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प्रवीण नारायण चौधरी

परवाहा लोक संस्कृति उत्सव मे संस्कृति आ कर्मकाण्ड विषयक विमर्श

संस्कृति आ कर्मकाण्ड वक्ता – पंडित भवनाथ झा, डा. तारानन्द वियोगी, रोशन जनकपुरी, प्रवीण नारायण चौधरी संचालक – विकास वत्सनाभ वैशाख १ गते २०८३, समयः १० सँ ११ बजे, स्थानः मिथिला सांस्कृतिक केन्द्र, औरही गाउंपालिका, वार्ड नम्बर २, परवाहा, धनुषा, नेपाल । विमर्शक अपेक्षाः “संस्कृति स्थूल नहि होइछ । ओ त अविरल बहैत रहैत अछि परवाहा लोक संस्कृति उत्सव मे संस्कृति आ कर्मकाण्ड विषयक विमर्श

प्राथमिक शिक्षाक माध्यम भाषा मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी हम मैथिलीभाषी अन्दाज आ कल्पना सँ न्याय करबाक लेल नव-नव तर्क गढ़ैत रहैत छी । परञ्च नियम कहैछ जे कोनो गम्भीर विषय पर समुचित अध्ययन करबाक चाही, फेर कोनो तरहक आधिकारिक निर्णय किंवा निष्कर्ष पर पहुँचबाक चाही । मैथिलीभाषीक हित लेल प्राथमिक शिक्षाक माध्यम मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि । कनि प्राथमिक शिक्षाक माध्यम भाषा मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि

११ अप्रैल २०१५ केँ स्थापना भेल छल “मैथिली जिन्दाबाद” केर – ११ वर्ष पूर्णता पर प्रवीण विचार

“मैथिली जिन्दाबाद” केर ११ वर्ष पूरा आइ ११ अप्रैल २०२६ केँ “मैथिली जिन्दाबाद” वेब-पत्रिकाक ११ वर्ष पूरा भ’ गेल । एहि ११ वर्ष मे बहुत किछु अनुभव भेटल । मैथिल समाज केँ लिखित आलेख-रचना आदिक मार्फत नजदीक सँ बुझबाक सामग्री भेटल । आबयवला पीढ़ी – वर्तमान युवा पीढ़ी संग-संग ‘गूगल देवता’ सँ अनेकों मैथिली बात-कथा ११ अप्रैल २०१५ केँ स्थापना भेल छल “मैथिली जिन्दाबाद” केर – ११ वर्ष पूर्णता पर प्रवीण विचार

मैथिली-मिथिलाक बात आन भाषा मे लिखबाक प्रवृत्ति पर प्रवीण टिप्पणी

विराटनगर, १० अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ बस पैछला सप्ताहक शुक्र, शनि आ रवि दिन करैत तीन दिनक कार्यक्रम तारीखक हिसाब सँ ३, ४ आ ५ अप्रैल केँ मुम्बई केर मड आइलैन्ड मे सम्पन्न भेल अछि । एखन एहि साहित्यिक उत्सवक आवाज सँ उठल तरंग सामाजिक संजाल पर ओहिना देखल मैथिली-मिथिलाक बात आन भाषा मे लिखबाक प्रवृत्ति पर प्रवीण टिप्पणी

मिथिलाक ग्रामीण भेग मे बौद्धिक चिन्तनः मैथिली लेल एमएलएफ गाम-गाम धरि

विराटनगर, ९ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! नेपालक धनुषा जिलाक परवाहा गाम मे युवा नाट्यकला परिषद् द्वारा दुइ दिवसीय लोक संस्कृति महोत्सवक आयोजन होमय जा रहल अछि । एहि महोत्सव मे मैथिली भाषा, साहित्य आ लोक संस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक उद्देश्य सँ विभिन्न तरहक प्रदर्शनीय प्रस्तुति कयल जायत । एहि मे मैथिली जिन्दाबादक मिथिलाक ग्रामीण भेग मे बौद्धिक चिन्तनः मैथिली लेल एमएलएफ गाम-गाम धरि

