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प्रवीण नारायण चौधरी

रमण केर विवाह (मैथिली कथा)

मैथिली कथा – रमण केर विवाह – प्रवीण नारायण चौधरी भागवत मंडल केर नाम गामक एक सज्जन आ सम्भ्रान्त व्यक्तिक रूप मे लेल जाइत छलन्हि। २ गोट बेटाक विवाह सेहो अपना सँ साधारण परिवारक बेटी संग कएने छलाह। दुनू बेर मे हुनका द्वारा समधियाना मे पुतोहु नहि बेटी रूप मे पुतोहु लय जेबाक बात कहिकय रमण केर विवाह (मैथिली कथा)

आइ कि सब भेल ‘मैथिली-मिथिला’ मे

मैथिली-मिथिलाक ‘दिन-भैर’ ७ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! १. दिलीप कुमार झा, मधुबनी रायपुर (छत्तीसगढ़) आयल छी किछु नीजी काज सँ।एतय मैथिलीक जोत जगाब’बला , अपन मातृभूमिक स्मृति के संजोगि क’ राखबला “मैथिली प्रवाहिका” वार्षिक पत्रिका के संपादक मनीष कुमार झा सँ भेट भेल।बहुत अह्लादकारी रहल भेट।हिनक पूर्वज बेनीपट्टीक डूमरा गाम सँ प्रवजन क’क’ आयल छलाह।हिनका आइ कि सब भेल ‘मैथिली-मिथिला’ मे

मिथिलाक वैवाहिक उत्सव आ ‘स्वयंवर’ प्रथा पर एक सुझाव

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक विवाह मे नवका प्रचलन ‘स्वयंवर’ केर रीत – एक सुझाव मानैत छी जे हमरा लोकनि आब मूल गाम-ठाम सँ प्रवासक जीवन जिबाक लेल बाध्य छी। बहुत रास विध-व्यवहार सँ जानि-बुझिकय मुक्ति पेबाक नियति बनि गेल अछि सेहो सच। लेकिन किछु कुरूप आ विद्रूप व्यवहार दोसर संस्कृति सँ नकल करब मिथिलाक वैवाहिक उत्सव आ ‘स्वयंवर’ प्रथा पर एक सुझाव

दहेज मुक्त मिथिला लेल उद्यमी-व्यवसायी द्वारा अपन नामक बैनर मार्फत नाराक प्रचार

माँगरूपी दहेज केर प्रतिकार करू, स्वेच्छाचार धर्म केँ बढावा दैत आपस मे कुटमैती जेहेन पवित्र सम्बन्ध कायम कय आगाँक पीढी-सन्तति केँ धराधाम मे आबय दियौक। – दहेज मुक्त मिथिला अभियान दहेज मुक्त मिथिला केर आह्वान पर एक सहयोग एहनो!   किछु दिन पहिने ‘दहेज मुक्त मिथिला’ ग्रुप पर अगबे अपन उद्यम या कीर्ति आदिक विज्ञापन दहेज मुक्त मिथिला लेल उद्यमी-व्यवसायी द्वारा अपन नामक बैनर मार्फत नाराक प्रचार

काठमांडू मे मैथिली नाटक – बेस्ट थियेटरिकल तकनीक संग प्रदर्शन आरम्भ भेल काल्हि सँ

विराटनगर, ४ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मिता आब कोना चलब – मैथिलीक चर्चित नाटक केर प्रदर्शन काठमान्डूक मण्डला नाटकघर अनामनगर मे भेल आरम्भ, प्रतिदिन संध्या ५ बजे सँ एकर प्रदर्शन लगातार १५ दिन धरि चलत   काल्हि २० गते वैसाख सँ काठमान्डूक मण्डला नाटक घर मे मैथिली नाटक “मिता आब कोना चलब” केर प्रदर्शनक शुभारम्भ काठमांडू मे मैथिली नाटक – बेस्ट थियेटरिकल तकनीक संग प्रदर्शन आरम्भ भेल काल्हि सँ

कि अहाँ केँ पता छल – अहाँक आसपास एक एहेन चिड़ियाँ अछि जे केकरो करोड़पति बना सकैत य!

