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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिलीक महत्‌त्रयः डा. सुभद्र झा

पोथी विमर्श – डा. रामदेव झा रचित ‘डा. सुभद्र झा’ – साहित्य अकादमी द्वारा प्रकाशित चिन्हू मैथिली भाषाक महत्‌त्रय डा. सुभद्र झा केँ मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मे खास रूप सँ अवसर भेटैत अछि अनुभवी साहित्यकार, कथाकार, उपन्यासकार, कवि, लेखक आदि सँ भेंट करैत हुनका सब सँ विशेष किछु सिखबाक…. यैह भेल एहि बेर दिल्ली मे मैथिलीक महत्‌त्रयः डा. सुभद्र झा

मैथिली केँ झारखंड मे दोसर राजभाषाक दर्जाः मुख्यमंत्री रघुवर दासक सबका साथ सबका विकास

२१ मार्च, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! झारखंड सरकार द्वारा मैथिली, मगही, भोजपुरी तथा अंगिका भाषा केँ दोसर राजभाषा केर मान्यता देल गेल अछि। मुख्यमंत्री रघुवर दास सहितक कैबिनेट बैसार द्वारा ई निर्णय लेल गेल। एहि सँ पूर्व झारखंड मे अन्य १२ भाषा केँ राजभाषाक दर्जा भेटि चुकल छल। साभारः एवेन्यु मेल राँची, मार्च २१ः झारखंड सरकार मैथिली केँ झारखंड मे दोसर राजभाषाक दर्जाः मुख्यमंत्री रघुवर दासक सबका साथ सबका विकास

वाचस्पति स्मृति समारोह दुइ-दिवसीय आयोजन मे साहित्यिक-आर्थिक-सामाजिक विन्दुपर चिन्तन

ठाढी, १८ मार्च, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! २०१६ ई. मे विद्यावारिधि सर्वतंत्र स्वतंत्र वाचस्पति मिश्र केर प्रतिमा अनावरण पछाति २०१७ आ २०१८ केर एहि वर्षक स्मृति समारोहक आयोजन सेहो भव्यताक संग मिथिलाक प्रसिद्ध ऐतिहासिक गाम ठाढी (मधुबनी) मे संपन्न भेल । कार्यक्रम संयोजक रत्नेश्वर झा मैथिली जिन्दाबाद केँ जनतब देलनि जे एहि वर्षक आयोजन दू-दिना होयबाक वाचस्पति स्मृति समारोह दुइ-दिवसीय आयोजन मे साहित्यिक-आर्थिक-सामाजिक विन्दुपर चिन्तन

लिटरेचर फेस्टिवलक तेसर दिन, भोजपुरी संग सहोदरी आ मैथिली रैम्प केर नव प्रयोग रहल आकर्षक

नई दिल्ली, मार्च १८, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ तेसर दिन पुनः अलग-अलग सत्रक प्रखर प्रस्तुतिक संग मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल भारतक राजधानी नई दिल्ली स्थित इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र मे समदाउन गाबि भिजल आँखिये सम्पन्न भेल। एहि मे सहभागी सैकड़ों साहित्यकार, कवि, कलाकार, अभियानी लोकनि एक-दोसर सँ गला मिलैत विगत ३ दिन सँ निरन्तरता मे लिटरेचर फेस्टिवलक तेसर दिन, भोजपुरी संग सहोदरी आ मैथिली रैम्प केर नव प्रयोग रहल आकर्षक

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१८ दोसर दिनः गरमागरम रहल सब सत्र, मैथिली फिल्म सेहो प्रदर्शित

दिल्ली, १७ मार्च, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१८ नई दिल्लीक इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्रक सभागार मे पुनः निर्धारित समय यानि ठीक १० बजे सँ आरम्भ भऽ गेल। समय समन्वय श्याम दरिहरे सहित मैथिली लेखक संघ सँ जुड़ल समस्त पुरोधा लोकनि समयक पाबन्दी केँ पहिल अनुशासन बुझैत सभागार मे विमर्शक विन्दु ‘मैथिली मीडिया’ मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१८ दोसर दिनः गरमागरम रहल सब सत्र, मैथिली फिल्म सेहो प्रदर्शित

