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प्रवीण नारायण चौधरी

जनसंख्या विस्फोट सँ बचबाक लेल धर्मनिरपेक्षताक संग-संग जातिनिरपेक्षताक आवश्यकता

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी जन-जन मे अन्तर्संघर्ष केँ रोकय लेल जाति-निरपेक्षताक विधान बनाउ   जनसंख्या विस्फोट या प्रलयकाल आदिक परिकल्पना पढैत रही जे मनुष्य द्वारा मनुष्य पर आक्रमण कयल जायत… वर्चस्वक लड़ाई मे त एक-दोसर सँ लड़बे करत, एकटा समय एहेन आओत जे अपन भूख मेटेबाक लेल पर्यन्त मनुष्य मनुष्यहि केर माँस नोंचि-नोंचि खायत, जनसंख्या विस्फोट सँ बचबाक लेल धर्मनिरपेक्षताक संग-संग जातिनिरपेक्षताक आवश्यकता

सीता

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक राजकुमारी – जनकसुता – जनकात्मजा – भूमिसुता – भूमिजा – जानकी आदि अनेकों नाम सँ जगविख्यात् सीता – रामभार्या केँ एहि मानवलोक मे के नहि जनैत होयत! सम्पूर्ण रामायण केर एकमात्र नायिका – स्वयं नारायणी (लक्ष्मीक अवतार) मानल जाइत छथि। राजा जनकक जेठ सुपुत्रीक रूप मे आ अबध नरेश सीता

दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सवक भेल भव्य समापन रहुआ-संग्राम मे

रहुआ-संग्राम, मधेपुर। अप्रैल २, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! – रवि दिन सेहो योगाभ्यास, संगोष्ठी व सांस्कृतिक कार्यक्रमक आयोजन देर राति धरि चलल – गोसाईं बाबाक विभिन्न कुटी यथा बनगाँव, लखनौर, रमौली, जमशेदपुर, खजुरी, फैटकी व रहुआ-संग्राम केर साधक लोकनिक जुटान भेल – समारोह मे धार्मिक गीत-भजन, गजल आ काव्यक रसधारा बहैत रहल – मिथिलाक साहित्यकार, बुद्धिजीवी दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सवक भेल भव्य समापन रहुआ-संग्राम मे

लक्ष्मीनाथ गोसाईं केँ नमन, आस्था निर्माण केर एक मुख्य स्रोतः एक संस्मरण

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक केन्द्रभूमि मधुबनीक रहुआ-संग्राम गाम मे काल्हि ३१ मार्च, २०१८ सँ परमहंस संत शिरोमणि लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सव २०१८ आयोजन आरम्भ भेल अछि । समाचार सेहो मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित कयल गेल अछि। एक सँ बढिकय एक विद्वत् लोकनि गोसाईं बाबा केर स्मरण करैत हुनक आजीवन योगदान, योग, भक्ति आ सामाजिक लक्ष्मीनाथ गोसाईं केँ नमन, आस्था निर्माण केर एक मुख्य स्रोतः एक संस्मरण

रहुआ-संग्राम मे शुरू भेल दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सव २०१८

रहुआ-संग्राम, मधेपुर। अप्रैल १, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! – लक्ष्मीनाथ गोसाईं महान उपदेष्टा छलाह – प्रो. शशीनाथ झा   – विशाल साहित्य, भक्ति दर्शन, समाज एवं देशक स्थिति अपन जीवन मे दर्शौलनि।   -गोसाईं केर सब साधना स्थली आइ धरि ज्ञान प्राप्तिक केन्द्र अछि।   – साधना स्थल पर पीपरक वृक्ष केँ बोधि वृक्ष समान बतौलनि। रहुआ-संग्राम मे शुरू भेल दुइ-दिवसीय लक्ष्मीनाथ गोसाईं महोत्सव २०१८

