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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली मे अन्तर्विभाजन कियैक, एहि सँ कि लाभ-हानि, सन्दर्भ नेपाल मे भाषाक स्थिति

नेपाल मे भाषाक स्थिति, अन्तर्विभाजन पर विज्ञ विश्लेषणक संछिप्त लेखा नेपाल एक सार्वभौमसम्पन्न राष्ट्र नव संघीय संरचना मे वांछित प्रत्येक महत्वपूर्ण विषय केँ सिलसिलेवार अध्ययन करैत आगू बढि रहल अछि। विदिते अछि जे भाषा पहिचानक एकटा गंभीर आ महत्वपूर्ण आधार मानल जाइत रहलैक अछि, ताहि सँ एतय भाषिक सर्वेक्षण लेल प्रस्ताव अन्तरिम संविधान २०६३ विक्रम मैथिली मे अन्तर्विभाजन कियैक, एहि सँ कि लाभ-हानि, सन्दर्भ नेपाल मे भाषाक स्थिति

भाषाविद् नन्दलाल आचार्य केर बात मैथिली पर, सन्दर्भ नेपालक भाषा आन्दोलन

भाषाविद् केर विचारः बात मैथिली केर – नन्दलाल आचार्य (मूल लेख नेपाली, भाषा अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, स्रोत साभारः हिमाल खबर पत्रिका)   कोनो भाषा कतबो समृद्ध रहितो ओकर महत्व केँ स्थापित करबाक लेल ताहि भाषाक वक्ता लोकनि केँ अन्य भाषा सभ केँ आदर करय पड़ैछ।   कोनो एक भाषा दोसर भाषाक विरोधी नहि, सहयोगी भाषाविद् नन्दलाल आचार्य केर बात मैथिली पर, सन्दर्भ नेपालक भाषा आन्दोलन

जीवनक किछु गूढ दर्शन सहज अनुभवक सोझ शब्द मे

जीवनक यात्रा – प्रवीण नारायण चौधरी   जीवनक ४६म सालक यात्रा धरि कतेको रंगक अनुभव भेटल, समग्र मे एक मानव लेल मानवताक जीवन पद्धति पर चलैत रहब ‘जीवन यात्रा’ बुझायल। कतेको तरहक अनुभव, माता-पिता-परिजनक पालन-पोषण सँ लैत अपन पैर पर ठाढ होयबाक एकाकी मार्ग पर बढब… मार्ग मे कतेको कन्टक, अवरोधक, ऊभर-खाभर आ सपाट सड़क जीवनक किछु गूढ दर्शन सहज अनुभवक सोझ शब्द मे

मातृभाषाक महत्व, चीन सँ सीख लेबाक चाहीः धर्मेन्द्र झा

विचार – धर्मेन्द्र झा एखन नेपाली राजनीति एक बेर फेरो तरंगित बनि गेल अछि । तरंगित होयबाक बहुते विषय छैक । एहि विषय सभक बीच एक अछि, भाषाक विषय । प्रदेश नम्बर दुइ मे प्रदेशक भाषा कि होयत से विषय एखन खूब चर्चा मे छैक । प्रदेश नेपालीक अतिरिक्त देशक राष्ट्रियभाषा मे बेसी बाजल जायवला दुइ गोट मातृभाषाक महत्व, चीन सँ सीख लेबाक चाहीः धर्मेन्द्र झा

दरभंगा मैराथन – रन फोर दहेज मुक्त मिथिला के लिये रजिस्ट्रेशन सिर्फ कल तक

७ दिन ही बचे हैं अब, कल तक रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें!!   सहयोगी हाथों के प्रति बारंबार आभार, अभी-अभी दरभंगा से खुशखबरी मिला है।   रन फोर दहेज मुक्त मिथिला, जून १७, २०१८ दरभंगा पोलो मैदान में रखी जानेवाली समापन सभा के सम्पूर्ण प्रायोजन खर्च समाजसेवी एवं उद्योगी मुरारी मोहन झा ने अपनी ओर दरभंगा मैराथन – रन फोर दहेज मुक्त मिथिला के लिये रजिस्ट्रेशन सिर्फ कल तक