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१८ केर पहिल दिनः वेल बिगन इज हाफ डन

दिल्ली, १६ मार्च, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल आइ समय सँ दिल्लीक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम सारिणी आ स्रोत व्यक्तित्व केर सहभागिता में शुभारंभ भ गेल। पुनः वैह गरिमा, वैह ओज, वैह मूल्य आ ओतबे महत्वपूर्ण मान्यता केँ स्थापित करैत भारतक राजधानी दिल्ली में सेहो पूर्वक दुइ पटनाक आयोजन मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०१८ केर पहिल दिनः वेल बिगन इज हाफ डन

बिना पढनहि टिप्पणी करैत अछि, पहिने ढंग सँ पढूः मनुस्मृति मे नारी प्रति प्रकट उद्गार

मनुस्मृति मे नारी प्रति प्रकट उद्गार   – लेखकः संजीव नेवार – अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी   एहि लेख मे हम महर्षि मनु केर अनुपम कृति मनुस्मृति पर थोपल गेल तेसर आरोप – स्त्रीविरोधी होयबाक आर ओकर अवमाननाक विश्लेषण करब |   मनुस्मृति मे कयल गेल प्रक्षेपण केँ हम पहिल लेख मे देखिये चुकल छी, बिना पढनहि टिप्पणी करैत अछि, पहिने ढंग सँ पढूः मनुस्मृति मे नारी प्रति प्रकट उद्गार

मैथिलीक बारे मे मानव संसाधन विकास मंत्री जावड़ेकर अपन सूचना परिमार्जित करथिः बैजू

दरभंगा, १२ मार्च २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला प्राचीन कालेसँ जगत विख्यात रहल अछि। ज्ञान-ध्यानक क्षेत्र में ई सर्वदासँ श्रेष्ठ रहल अछि। जाहि षड्दर्शनकेँ ल भारत विश्वगुरुक पदपर आसीन रहल ताहिमे चारिटाक जन्मभूमि मिथिले रहल अछि। वैदिक कालेसँ मिथिला आ मैथिली अपन स्वतन्त्र परिचिति स्थापित रखलक। मैथिली त्रेता युगेसँ विश्वक मार्गदर्शन करैत रहली। मिथिला पुत्री सीताक मैथिलीक बारे मे मानव संसाधन विकास मंत्री जावड़ेकर अपन सूचना परिमार्जित करथिः बैजू

मुम्बई मे मैथिली पुस्तक उपलब्ध करेबाक अनुपम प्रयास

साभारः धर्मेन्द्र कुमार झा फेसबुक स्टेटस दिल्ली में मैथिली मचान बनल पुस्तक मेला में काफी सराहना भेल। पाठक, रचनाकार आ प्रेमी लोकनिक जमावड़ा सेहो देखायल। मैथिली पोथी लोक किन क’ पढ़य एहि दिशा में दिनोदिन नव प्रयास भ’ रहल अछि आब । नबका तुर सब सेहो रुचि ल रहलाह अपन भाषाक साहित्य काव्य में, ई मुम्बई मे मैथिली पुस्तक उपलब्ध करेबाक अनुपम प्रयास

महिला उत्थान त दूर, रूढिवादी विचार होइछ मूल बाधा

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी नारी केँ आगू बढबय मे रूढिवादी विचारधारा सब सँ पैघ बाधक   (मिथिलानी आ मिथिला समाजक रूढिवादी सोच)   परसू एक वैवाहिक उत्सवपर आयोजित गीत-संगीत कार्यक्रम मे अतिथिक रूप मे भाग लऽ रहल छलहुँ। ओतय एकटा महिला कलाकार संग नमस्कार-पाती भेलाक बाद हम कहलियैन, “अहाँक पति आ परिवार केँ धन्यवाद महिला उत्थान त दूर, रूढिवादी विचार होइछ मूल बाधा