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प्रवीण नारायण चौधरी

सिंगापुर मे जानकी जन्मोत्सव मनायल गेल

मैथिली सोसायटी (सिंगापुर) द्वारा जानकी नवमी महोत्सव सिंगापुर 2026 के तीसरे संस्करण का सफल आयोजन – आराधना झा श्रीवास्तव शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को सिंगापुर स्थित आर्य समाज भवन के सभागार में मैथिली सोसायटी (सिंगापुर) के द्वारा जानकी नवमी महोत्सव 2026 का सफल आयोजन किया गया। मैथिली भाषा, मिथिलाक्षर लिपि, लोक-संस्कृति, लोक-कला, लोक-संगीत और मिथिला सिंगापुर मे जानकी जन्मोत्सव मनायल गेल

मैथिलीक शेक्सपियर महेन्द्र मलंगिया व मलंगिया फाउन्डेशनक नाम गिनीज विश्व रेकर्ड मे दर्ज

नई दिल्ली, २७ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! गाँधी दर्शन, राजघाट, नई दिल्ली मे मलंगिया फाउन्डेशन एवं गाँधी स्मृति दर्शन समितिक संयुक्त आयोजन मे चलि रहल ५-दिवसीय ‘मलंगिया महोत्सव’ मे काल्हि २६ अप्रैल २०२६ केँ गिनीज वर्ल्ड रेकर्ड केर भारतीय प्रतिनिधि मिलिन्द ऋषि नाथ एवं भारतीय जनता पार्टीक वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता विजय गोयल द्वारा मैथिली मैथिलीक शेक्सपियर महेन्द्र मलंगिया व मलंगिया फाउन्डेशनक नाम गिनीज विश्व रेकर्ड मे दर्ज

स्वाध्याय-सत्संगक एक गोट प्रसंग

दुर्गा पाठ आ वर्तमान जीवन पद्धति एखन विश्वयुद्धक माहौल देखाइछ । हमरा सभक धर्मशास्त्र मे सेहो युद्धक वर्णन होइत पढ़ैत-गुनैत रहबाक यथास्थिति सँ सब परिचिते छी । युद्धहि केर विम्ब पर आधारित एकटा संछिप्त चर्चा करबाक इच्छा भेल । दुर्गा सप्तशतीक विशेष स्वाध्यायक क्षण मे आइ तेसर अध्याय सँ जे अभरल से देखू, पढ़ू आ स्वाध्याय-सत्संगक एक गोट प्रसंग

मिथिला नवनिर्माणक पहिल बैसार मधेपुरा सँ आरम्भः जनगणना मे मैथिली पर जोर देबाक संकल्प

समाचार-साभार कुमार विक्रमादित्य । २६ अप्रैल २०२६, मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि २५ अप्रैल २०२६ केँ मिथिला नवनिर्माण अभियानक पहिल बैसार टी पी कॉलेज मधेपुरा मे प्रो कुमार सौरभक संयोजकत्व मे संपन्न भेल । मधेपुरा, सुपौल सहरसा आ पूर्णिया सं ढेर रास व्याख्याता, शिक्षक, प्राचार्य आ गैर शिक्षकेत्तर कर्मी एहि कार्यक्रम मे उपस्थित रहि अपन बात रखलाह मिथिला नवनिर्माणक पहिल बैसार मधेपुरा सँ आरम्भः जनगणना मे मैथिली पर जोर देबाक संकल्प

जानकी जन्म केर एक कथा इहो – भीमनाथ झा

जानकी-जन्मक एक कथा ईहो – डा. भीमनाथ झा विक्रम संवत् 2013 (1956 ई.) मे निज जानकी नवमी दिन कविवर सीताराम झा अपन प्रख्यात महाकाव्य ‘अम्बचरित’क प्रकाशकीय (क्षमा प्रार्थना) लिखलनि । स्वभावत: छन्देमे लिखलनि — सात गोट दोहामे । ताहिमे एक दोहा ई थिकनि – निज जननी-वानीक पद-सेवा करतब जानि । कयल चरित चरचा हुनक, अपन जानकी जन्म केर एक कथा इहो – भीमनाथ झा

