सब सभक अस्तित्व स्वीकार करय, एहि मे हित अछि: रोशन जनकपुरी
विचार – रोशन जनकपुरी नेपालमे मगही भ्रम बाहेक दोसर किछु नहि थिक। ई मुख्यतः गंगा नदीक ओहि पार अर्थात् दक्षिणपट्टी आर किछु भाग गंगाक उत्तरपट्टीक भाषा थिक। ओहि दिश सँ आयल किछु लोक नेपाल मे आयल तेकरा द्वारा बाजल जायब भऽ सकैत अछि। ताहि सम्बन्ध मे किछु नहि कहक अछि। वस्तुत: नेपाल मे आर प्रदेश नम्बर २ … सब सभक अस्तित्व स्वीकार करय, एहि मे हित अछि: रोशन जनकपुरी









