दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सवक भेल भव्य समापन रहुआ-संग्राम मे

रहुआ-संग्राम, मधेपुर। अप्रैल २, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!

– रवि दिन सेहो योगाभ्यास, संगोष्ठी व सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन देर राति धरि चलल

– गोसाईं बाबाक विभिन्न कुटी यथा बनगाँव, लखनौर, रमौली, जमशेदपुर, खजुरी, फैटकी व रहुआ-संग्राम केर साधक लोकनिक जुटान भेल

– समारोह मे धार्मिक गीत-भजन, गजल आ काव्यक रसधारा बहैत रहल

– मिथिलाक साहित्यकार, बुद्धिजीवी एवं समाजसेवी लोकनि बैढ-चैढकय भाग लेलनि

रवि दिन अबेर साँझ मे दुइ-दिवसीय परमहंस संत शिरोमणि लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सव २०१८ केर समापन कयल गेल । मधेपुर प्रखण्ड केर रहुआ-संग्राम पारसमणिधाम अवस्थित लक्ष्मीनाथ साधना स्थलपर प्रातःकाल योगाभ्यास दिल्ली सँ आयल आचार्य प्रभाकर द्वारा कराओल गेल छल । दोसर सत्र मे कुटी परिचर्चा मे बनगाँव, लखनौर, रमौली, जमशेदपुर, खजुरी (सहरसा), फैटकी तथा रहुआ-संग्राम सँ जुड़ल कतेको रास साधक लोकनिक जुटान भेल । हिनका लोकनि द्वारा गोसाईं बाबाक आध्यात्मिक कृतित्व व व्यक्तित्व पर विस्तार सँ चर्चा कयलन्हि । साधक मित्रपति सिंह, मदन मोहन मिश्र, राहुल, बिलटू एवं सोहन मिश्र कहलनि जे लक्ष्मीनाथ गोसाईं केर सब कुटी केर सौन्दर्यीकरण करैत आसपास अवस्थित प्रसिद्ध पर्यटक स्थल सँ जोड़ब जरूरी अछि । एहि लेल उचित प्रचार-प्रसार आ आवागमनक सुविधाक संग-संग पर्यटक सभ लेल वांछित सुविधा सब हरेक कुटी पर बहाल करबाक कार्य पर ध्यान देनाय आवश्यक अछि । एहि परिचर्चा गोष्ठीक अध्यक्षता मित्रपति सिंह तथा मंच संचालन नारायण झा एवं धन्यवाद ज्ञापन नन्द कुमार मिश्र द्वारा कयल गेल ।

तदोपरान्त तेसर सत्र मे मिथिलाक चिर-परिचित कवि लोकनिक सङ्गोर मे भव्य कवि गोष्ठीक आयोजन कयल गेल छल । एकर अध्यक्षता कवि अमलेन्दु शेखर पाठक तथा संचालन डा. नारायण झा कयलन्हि । कवि लोकनि मे नारायण यादव, उमेश नारायण कल्प, कपिलेश्वर साहु, झाडूदारजी, योगानन्द झा, इन्द्रदेव ठाकुर, देवता नन्द झा एवं बाल कवियित्री नीति कुमारी अपन-अपन काव्य-सरिता मे श्रोता लोकनि केँ आनन्दक अनुभूति करौलन्हि ।

समारोह मे कमलाकान्त झा, हरिश्चन्द्र झा, दुःखमोचन झा, डा. नन्द कुमार मिश्र, सोहन मिश्र, डा. सतिशचन्द्र झा, सुमित सुमन, नारायण झा, रमाकांत झा, लक्ष्मी मंडल, डा. अशोक अविचल सहित कतेको रास अन्य गणमान्य लोकनिक उपस्थित छलाह । विदिते अछि जे एहि आयोजनक संयोजन सुमित सुमन द्वारा कयल गेल ।