व्यंग्य प्रसंगः फल्लाँ बाबू मैथिल केर कथा
व्यंग्य प्रसंग – प्रवीण नारायण चौधरी फल्लाँ बाबू मैथिल कहियो-कहियो फल्लाँ बाबू मैथिल हमरा लंबा-लंबा गप दैत भेटि जाइत छथि। गप एहि द्वारे जे सब दिन ओ गपे टा मारलनि। काजक बेर ओ पतनुकान लय लेलनि। जे सिर्फ बाजय आ करय किछो नहि तेकरे न गप्पी कहल जाइत छैक। गप्पीक गप सुनय मे बड … व्यंग्य प्रसंगः फल्लाँ बाबू मैथिल केर कथा