मैराथन २०१७ – रन फोर दहेज मुक्त मिथिला का एक अविस्मरणीय पल, महादेव की कृपा

ये हुई न बात!   “दहेज मुक्त मिथिला के लिये मैं दौड़ लगाऊँगा, मेरे पिताजी ने यही सपना देखा था कि जीवन में अपने समाज के लिये कोई एक शुभ कार्य करो तो इसे दहेज कूप्रथा से मुक्ति दिलाओ।” पूणे में रहकर होटल तथा फिल्म उद्यमी आर के दीपक ने पिछले साल मुझसे यही कहा मैराथन २०१७ – रन फोर दहेज मुक्त मिथिला का एक अविस्मरणीय पल, महादेव की कृपा

जानकी वाहिनीक सुप्रीमो बनती रूबी दीपक

विराटनगर, ९ जून, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!   दहेज मुक्त मिथिला द्वारा मिथिला महिला लोकनिक सशक्तीकरण लेल एकटा महिला प्रशाखाक स्थापना कयल जायत। अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक प्रवीण नारायण चौधरी ई घोषणा कयलनि अछि। ओ कहलनि, “रूबी दीपक समान सामाजिक अभियन्ता भेटब हमरा सभ लेल सौभाग्यक बात थिक। दहेज मुक्त मिथिलाक ब्रान्ड एम्बैसेडर श्री आर के दीपक केर जानकी वाहिनीक सुप्रीमो बनती रूबी दीपक

२२औं अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक मेलामा मैथिलीको प्रतिनिधित्व

काठमांडू, जून ६, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा-साहित्यका पाठकाहरुको विस्तार गर्न र भारत नेपालको बीचमा सिनेहबंध (मित्रता) प्रगाढ गर्ने उद्देश्यले मैथिली मचान भारतको राजधानी दिल्ली हुंदै अब नेपालको राजधानी काठमांडू को २२औं अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक मेलामा सहभागी भएको छ। मात्रै मैथिली पुस्तकहरुको प्रदर्शनी र बिक्री स्टालको नाम मैथिली मचान हो र पूर्वमा भारतको नयां दिल्लीमा भएको २२औं अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक मेलामा मैथिलीको प्रतिनिधित्व

सहयोगी हाथ आगाँ एबाक क्रम जारीः १७ जून कुर्सों सँ दरभंगा मैराथनक सन्दर्भ

दरभंगा, जून २, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! विदिते अछि जे १७ जून २०१८ केँ घोषित ‘रन फोर दहेज मुक्त मिथिला’ मैराथन कुर्सों सँ दरभंगाक बीच लगभग ६० किलोमीटर केर दौड़ आयोजित होयत, काल्हि एकर घोषणा आ प्रेस विज्ञप्ति जारी करैत दरभंगा मे पदाधिकारी लोकनिक एक बैसार मे प्रारूप आदिक बारे मे निर्णय लेल गेल छल। संगहि सहयोगी हाथ आगाँ एबाक क्रम जारीः १७ जून कुर्सों सँ दरभंगा मैराथनक सन्दर्भ

कि थिकैक मनुवाद और ब्राह्मणवाद

आलेख – साभार ‘वेब दुनिया’ अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी भारतीय राजनीति मे सेक्युलरवादि जाहि दुइ शब्दक सर्वाधिक उपयोग या दुरुपयोग केलक अछि से थिक ‘मनुवाद और ब्राह्मणवाद।’ एहि शब्द केर माध्यम सँ हिन्दु मे विभाजन कय केँ दलितक वोट तोड़ल जा सकैत अछि आर ओकर धर्मान्तरण करायल जा सकैत अछि। मनुवाद केर आड़ मे कि धर्मान्तरणक कि थिकैक मनुवाद और ब्राह्मणवाद