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प्रवीण नारायण चौधरी

जानकी जन्म केर एक कथा इहो – भीमनाथ झा

जानकी-जन्मक एक कथा ईहो – डा. भीमनाथ झा विक्रम संवत् 2013 (1956 ई.) मे निज जानकी नवमी दिन कविवर सीताराम झा अपन प्रख्यात महाकाव्य ‘अम्बचरित’क प्रकाशकीय (क्षमा प्रार्थना) लिखलनि । स्वभावत: छन्देमे लिखलनि — सात गोट दोहामे । ताहिमे एक दोहा ई थिकनि – निज जननी-वानीक पद-सेवा करतब जानि । कयल चरित चरचा हुनक, अपन जानकी जन्म केर एक कथा इहो – भीमनाथ झा

विद्यापतिक विभिन्न गीत – भावार्थ सहित

विद्यापति गीत (मिलन) हरिनि-नयनि धनि रामा कानुक सरस परस संभाषन मेटल लाजक धामा हरिनि-नयनि धनि रामा….. हरि-कर हरिनि-नयन तन सौँपलि सखिगन गेलि आन ठाम अबसर पाइ धनि कर धरि नागर बिनति करए अनुपाम हरिनि-नयनि धनि रामा….. सुखद सेजोपरि नागरि नागर बइसल नबरति-सावे प्रति अंग चुम्बन रस अनुमोदन थर-थर काँपए राधे हरिनि-नयनि धनि रामा…. मदन-सिंहासन करल विद्यापतिक विभिन्न गीत – भावार्थ सहित

दुर्गा भगवतीक मध्यम् चरित्र – महालक्ष्मीक प्रादुर्भाव एवं दुर्दान्त महिषासुर सँ लड़ाइ

स्वाध्याय – प्रसंग आदिशक्ति महालक्ष्मी (दुर्गा सप्तशती – देवी दुर्गाक मध्यम चरित्रक विनियोग मे आदिशक्ति श्री महालक्ष्मीक प्रसन्नताक उद्देश्य सँ पाठ कयल जाइछ । आउ देखी हुनकर विशेष स्वरूप ।) ॐ अक्षस्रकपरशुं गदेषुकुलिशं पद्मं धनुष्कुण्डिकां दण्डं शक्तिमसिं च चर्म जलजं घण्टां सुराभाजनम् ॥ शूलं पाशसुदर्शने च दधतीं हस्तैः प्रसन्नाननां सेवे सैरिभमर्दिनीमिह महालक्ष्मीं सरोजस्थिताम् ॥ हम दुर्गा भगवतीक मध्यम् चरित्र – महालक्ष्मीक प्रादुर्भाव एवं दुर्दान्त महिषासुर सँ लड़ाइ

गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण

स्वाध्यायक एक बेजोड़ प्रसंग (मात्र आस्तिक-आस्थावान आ स्वाध्यायी लोक वास्ते) ब्रह्माजी द्वारा विश्वक अधीश्वरी, जगत् केँ धारण करयवाली, संसारक पालन आ संहार करयवाली तथा तेजःस्वरूप भगवान् विष्णुक अनुपम शक्ति छथि, ताहि भगवती निद्रादेवीक स्तुति करय लगलाह – त्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारःस्वरात्मिका ॥ सुधा त्वमक्षरे नित्ये त्रिधा मात्रात्मिका स्थिता ॥१॥ अर्धमात्रास्थिता नित्या यानुच्चार्या गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण

भारतक सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा ६ सँ आर-३ भाषा सिखबाक अनिवार्यता

त्रिभाषा शिक्षा पद्धति आ आर-३ भाषाक सिलेबस आउ बुझैत छी सीबीएसई द्वारा लागू कयल गेल आर-३ मे नेटिव लैंग्वेज केर पढ़ाइ सन्दर्भित किछु महत्वपूर्ण तथ्य भारत मे लागू भेल नव-शिक्षा-नीति-२०२० (NEP 2020) अनुसार विद्यालयी शिक्षा लेल राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप २०२३ अनुसार कक्षा ६ सँ तेसर भाषाक पढ़ाइ अनिवार्य कयल गेलैक अछि । एकर लक्ष्य बहुत भारतक सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा ६ सँ आर-३ भाषा सिखबाक अनिवार्यता

