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प्रवीण नारायण चौधरी

INDIA’S NURSING FUTURE: BUILDING A STRONGER HEALTHCARE WORKFORCE

Article: Health Services Why Skilled Nurses Are the Backbone of Modern Healthcare By Dr. A kumar Director (Opration) MSPL India’s healthcare sector is witnessing one of the fastest transformations in its history. From advanced super-specialty hospitals and medical colleges to expanding rural healthcare systems and digital health services, the country is rapidly strengthening its healthcare INDIA’S NURSING FUTURE: BUILDING A STRONGER HEALTHCARE WORKFORCE

वेद – मैथिली अनुवाद पुस्तक मादे वरिष्ठ साहित्यकार केदार काननक संछिप्त समीक्षा

वेद – केदार कानन प्रिय‌ प्रवीण‌ नारायण‌ चौधरी‌ एक‌ विलक्षण‌ काज‌ कयलनि‌ अछि‌ । हालमे‌ मुम्ब‌ईमे‌ सम्पन्न‌ भेल‌ मैथिली‌ साहित्योत्सवमे‌ एहि‌ वेद‌ केर‌ लोकार्पण‌ भेल‌ छल‌ । ताहिमे‌ हमहूं‌ उपस्थित‌ छलहुं‌ । आइ‌ दूपहरमे‌ एहि‌ पोथीकें‌ जतय‌-ततयसं‌ पढलहुं‌ । अनुवाद‌ बढिया‌ लागल‌ । प्रवीण‌ जी‌ अभियानी‌ छथि‌ ।मैथिलीक‌ हित‌ चिन्तनमे‌ सदैव‌ लागल‌ रहैत‌ छथि‌ । वेद – मैथिली अनुवाद पुस्तक मादे वरिष्ठ साहित्यकार केदार काननक संछिप्त समीक्षा

‘वेद’ – कांची कामकोटि पीठक शंकराचार्य श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक लिखल ‘द वेदाज’ केर मैथिली अनुवाद

:: संक्षिप्त समीक्षा::::’वेद’/श्री श्री 1008 श्री चन्द्रशेखरेंद्र सरस्वती/अंग्रेजी::(मैथिली अनुवाद/श्री प्रवीण ना.चौधरी):: रमेश ::कोनो भाषा,तखन धनीक मानल जाइत अछि, जखन ओकर व्यवस्थित भाषाविज्ञानी आ व्याकरण-प्रारुपक संगहिं,अप्पन देस आ क्षेत्रक प्राचीन सभ्यता-संस्कृति स’ सम्बन्धित, आदिकालीन/प्राचीन शास्त्रीय साहित्यक ग्रंथ सबहक अनुवाद,ओइ जमीनक क्षेत्रीय भाषा मे उपलब्ध भ’ गेल हो!अइ मे,तें आ तखन सम्बन्धित क्षेत्रीय भाषा मे, अनुवाद-कार्यक महत्ता,बहुत ‘वेद’ – कांची कामकोटि पीठक शंकराचार्य श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वतीक लिखल ‘द वेदाज’ केर मैथिली अनुवाद

सत्चिन्तनः दुर्गा पाठक तत्क्षण लाभ केना भेटैछ

सत्चिन्तनः दुर्गापाठ केर लोक-प्रासंगिकता (सन्दर्भ उत्तर चरित्र – महासरस्वतीक प्रीति-प्रसन्नता लेल सत्चिन्तन) असुर सभक उत्पात बढ़ि गेला पर देवलोक मे हड़कम्प मचि जाइछ । एहिना भेल छल जखन शुम्भ आ निशुम्भ नाम्ना दुइ असुर केर प्रकोप बढ़ि गेल । इन्द्रक गद्दी छिना गेलनि । इन्द्रक हाथ सँ तीनू लोकक राज्य आ यज्ञभाग छिना गेलनि । सत्चिन्तनः दुर्गा पाठक तत्क्षण लाभ केना भेटैछ

साधनाक साधन उपलब्ध रहितो समाधान नहि निकालि सकब हमरा लोकनिक दुर्भाग्य मात्र थिक

आध्यात्मिक चिन्तन – प्रवीण नारायण चौधरी सत्चिन्तनः माता दुर्गाक तीन चरित्रक विनियोग आ मानव जीवन आउ, आइ फेर किछु महत्वपूर्ण आध्यात्मिक चिन्तन आ मिथिलाक शाक्ता-साधना परम्परा मे दुर्गा पाठक महत्व पर चर्चा करी । ध्यान दियौक तीन विनियोग परः प्रथम चरित्र – ॐ प्रथमचरित्रस्य ब्रह्मा ऋषिः, महाकाली देवता, गायत्री छन्दः, नन्दा शक्तिः, रक्तदन्तिका बीजम्, अग्निस्तत्त्वम्, साधनाक साधन उपलब्ध रहितो समाधान नहि निकालि सकब हमरा लोकनिक दुर्भाग्य मात्र थिक

