आउ किछु सुनबैत छी – किसलय कृष्ण

गीत

– किसलय कृष्ण

मांगी नइ हम जे सुरूज की चान द’ दिअ ।
हेरायल सन हमर मैथिल पहिचान द’ दिअ ।

चाही नइ ग्लोबल वा त्लोबल जेना कोनो गाम,
कने अंगना- दलान संग मचान द’ दिअ ।
हेरायल सन हमर मैथिल पहिचान द’ दिअ ।

सुआद ओ कहाँ छै एहि पेटीस आ पिज्जामे,
बरु अल्हुए सही तिरहुतिया सम्मान द’ दिअ ।
हेरायल सन हमर मैथिल पहिचान द’ दिअ ।

दिल दिल्ली चोरौलक आ पसेना पैनजाब ,
छै ठोर फुफरी पड़ल कने पान द’ दिअ ।
हेरायल सन हमर मैथिल पहिचान द’ दिअ ।

किसलय कोना क’ बचाबी माटि- पानि ,
मिसिये भरि मोन मे स्वाभिमान द’ दिअ ।
हेरायल सन हमर मैथिल पहिचान द’ दिअ ।