विद्यापतिक विभिन्न गीत – भावार्थ सहित

विद्यापति गीत (मिलन) हरिनि-नयनि धनि रामा कानुक सरस परस संभाषन मेटल लाजक धामा हरिनि-नयनि धनि रामा….. हरि-कर हरिनि-नयन तन सौँपलि सखिगन गेलि आन ठाम अबसर पाइ धनि कर धरि नागर बिनति करए अनुपाम हरिनि-नयनि धनि रामा….. सुखद सेजोपरि नागरि नागर बइसल नबरति-सावे प्रति अंग चुम्बन रस अनुमोदन थर-थर काँपए राधे हरिनि-नयनि धनि रामा…. मदन-सिंहासन करल विद्यापतिक विभिन्न गीत – भावार्थ सहित

दुर्गा भगवतीक मध्यम् चरित्र – महालक्ष्मीक प्रादुर्भाव एवं दुर्दान्त महिषासुर सँ लड़ाइ

स्वाध्याय – प्रसंग आदिशक्ति महालक्ष्मी (दुर्गा सप्तशती – देवी दुर्गाक मध्यम चरित्रक विनियोग मे आदिशक्ति श्री महालक्ष्मीक प्रसन्नताक उद्देश्य सँ पाठ कयल जाइछ । आउ देखी हुनकर विशेष स्वरूप ।) ॐ अक्षस्रकपरशुं गदेषुकुलिशं पद्मं धनुष्कुण्डिकां दण्डं शक्तिमसिं च चर्म जलजं घण्टां सुराभाजनम् ॥ शूलं पाशसुदर्शने च दधतीं हस्तैः प्रसन्नाननां सेवे सैरिभमर्दिनीमिह महालक्ष्मीं सरोजस्थिताम् ॥ हम दुर्गा भगवतीक मध्यम् चरित्र – महालक्ष्मीक प्रादुर्भाव एवं दुर्दान्त महिषासुर सँ लड़ाइ

गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण

स्वाध्यायक एक बेजोड़ प्रसंग (मात्र आस्तिक-आस्थावान आ स्वाध्यायी लोक वास्ते) ब्रह्माजी द्वारा विश्वक अधीश्वरी, जगत् केँ धारण करयवाली, संसारक पालन आ संहार करयवाली तथा तेजःस्वरूप भगवान् विष्णुक अनुपम शक्ति छथि, ताहि भगवती निद्रादेवीक स्तुति करय लगलाह – त्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारःस्वरात्मिका ॥ सुधा त्वमक्षरे नित्ये त्रिधा मात्रात्मिका स्थिता ॥१॥ अर्धमात्रास्थिता नित्या यानुच्चार्या गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण

भारतक सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा ६ सँ आर-३ भाषा सिखबाक अनिवार्यता

त्रिभाषा शिक्षा पद्धति आ आर-३ भाषाक सिलेबस आउ बुझैत छी सीबीएसई द्वारा लागू कयल गेल आर-३ मे नेटिव लैंग्वेज केर पढ़ाइ सन्दर्भित किछु महत्वपूर्ण तथ्य भारत मे लागू भेल नव-शिक्षा-नीति-२०२० (NEP 2020) अनुसार विद्यालयी शिक्षा लेल राष्ट्रीय पाठ्यक्रम प्रारूप २०२३ अनुसार कक्षा ६ सँ तेसर भाषाक पढ़ाइ अनिवार्य कयल गेलैक अछि । एकर लक्ष्य बहुत भारतक सीबीएसई बोर्ड द्वारा कक्षा ६ सँ आर-३ भाषा सिखबाक अनिवार्यता

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक सर्कुलर जारी (3 भाषा मे सँ 2 भाषा भारतक मूलभाषा होयब आवश्यक) 9 अप्रैल 2026 केँ जारी कयल गेल सर्कुलर द्वारा केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली सब CBSE सँ जुड़ल स्कूल केर हेड लोकनि लेल 7 दिनक भीतर कक्षा 6ठा सँ कुल केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा कक्षा 6ठा सँ 3 भाषा पढ़ेबाक निर्देशनः मैथिली सेहो पढ़ायल जायत