Search

प्रवीण नारायण चौधरी

हरिणे मे संपन्न भेल साहित्य गोष्ठी, अवसर शिक्षक अवकाश दिवसक

अक्षय आनन्द सन्नी, शिवनगर, मधुबनी। फरवरी १, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मधुबनी जिलान्तर्गत हरलाखी प्रखंडके हरिणे गाममे बीतल मंगल दिन ग्रामीण ओ क्षेत्रके चर्चित शिक्षक श्री वेदानंद झा जीके सेवानिवृतिक उपलक्ष्यमे वृहत कवि गोष्ठीक आयोजन कएल गेल. श्री झा केर निजी आवास पर आयोजित उक्त गोष्ठीक अध्यक्षता नेपालक मिथिलाके बेस ख्यातिप्राप्त कवि ओ गीतकार अयोध्यानाथ चौधरी हरिणे मे संपन्न भेल साहित्य गोष्ठी, अवसर शिक्षक अवकाश दिवसक

जानकी मन्दिर मे सरस्वती पूजा पर विशेष चहल-पहल

जानकी मन्दिर मे सरस्वती पूजाक धूम – ऋषिकेश झा, जनकपुरधाम । फरबरी १, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ विद्यादायिनी माँ सरस्वतीक पूजा केर विशिष्ट दिवस ‘बसंत पंचमी’ थीक। एहि अवसरपर जनकपुरक हृदयविन्दु ‘जानकी मन्दिर’ मे सेहो सरस्वती पूजा लेल विशेष पंडाल आर ताहि मे वीणा-पुस्तकधारिणी शारदाक नव मूर्ति स्थापित कय विशेष पूजा-अर्चना कएल जा रहल अछि। जानकी मन्दिर मे सरस्वती पूजा पर विशेष चहल-पहल

विद्याक देवी सरस्वती केर विशेष आराधनाः मिथिलाक परंपरा

सरस्वती पूजा विशेष विद्यार्थीसभमे उत्साहक सञ्चार करएवला देवीक पूजा – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम सरस्वती पूजाके जनकपुरमे मात्र नहि मिथिलाञ्चल वा कही जे पूरे भारतीय उपमहाद्वीपमे धूम अछि । कोना कऽ भगवतीकेँ प्रसन्न करी सभक लक्ष्य यैह अछि । विद्या धनं सर्वधनं प्रधानम् – सब धन मे विद्याधनक महत्व अत्यन्त उच्च होयबाक कारण, हरेक मानव विद्याक देवी सरस्वती केर विशेष आराधनाः मिथिलाक परंपरा

मधुबनी जिलाक सरकारी विद्यालय सँ फर्जी कंप्यूटर शिक्षक हँटेबाक आदेश

रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी ३१, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मधुबनीक सरकारी विद्यालय सब मे कंप्यूटर शिक्षक केर नियुक्ति मे फर्जीवाड़ाक मामिला सोझाँ आयल अछि । कोनो निजी कंपनी द्वारा बेरोजगार युवा सब केँ सरकारी विद्यालय मे नौकरी दियेबाक नाम पर लाखोंक ठगीक आशंका कैल जा रहल अछि । निजी कंपनी द्वारा शिक्षक केर रूप मे मधुबनी जिलाक सरकारी विद्यालय सँ फर्जी कंप्यूटर शिक्षक हँटेबाक आदेश

बैंगलोर मे मिथिलावासी द्वारा भगवत्नाम कीर्तन २५ वर्ष सँ

रवीन्द्र भारती, खजौली, मधुबनी। जनवरी ३१, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलावासी कतहु रहता त अपन गूढ संस्कृति आर भगवत्समर्पण बनौने रहता – बिल्कुल एहि नीति अनुरूप बैंगलोर में मिथिलावासी द्वारा हर बेर जेकाँ अहु वर्ष ‘काली दुर्गे राधे श्याम गौरी शंकर सीता राम’ नाम कीर्तन काल्हि ३० जनवरी सँ प्रारम्भ भेल अछि । अपन मिथिला सँ रोजी-रोटी बैंगलोर मे मिथिलावासी द्वारा भगवत्नाम कीर्तन २५ वर्ष सँ