लक्ष्मीजी केँ सदा दहिन आ संग रखबाक एकमात्र अचल उपाय

आध्यात्म लक्ष्मीजीक स्थिरताक उपाय (मानस-मर्मज्ञ पं. श्रीरामकिंकरजी उपाध्याय केर विचारपर आधारित)   लक्ष्मीजी केर एक नाम चंचला छन्हि। संसार मे कतहु देखब, कोनो घर, कोनो समाज, कोनो जाति या कोनो देश एहेन नहि अछि, जे हर हमेशा धनी बनल रहय, जे निर्धनता कहियो देखनहिये नहि हो। एहेन कोनो व्यक्ति नहि भेटत, जेकरा ओतय लक्ष्मी पीढी-दर-पीढी लक्ष्मीजी केँ सदा दहिन आ संग रखबाक एकमात्र अचल उपाय

मधुबनीमे नेपाल-भारत सांस्कृतिक आदान-प्रदानः आयोजन एक सन्देश अनेक

विशेष सम्पादकीय नेपाल-भारत केर सनातनकालीन मित्रता तथा जनस्तरीय सम्बन्ध केँ आरो प्रगाढ करत दुनू देशक संयुक्त भाषा, संस्कृति आ कला – नेपालक एक महान संस्कृतिविद् कला एवं रंगकर्म निर्देशक स्व. चतुर्भुज आशावादीक स्मृति पर आयोजित समारोह केर उद्घाटनक अवसर पर जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक अपन संबोधन मे एहि तरहक भावना रखलन्हि। संगहि, आयोजनकर्ताक तरफ सँ मधुबनीमे नेपाल-भारत सांस्कृतिक आदान-प्रदानः आयोजन एक सन्देश अनेक

महेश डखरामीक ‘महेश मञ्जरी’ पुरान आ आधुनिक शैलीक संगम आ सन्देशमूलक रचना

पोथी परिचयः महेश मञ्जरी – लेखकः महेश डखरामी   प्रकाशकः साहित्य संचय, मूल्यः १५० टका (भारत तथा नेपाल मे) $4.00 अन्य मुलुक मे।   ई थिक काव्य संग्रह। मैथिलीक ओ छंद आ रसक प्रयोग जे विद्यापतिक पदावली मे भेटैत अछि। विद्यापतिक पदावली बुझबाक लेल शब्दकोश आ भावार्थ कोनो विज्ञजन सँ बुझब आवश्यक होइत अछि आमजन महेश डखरामीक ‘महेश मञ्जरी’ पुरान आ आधुनिक शैलीक संगम आ सन्देशमूलक रचना

मैथिली साहित्यः तीन विधाक तीन महत्वपूर्ण पोथी परिचय

पोथी परिचय हे वीर स्रष्टागण, अहाँक समर्पण आ लगन केँ हमर प्रणाम!!   जी, ई प्रणाम एहि तीन महान् वीर सर्जक ‘मैथिल’ केँ जे अपन कलम सँ निकलल रचना ‘मैथिली पोथी’ केर तीन अलग-अलग विधा मे समर्पित कयलनि अछि।   सर्वप्रथम बात करैत छी साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ पुरस्कृत युवा नाटककार आनन्द कुमार झा केर मैथिली साहित्यः तीन विधाक तीन महत्वपूर्ण पोथी परिचय

नेपाल आ भारत मे मैथिली रंगकर्मक इतिहास बनेनिहार चतुर्भुज आशावादी केर समृति मधुबनी मे

मधुबनी, मार्च २५, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! भारतक मधुबनी मे चतुर्भुज आशावादी केर विशेष स्मृति समारोह   मधुबनीक वाटिका होटल सभागार मे २७ मार्च केँ अपराह्न १ बजे सँ संध्याकाल ६ बजे धरिक समय मे मैथिली भाषाक नेपाल-भारतक बीच सेतुक कार्य कयनिहार महान् संस्कृतिविद् (सांस्कृतिक राजदूत) चतुर्भुज आशावादीक स्मृति मे कवि गोष्ठी, नेपाली सिनेमा “कैली मैना” नेपाल आ भारत मे मैथिली रंगकर्मक इतिहास बनेनिहार चतुर्भुज आशावादी केर समृति मधुबनी मे