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केँ कियैक मानल जाइछ सर्वोत्कृष्ट (विस्तृत रिपोर्ट)

एमएलएफ २०२६ मुम्बई – ३ दिवसीय सफलतम् आयोजन मैथिली भाषा-साहित्यक सर्वोत्कृष्ट विचार-विमर्श – मैथिली नाटक एवं फिल्म पर आधारित प्रदर्शन संगहि मैथिली पुस्तक केर प्रदर्शनी समावेशित कार्यक्रम मुम्बई केर मड‍-आइलैन्ड मे ३-५ अप्रैल २०२६ केँ भव्य सफलताक संग सम्पन्न भेल । आउ पढ़ी, बुझी आ मनन करी जे कि होइत छैक एमएलएफ, आ ई आयोजन मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केँ कियैक मानल जाइछ सर्वोत्कृष्ट (विस्तृत रिपोर्ट)

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ – मुम्बई मे छठम आयोजन – कि सब होयत

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – ३ सँ ५ अप्रैल २०२६ – मड आइलैंड, मलाड, मुम्बई मे ६म संस्करण होबय जा रहल अछि । एहि वर्षक थीम अछि “लोक सँ वैश्विक – मैथिलीक नवयुग” । आउ एक नजरि मे देखी कि सब होइछ एमएलएफ मे – पहिल दिन ३ अप्रैल २०२६ केँ भोरे ९ बजे सँ पंजीकरण मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ – मुम्बई मे छठम आयोजन – कि सब होयत

नेपाल के बालेन सरकार के १०० प्रतिबद्धता सूची नेपाली में

नेपाल सरकार, मन्त्रिपरिषद्‌को मिति २०८२ चैत १३ को बैठकबाट स्वीकृत शासकीय सुधार सम्बन्धी एक सय कार्यसूचीहरू वि. सं. २०८२ भाद्र २३ र २४ को जेन-जी आन्दोलन तथा यस अघि भएका विभिन्न आन्दोलनका क्रममा जीवन उत्सर्ग गर्नुहुने सम्पूर्ण शहीदहरूप्रति नेपाल सरकार भावपूर्ण श्रद्धान्जली व्यक्त गर्दछ । साथै, घाइतेहरूको शीघ्र स्वास्थ्य लाभको कामना गर्दछ। २०८२ फागुन २१ नेपाल के बालेन सरकार के १०० प्रतिबद्धता सूची नेपाली में

पुस्तक परिचयः ‘वेद’ मैथिली अनुवाद

वेद – पोथी परिचय (The Vedas केर मैथिली अनुवाद ‘वेद’ – मूल लेखकः जगद्गुरु चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती, अनुवादकः प्रवीण नारायण चौधरी) ‘शशि प्रकाशन’ सँ प्रकाशित पुस्तक ‘वेद’ हिन्दू धर्म-दर्शनक मूल आधार वेदक समग्र स्वरूप – अंग, उपांग, विद्या, विज्ञान, स्पेस, टाइम, सृष्टि, आत्मा, परमात्मा सहित सम्पूर्ण मानव जीवन पर आधारित अनेकों रहस्योद्घाटनक संग प्रत्येक मानव लेल पुस्तक परिचयः ‘वेद’ मैथिली अनुवाद

नेपाल फेर बनत एकमात्र ‘हिन्दूराष्ट्र’

नेपाल मे नया सरकारक शपथग्रहण मादे मैथिली विचार नेपाल मे काल्हि नव सरकारक शपथ-ग्रहण समारोह होयत । राष्ट्रपति भवन मे शपथ लेबाक सब व्यवस्था सुनिश्चित कय लेल गेल अछि । एहि शपथ समारोह मे हिन्दू धार्मिक परम्पराक संग बौद्ध धार्मिक परम्परा मुताबिक प्रस्तुति समेटल जेबाक बात अछि । संगहि देश मे पहिल बेर मधेशी पहिचानक नेपाल फेर बनत एकमात्र ‘हिन्दूराष्ट्र’