मैथिली भाषा-साहित्य मे निरन्तर योगदान लेल अमरेन्द्र यादव केँ भेटलनि प्रज्ञा पुरस्कार

२ मई २०२६, मैथिली जिन्दाबाद!! रंजू यादव, काठमांडू (साभार फेसबुक पोस्ट ३० अप्रैल २०२६) । पत्रकार एवं साहित्यकार अमरेन्द्र यादवजी कें आइ प्रज्ञा मातृभाषा पुरस्कार-२०८२ सँ सम्मानित कएल गेल । पत्रकार आ साहित्यकार अमरेन्द्रजी कें अपन मैथिली भाषा आ साहित्य मे तीन दशक सँ देल गेल योगदानक लेल नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान काठमाण्डू सम्मानित केलक अछि मैथिली भाषा-साहित्य मे निरन्तर योगदान लेल अमरेन्द्र यादव केँ भेटलनि प्रज्ञा पुरस्कार

प्रवीणक ओ टाइमलाइनः किछु हमर किछु हुनकर

१ मई २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद!! आइ फेसबुक टाइमलाइन पर किछु जरूरी चीज सर्च कय रहल छलहुँ । ताहि मे किछु महत्वपूर्ण रचना सब भेटल । किछु हमर, किछु हुनकर – हुनकर अर्थात् जिनक रचना हमरा हृदय केँ स्पर्श कयलक आ अपन टाइमलाइन – विभिन्न फेसबुक ग्रुप सब मे साझा कएने छी विभिन्न समय – प्रवीणक ओ टाइमलाइनः किछु हमर किछु हुनकर

नेशनल स्कूल अफ ड्रामा (एनएसडी) नई दिल्ली मे स्कूली छात्र लेल गर्मी छुट्टी मे प्रशिक्षणक सुअवसर

३० अप्रैल २०२६, मैथिली जिन्दाबाद!! एनएसडी द्वारा स्कूली विद्यार्थी लेल प्रशिक्षणक सुअवसर प्रत्येक वर्ष जेकाँ अहु वर्ष एनएसडी द्वारा १ मासक प्रशिक्षण वर्कशौप स्कूली बाल-बालिका लेल लगायल जा रहल अछि । नाट्य माध्यम सँ शिक्षा – थिएटर इन एजुकेशन स्वरूपक सिलेबस अनुसार ई प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल मनोविज्ञान आ ताहि मे नाट्य विधाक विभिन्न गतिविधि सँ नेशनल स्कूल अफ ड्रामा (एनएसडी) नई दिल्ली मे स्कूली छात्र लेल गर्मी छुट्टी मे प्रशिक्षणक सुअवसर

अत्यन्त जरूरी विमर्शः मैथिली भाषा-साहित्यक विद्वानक पहिचान की ?

मैथिली विमर्श ओ विमर्शकारक स्तर पर आधारित एक जरूरी चर्चा – प्रवीण नारायण चौधरी “विभिन्न सेमिनार सभमे तथाकथित ‘मैथिली’ विद्वान् वक्ता सभकेँ सुनि एहि निष्कर्ष पर पहुँचलहुँ अछि जे वक्ताक रुपमे हुनके आमंत्रित कएल जएबाक चाही जे मासमे कम सँ कम पाँच गोट पोथी पढ़ैत होथि ।” – मैथिली साहित्यकार ‘सत्येन्द्र कुमार झा’ एहि विन्दु अत्यन्त जरूरी विमर्शः मैथिली भाषा-साहित्यक विद्वानक पहिचान की ?

गीतिकाव्य के प्रमुख तत्वों के आधार पर विद्यापति के गीतों का मूल्यांकन

पठनीय आलेख – हिन्दी मे महाकवि विद्यापति केँ कविकोकिल कहल जाइत छन्हि । हुनकर पदावली केर संग्रहित रूप प्रत्येक विश्वविद्यालय मे हिन्दी सिलेबस मे पढ़ायल जा रहल अछि । विद्यापतिक पदावली सभक जे सम्पादित रूप उपलब्ध भेटैत अछि, तेकर मूल स्वरूप आ व्याख्या विभिन्न विद्वान् लोकनि भिन्न-भिन्न ढंग सँ कयलनि अछि । आइ सँ लगभग गीतिकाव्य के प्रमुख तत्वों के आधार पर विद्यापति के गीतों का मूल्यांकन