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प्रवीण नारायण चौधरी

सर्वेक्षण

सर्वेक्षण   (योग्य आ कुशल सहभागी लेल मात्र)   १. अहाँक मूल निवास स्थल केर नाम जिला सहित कि?   २. अहाँक गाम/शहर केर जनसंख्या कतेक?   ३. पुरुष तथा स्त्रीक जनसंख्याक अनुपात कि अछि?   ४. बाल-बालिकाक जनसंख्या कतेक?   ५. स्वच्छता आ पर्यावरणक स्थिति केहेन?   ६. जन्म आ मृत्यु दर तथा स्वास्थ्यक सर्वेक्षण

द्वादश ज्योर्लिंग केर अर्चा विग्रहः सोमनाथ महादेव केर पूर्ण परिचय

द्वादश ज्योतिर्लिंग केर अर्चा-विग्रह   एहि विश्वमे जे किछु दृश्य देखल जाएछ तथा जेकर वर्णन एवं स्मरण कयल जाएछ, ओ सबटा भगवान् शिव मात्र केर रूप थिक। करुणासिन्धु अपन आराधक, भक्त तथा श्रद्धास्पद साधक व प्राणिमात्र केर कल्याणक कामना सँ हुनका सभपर अनुग्रह करैत स्थल-स्थलपर अपन विभिन्न स्वरूप मे स्थित अछि। जतय-जतय जखन-जखन भक्त लोकनि द्वादश ज्योर्लिंग केर अर्चा विग्रहः सोमनाथ महादेव केर पूर्ण परिचय

मैथिली फिल्म केर स्टार चेहरा छथि अभिराज झा

कुमार विकास, मंगोलपुरी, दिल्ली। अप्रैल ४, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फिल्म केेर सुवर्णमयी इतिहास मे एकटा अविस्मरणीय नाम अछि “सस्ता जिनगी महग सेनुर”। ई सुपर हिट फिल्म मैथिली फिल्म केँ नया ऊँचाई देबाक बात विश्लेषक सब त कहिते छथि, गामहु-घर केर लोक एहि फिल्म केँ आइ धरि नहि बिसैर सकल अछि। फिल्म केँ लोकप्रियता दियेनिहार मैथिली फिल्म केर स्टार चेहरा छथि अभिराज झा

मैथिलीपुत्र प्रदीप केँ समर्पित रचनाः कवि मणिकान्त झा

समर्पण – मणिकान्त झा हे मैथिली पुत्र प्रदीप धन्य धरा कथवार गामकेँ सगरि राति जडै़ यअ दीप कोनाक मैथिल बिसरि सकताह हे मैथिली पुत्र अहॉकेँ प्रदीप ॥१॥ साल छत्तीसम शतक उन्नैसम दू अप्रिल पावन जन्म दिन फागुन कृष्ण पंचमी बुध केर प्रभु नारायण भक्ति मे लीन ॥२॥ सेवी सदिखन मॉ मिथिले केर भाषा भक्ति केर मैथिलीपुत्र प्रदीप केँ समर्पित रचनाः कवि मणिकान्त झा

मैथिली गीतः जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ

गीत – प्रवीण नारायण चौधरी जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ घुमेबौ हम सारा जहान गै घुमऽवाली घुमि-घुमि न लागौ घुरमा   गोरी तोहर बड़ घूमय के इच्छा एतबा नहि ले तूँ हमरो परीक्षा चल चल घूमय जहान गै घुमऽवाली घुमि घुमि न लागौ घुरमा….   विराटनगर बस नामहि के बड़का एतय न भेटय धूम कि धड़क्का मैथिली गीतः जनकपुर घुमेबौ काठमांडू घुमेबौ

‘तस्मात-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ – पंडित रुद्रधर झा केर मूल्यवान् विचार

दर्शन-विचार – स्व. पंडित रुद्रधर झा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी) नव्य न्याय केर परम ज्ञाता पंडित रुद्रधर झा केर लिखल एकटा अत्यन्त महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरीः ‘तस्मात्-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ प्रश्नः शास्त्रक आवश्यकता कियैक? उत्तरः जेना कोनो सम्राट् या राजा या जनताक द्वारा निर्वाचित या ओकर प्रतिनिधिक द्वारा चुनल गेल राष्ट्रपति केर अपन साम्राज्य या राज्य या जनतन्त्र या ‘तस्मात-शास्त्रं प्रमाणन्ते’ – पंडित रुद्रधर झा केर मूल्यवान् विचार

जनसंख्या विस्फोट सँ बचबाक लेल धर्मनिरपेक्षताक संग-संग जातिनिरपेक्षताक आवश्यकता

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी जन-जन मे अन्तर्संघर्ष केँ रोकय लेल जाति-निरपेक्षताक विधान बनाउ   जनसंख्या विस्फोट या प्रलयकाल आदिक परिकल्पना पढैत रही जे मनुष्य द्वारा मनुष्य पर आक्रमण कयल जायत… वर्चस्वक लड़ाई मे त एक-दोसर सँ लड़बे करत, एकटा समय एहेन आओत जे अपन भूख मेटेबाक लेल पर्यन्त मनुष्य मनुष्यहि केर माँस नोंचि-नोंचि खायत, जनसंख्या विस्फोट सँ बचबाक लेल धर्मनिरपेक्षताक संग-संग जातिनिरपेक्षताक आवश्यकता

सीता

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक राजकुमारी – जनकसुता – जनकात्मजा – भूमिसुता – भूमिजा – जानकी आदि अनेकों नाम सँ जगविख्यात् सीता – रामभार्या केँ एहि मानवलोक मे के नहि जनैत होयत! सम्पूर्ण रामायण केर एकमात्र नायिका – स्वयं नारायणी (लक्ष्मीक अवतार) मानल जाइत छथि। राजा जनकक जेठ सुपुत्रीक रूप मे आ अबध नरेश सीता

दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सवक भेल भव्य समापन रहुआ-संग्राम मे

रहुआ-संग्राम, मधेपुर। अप्रैल २, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! – रवि दिन सेहो योगाभ्यास, संगोष्ठी व सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन देर राति धरि चलल – गोसाईं बाबाक विभिन्न कुटी यथा बनगाँव, लखनौर, रमौली, जमशेदपुर, खजुरी, फैटकी व रहुआ-संग्राम केर साधक लोकनिक जुटान भेल – समारोह मे धार्मिक गीत-भजन, गजल आ काव्यक रसधारा बहैत रहल – मिथिलाक साहित्यकार, बुद्धिजीवी दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सवक भेल भव्य समापन रहुआ-संग्राम मे

लक्ष्मीनाथ गोसाईं केँ नमन, आस्था निर्माण केर एक मुख्य स्रोतः एक संस्मरण

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक केन्द्रभूमि मधुबनीक रहुआ-संग्राम गाम मे काल्हि ३१ मार्च, २०१८ सँ परमहंस संत शिरोमणि लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सव २०१८ आयोजन आरम्भ भेल अछि । समाचार सेहो मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित कयल गेल अछि। एक सँ बढिकय एक विद्वत् लोकनि गोसाईं बाबा केर स्मरण करैत हुनक आजीवन योगदान, योग, भक्ति आ सामाजिक लक्ष्मीनाथ गोसाईं केँ नमन, आस्था निर्माण केर एक मुख्य स्रोतः एक संस्मरण