टिटहीक एक आर खासियत   ई तथ्य बड़ा रोचक आ महत्वपूर्ण लागल, प्रसंगवश काल्हि कहने रही एक लेख मे, आइ एकरा आरो फरिछाकय लिखबाक इच्छा भेल अछि।   मान्यता अनुसार टिटही अपन अंडा कोनो खोंता बनाकय आ आन चिड़ियाँ जेकाँ अंडा सेविकय अपन सन्तति (ऐगला पीढी) केँ एहि धराधाम मे नहि आनि एक विचित्र प्रक्रिया कि अहाँ केँ पता छल – अहाँक आसपास एक एहेन चिड़ियाँ अछि जे केकरो करोड़पति बना सकैत य!

देखू ई नजारा – चौकीदार चोर है के बदला मे ‘मोदी जिन्दाबाद’ केर नारा

आम निर्वाचनक परिप्रेक्ष्य, खोखला नारा नहि काज जे करत तेकरे टा जिन्दाबाद!!   आब जाति आ धर्म केर नाम पर जनता केँ विभाजित करब कठिन होयत भारत मे। कहबी छैक न “ये पब्लिक है सब जानती है…..” तेकरे नजारा थिक ई घटना। ओना त एखन भारत केर आम निर्वाचन समय एहेन समाचार आरो बहुत दिन देखू ई नजारा – चौकीदार चोर है के बदला मे ‘मोदी जिन्दाबाद’ केर नारा

प्रदेश २ केर नामकरण आ राजधानी लेल डा. हरिवंश झा आयोग केर सिफारिश प्रतिवेदन जमा

३ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! चिर प्रतिक्षीत ‘प्रदेशक नामकरण आ स्थायी राजधानी’ लेल सुझाव सहितक प्रतिवेदन नेपालक प्रदेश २ लेल काल्हि जनकपुर मे प्रदेशक मुख्यमंत्री केँ सौंपि देल गेलनि। एहि सन्दर्भ मे मीडिया मे काफी समय सँ चर्चा रहल छल जे सिर्फ ४५ दिनक कार्यकाल लेल गठित डा. हरिवंश झा सहित अन्य २ गोट सदस्यक प्रदेश २ केर नामकरण आ राजधानी लेल डा. हरिवंश झा आयोग केर सिफारिश प्रतिवेदन जमा

टिटहीक किछु खासियत आर कथित मैथिल विद्वानक स्थिति पर एक लेख

२ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! सम-सामयिक स्थिति पर आधारित एक लेख “टिटही आ मैथिल विद्वान्”   राति मे एकाएक टिटही चिड़िया मोन पड़ि गेल छल। काका बड नीक सँ बुझबथिन लोक सब केँ जाहि मे अक्सरहाँ ओ ‘टिटही केर टांग उठाकय राति मे सुतबाक’ मुहावरा खूब प्रयोग कयल करथिन। बस, वैह तरहक परिस्थिति आ ओ टिटहीक किछु खासियत आर कथित मैथिल विद्वानक स्थिति पर एक लेख

आजुक युग मे मिथिला केँ विश्व परिवेश मे ‘मिथिला चित्रकला’ सँ चिन्हल जाइत अछिः एक आस्ट्रेलियन शोध

अन्तर्राष्ट्रीय परिधि मे मैथिली मिथिला   सन्दर्भ मिथिला पेन्टिंग पर आस्ट्रेलिया   आजुक विश्व मे मिथिला केँ पहिचान दियाबय लेल ‘मिथिला पेन्टिंग’ अकेले दम पर सर्वोच्च स्थान हासिल कएने अछि। ओना त विद्वानक नजरि मे भारतीय हिन्दू दर्शनक कुल ६ विभाग (षट्दर्शन) मे सँ मीमांसा लेल महिर्ष जैमिनी, सांख्य लेल महर्षि कपिल, वैशेषिक लेल महर्षि आजुक युग मे मिथिला केँ विश्व परिवेश मे ‘मिथिला चित्रकला’ सँ चिन्हल जाइत अछिः एक आस्ट्रेलियन शोध