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक सर्कुलर जारी (3 भाषा मे सँ 2 भाषा भारतक मूलभाषा होयब आवश्यक) 9 अप्रैल 2026 केँ जारी कयल गेल सर्कुलर द्वारा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली सब CBSE सँ जुड़ल स्कूल केर हेड लोकनि लेल 7 दिनक भीतर कक्षा 6ठा सँ कुल केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत

विद्यापति गीत (नखशिख) – सजनी, अपरुब पेखल रामा

विद्यापति गीत (नखशिख) सजनी, अपरुब पेखल रामा ॥१॥ कनकलता अबलम्बन ऊअल हरिन – हीन हिमधामा ॥२॥ सजनी…. नयन-नलिनि दओ अंजन रंजइ भौंह बिभंग – बिलासा ॥३॥ चकित चकोर-जोर बिधि बाँधल केवल काजर पासा ॥४॥ सजनी….. गिरिबर-गरुअ पयोधर-परसित गिम गज – मोतिक हारा ॥५॥ काम कम्बु भरि कनक-सम्भु परि ढारत सुरसरि-धारा ॥६॥ सजनी…. पएसि पयाग जाग विद्यापति गीत (नखशिख) – सजनी, अपरुब पेखल रामा

राजनीति रहय मुदा एहि सँ कलादृष्टि नहि प्रभावित हुअयः डा. प्रकाश झा, निर्देशक, मैलोरंग

साक्षात्कारः मैलोरंग नई दिल्लीक निर्देशक प्रकाश झा संग मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक बातचीत (डा. प्रकाश झा, मैलोरंग (नई दिल्ली) केर निर्देशक तथा दिल्ली मे होमय जा रहल आयोजना “मलंगिया महोत्सव २०२६” केँ अपार सफलता दिएबाक लेल अहर्निश खटनिहार व्यक्तित्व – मैथिलीक प्रसिद्ध नाटककार महेन्द्र मलंगिया जीक समर्पित शिष्य संगहि मैथिली रंगकर्म केँ भारत राजनीति रहय मुदा एहि सँ कलादृष्टि नहि प्रभावित हुअयः डा. प्रकाश झा, निर्देशक, मैलोरंग

मलंगिया महोत्सव २०२६ केर तैयारी जोर पर – कि गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रेकर्ड मे दर्ज होयत ई आयोजन?

नई दिल्ली, १९ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद!! मलंगिया महोत्सव २०२६ – गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रिकार्ड मे दर्ज करेबाक अद्भुत प्रयास काल्हि १८ अप्रैल २०२६ शनि दिन भारतक राजधानी दिल्ली मे ‘मलंगिया महोत्सव-२०२६’ केर तैयारीक समीक्षा संग प्रस्तुतिक प्रारूप पर मलंगिया फाउन्डेशन सहित अन्यान्य मैथिलीभाषी संस्था व महत्वपूर्ण व्यक्तित्व लोकनिक बैसार आयोजित छल । मलंगिया महोत्सव २०२६ केर तैयारी जोर पर – कि गिनीज बुक अफ वर्ल्ड रेकर्ड मे दर्ज होयत ई आयोजन?

नव वर्षक नवका पतरा (मिथिला पंचांग) लेल पंडित सभा सम्पन्नः शुभ मुहूर्तक तिथिक घोषणा

फोटो आ समाचार साभार – डा संजीत कुमार झा ‘सरस’ मिथिलाक अपन पांडित्य परम्पराक इतिहास रहल अछि । हरेक वर्ष मिथिला पद्धति अनुरूपक पतरा ‘मिथिला पंचांग’ रूप मे जारी कयल जाइछ । एहि वास्ते पंडित सभा दरभंगा स्थित कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालयक अगुवाई मे कयल जाइछ । सावन मास सँ आरम्भ होयवला पतरा केर विभिन्न नव वर्षक नवका पतरा (मिथिला पंचांग) लेल पंडित सभा सम्पन्नः शुभ मुहूर्तक तिथिक घोषणा