिंह पैछला १२ अप्रैल मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा गंभीर चिन्तन शिविर मे दिल्ली, कानपुर, पटना सहित दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, अररिया आदि सँ  अभियानी लोकनि आबि ई संकल्प लेलनि जे २०१९ धरि मिथिला राज्य निर्माण लेल आन्दोलन केँ आगू बढबैत भारतक संविधान मे मिथिला केँ सम्मानपूर्वक राज्यक दर्जा दिया शपथ ली जे मिथिला लेल यथायोग्य अपन योगदान दैत रहब

मैथिली लघुकथा आ विहनिकथा मे तुलनात्मक विवेचनः मुन्नाजी

आलोचनाः लघुकथा आ विहनिकथा- तुलनात्मक विवेचन मनोन कर्ण उर्फ मुन्ना जी पढ़बा लिखबा सँ पहिने सुनबा गुणवाक परिपाटी छल. जे परिपाटी मनुक्खक पशु सँ भिन्नता पविते प्रारम्भ भ’ गेल हएत. मुदा से आदि मानव मे नै रहल हएत. ई सौभाग्य त’ मनुक्खक विकसीत रूपें के भेटल हेतै. प्रारम्भ मे एक दोसराक बीच कह- सुनी आ ओकरा मैथिली लघुकथा आ विहनिकथा मे तुलनात्मक विवेचनः मुन्नाजी

पर्यावरण रक्षा आ कोर्पोरेट सामाजिक दायित्व मे दैनिक जागरण

सुभाषचन्द्र झा, सहरसा। जुलाई १, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! ग्लोबल वार्मिंग केर खतरा सँ संघर्ष लेल पर्यावरण केर रक्षा करब जरुरी छैक। पर्यावरणक रक्षा वृक्षारोपण सँ होयत आर मानव सभ्यता पर बनि रहल खतरा सँ मुक्ति लेल वर्तमान समय मे कोर्पोरेट जगत केर ई सामाजिक दायित्व मे सेहो पड़ैत छैक। एहि भावना केँ आत्मसात करैत दैनिक पर्यावरण रक्षा आ कोर्पोरेट सामाजिक दायित्व मे दैनिक जागरण

खल खल हांसे मोर अंगनमा से दियऽ ने ललनमां माँ

साभारः भारती रामानन्द, दरभंगा केर ‘हम सब मिथिलावासी’ पर कैल गेल पोस्ट सँ ई सुन्दर भगवतीक गीत एतय पोस्ट कैल जा रहल अछि खल खल हांसे मोर अंगनमा दीयऽ ने ललनमां हे माँ मां हे जुड़बू ने हमर नयनमा द दीयऽ ने ललनमां हे माँ!!   कल जोरी ठाढ अछि बझिनियाँ गोहरबै यऽ चरणियां हे खल खल हांसे मोर अंगनमा से दियऽ ने ललनमां माँ

अखिल भारतीय मिथिला पार्टी करत केस बिहार सरकार पर

साभार फेसबुकः मैथिली जिन्दाबाद!! अखिल भारतीय मिथिला पार्टीक राष्ट्रीय महासचिव रत्नेश्वर झा बिहार मे संपन्न पंचायती चुनाव उपरान्त प्रखण्ड आ जिला स्तर पर कैल जा रहल प्रमुख, उप-प्रमुख तथा अन्य पदक चुनाव मे निर्दलीय उम्मीदवारी प्रथा सँ राजनीतिक दलीय व्यवस्था मे जोड़बाक नीति केँ आलोचना करैत अपन विचार रखैत कहलैन अछि जे एहि तरहक कार्य अखिल भारतीय मिथिला पार्टी करत केस बिहार सरकार पर

चराचर संसार मे सब जीवकेँ सीताराममय जानि प्रणाम करू

आध्यात्मिक चर्चाः रामचरितमानस केर मंगलाचरण विगत किछु समय सँ सर्जक मैथिल जनमानस हेतु विशेष रूप सँ महाकवि तुलसीदास रचित रामचरितमानस केर मंगलाचरणमे प्रस्तुत शिष्टाचार-संस्कार केर चर्चा अलग-अलग शीर्षक मे करैत आबि रहल छी। कोनो महान कार्य करबा सँ पूर्व लोक कतेक गंभीर बनय, कि-कि करय आ कोन तरहें आशीर्वाद प्राप्त करैत आगू बढय, एकरा लेल चराचर संसार मे सब जीवकेँ सीताराममय जानि प्रणाम करू