सुरुजक छाहरि कृति लेल कवि मनोज शाण्डिल्यकेँ भेटतनि कीर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान

किसलय कृष्ण, समाचार सम्पादक, मैथिली जिन्दाबाद । अक्टूबर २५, २०१८ । 

मैथिली साहित्यक क्षेत्रमे कविता विधाक लेल विशेष रूपसँ देल जायवला किर्तिनारायण मिश्र साहित्य सम्मान एहि बेर युवा कवि मनोज शाण्डिल्यकेँ प्रदान कयल जेतन्हि । चेतना समिति पटना द्वारा ई सम्मान प्रतिवर्ष आयोजित विद्यापति स्मृति पर्वक अवसर पर प्रदान कएल जाइत अछि । साहित्य अकादमी पुरस्कारसँ सम्मानित बरौनी (बेगूसराय) निवासी , मैथिलीक चर्चित साहित्यकार किर्तिनारायण मिश्र द्वारा प्रदत्त कोषसँ संचालित ई पुरस्कार एखनि धरि कैकटा महत्वपूर्ण कविकेँ देल जा चुकल अछि । एहि खेपक पुरस्कार लेल मनोज शाण्डिल्यक नामक घोषणासँ साहित्य जगतमे हर्षक माहौल अछि ।

ज्ञात हो जे कवि शाण्डिल्यकेँ उक्त सम्मान हुनक प्रकाशित पोथी “सुरूजक छाहरिमे” लेल देल जेतन्हि । नई दिल्लीक मैलोरंग प्रकाशनसँ प्रकाशित उक्त पोथी समकालीन मैथिली कविताक पटल पर सार्थक हस्तक्षेप रूपमे प्रकाशनोपरान्ते परिगणित अछि । सूत्रसँ प्राप्त जनतब अनुसार एहि बेर एहि पुरस्कारक निर्णायक मंडलमे छलाह , प्रसिद्ध लेखक शिवशंकर श्रीनिवास, फूलचन्द्र मिश्र रमण आ अजित आजाद ।

पुरस्कृत रचनाकार मनोज शाण्डिल्य मूलतः मधुबनी जिलाक नागदह गामवासी छथि आ सम्प्रति तेलांगनाक राजधानी हैदराबादमे बैंकिंग सेक्टरमे अधिकारी छथि । ओतय सेहो देसिल बयना नामक संस्थासँ सम्बद्ध भऽ मैथिली साहित्यक उन्नयनमे सक्रिय छथि । भाषा प्रति स्नेह हुनका विरासतमे भेटल छनि । हिनक पिता दयानाथ झा मैथिली रंगमंचक ख्यात अभिनेता आ निर्देशक रहि चुकल छथि, तऽ कक्का बुद्धिनाथ झा कुशल उद्घोषक आ रचनाकार रूपमे परिचित नाम । कोलकाता रंगमंचक सशक्त अभिनेता भवनाथ झा हिनक छोट कक्का । सरल स्वभावक मनोज शाण्डिल्य अपन सृजन आ जीवन दुनूमे स्पष्टवादी छथि, जे हिनक रचनाकेँ विशिष्ट बनबैत अछि । हालहि हिनक दोसर काव्य संकलन “औनायल रातिक भोर” मधुबनीक नवारम्भ प्रकाशनसँ प्रकाशित भेल अछि ।

हाँ….एकटा बात बिसरब बइमानी होयत, तें कहि दी जे हिनक अर्द्धांगिनी शारदा झा सेहो मैथिलीक चर्चित कवयित्री छथि । अकादमीय तिकड़म हो वा साहित्यिक गौलैसी , सभ पर वैचारिक प्रहार केनिहार रचनाकार मनोज शाण्डिल्यक एहि पुरस्कार लेल चयन निश्चितरूपेण आह्लादकारी अछि । मैथिली जिन्दाबाद परिवार दिश सँ बधाई ।