बाबा बैद्यनाथ आ मिथिलावासीक विशेष श्रद्धा विद्यापतिकाल सँ

मोन पड़ि गेला अछि बाबा बैद्यनाथ – देवाधिदेव महादेव केर ओ विशिष्ट स्वरूप जे हमरा सब केँ सदिखन भोला बनि सब मनोकामना पूर करैत छथि। हमरा तँ विद्यापतिक रचना ‘उगना रे मोर कतय गेलाह’ – एहि मे सेहो मात्र ‘बाबा बैद्यनाथ’ प्रति लक्षित भाव उभरैत देखाय दैछ। कहल जाएत छैक जे महाकवि विद्यापति स्वयं तरह-तरह बाबा बैद्यनाथ आ मिथिलावासीक विशेष श्रद्धा विद्यापतिकाल सँ

मिथिला मे नवविवाहिताक ‘साँझ पावनि’

नव विवाहित महिलासभक पावनिः साँझ – सुजीत कुमार झा, जनकपुरधाम आशा देवी साँझ होइते पूजामे लागि जाइत छथि । कतहु बाहरो जाएके होइत अछि तऽ पावनिक सामान लइए कऽ जाइत छी ओ कहैत छथि । तिला संक्रान्तिक दिनसँ तुसारी पावनि जेकाँ साँझ सेहो शुरु भेल अछि । संस्कृतिविद् डा. रेवती रमण लाल कहैत छथि, “मिथिलाञ्चलक मिथिला मे नवविवाहिताक ‘साँझ पावनि’

नेपाल मे शहीद दिवस आर डा. लक्ष्मी नारायण झाक अज्ञात स्थिति

आइ माघ १६ गते नेपाल मे शहीद दिवस केर रूप मे मनाओल जाएत अछि। राष्ट्र, राष्ट्रीयता आर जनताक अधिकार लेल कोनो तरहक क्रान्ति मे मारल गेल आन्दोलनी पक्ष अथवा राज्यपक्षक लोक केँ एतय शहीद मानल जाएत छैक। कहियो राणा शासन विरुद्ध प्रजातंत्र केर स्थापना लेल कियो अपन जानक बाजी लगाकय संघर्ष कएलक त कियो राजतंत्र नेपाल मे शहीद दिवस आर डा. लक्ष्मी नारायण झाक अज्ञात स्थिति

अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल केर आह्वान

क्वालालंपुर, मलेसिया। जनवरी २८, २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!! अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल जे मलेसिया सहित विभिन्न अन्य देश मे वैदेशिक रोजगार पर रहल मिथिलावासी सब केँ जोड़ि अपन मिथिला समाज केर विपन्नवर्ग धरि स्वयंसेवा – सहयोग करबाक कार्य करैत अछि, तेकर अध्यक्ष कैलाश यादव नव आह्वान गीत बनेबाक सूचना दैत कहलनि अछि जे मैथिली जिन्दाबाद अपन मिथिला सेवा समाज नेपाल केर आह्वान

कि मिथिला समाज मे आपसी सौहार्द्र अन्त भऽ रहल अछि?

“शिक्षा मे मिथिलाक यैह हाल – अपने लोक अपन लोकक उन्नति सँ जरैत” – सुभाष बिरपूरिया कहैत छथि आर सच्चाई यैह छैक अपन मिथिलाक।   लोक कहियो पाछू छूटल केँ डेन पकड़ि एकपेरिया देने टपा दैत छल, अर्थात् आगू बढा दैत छल। गामक अभिभावक लोकनि लगभग सब दरबज्जा भोर आ साँझ जाएत छलाह, ई देखैत कि मिथिला समाज मे आपसी सौहार्द्र अन्त भऽ रहल अछि?