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प्रवीण नारायण चौधरी

अपन मिथिलाक छुपल कलाकारः सोनी चौधरीक गायन विलक्षण

लतारूपी सोनी चौधरी, हमर बहिन   प्रसंग झगड़ा सँ राखी बन्हेबाक   लता मंगेशकर एक भेलीह जे पूर्णरूपेण ज्ञात छथि, लेकिन अज्ञात आ छपित लताक संख्या सेहो कम नहि अछि। सोनी चौधरी – हमर बहिन, गाम नेहरा (दरभंगा) सँ छथि। हिनकर स्वर मे किछु रास गीत सुनबाक अवसर भेटल। अपनो लोकनि सुनि सकैत छी, नीचाँ अपन मिथिलाक छुपल कलाकारः सोनी चौधरीक गायन विलक्षण

मधुबनी मे भेल एक आरो दहेज मुक्त विवाहः दहेज मुक्त मिथिला अभियान सँ प्रेरणाक उदाहरण

दहेज मुक्त मिथिलाक अभियान सँ प्रेरित युवा कयलनि दहेज मुक्त विवाह आर के दीपक, दरभंगा। जुलाई १२, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!!   वैह होएछ मर्दक लाल आ खुद एक बेजोड़ मर्द जे मर्दानगीक मैदान मे अपन मर्दानगी सिद्ध करैत अछि। जी हाँ! एहने एकटा आरो मर्दक लाल मनोज कुमार सिंह डंकाक चोट पर दहेज मुक्त विवाह मधुबनी मे भेल एक आरो दहेज मुक्त विवाहः दहेज मुक्त मिथिला अभियान सँ प्रेरणाक उदाहरण

मैथिली संचार केर सर्वोत्तम आ सर्वसुलभ माध्यम बनल अछि सामाजिक संजाल

फेसबुक लाइव इफेक्ट आ मैथिली   फेसबुक लाइव मैथिली लेल नव वरदान सिद्ध भऽ रहल अछि। आब टाइप कय केँ लंबा-लंबा लेख लिखबाक बदला अपन सम्पूर्ण विचार वीडियोक रूप मे हमरा लोकनि राखि रहल छी। कतेको छुपल कलाकार अपन भिन्न-भिन्न कला केँ एहि वीडियोक मार्फत सामाजिक संजाल पर अपना संग जुड़ल मित्र, फोलोवर्स आ आम मैथिली संचार केर सर्वोत्तम आ सर्वसुलभ माध्यम बनल अछि सामाजिक संजाल

ईश्वर – अनिवार्य आ ऐच्छिक – ईश्वरक यथार्थ परिचय करबैत ई गूढ तत्त्व समीक्षा

ईश्वर – अनिवार्य आ ऐच्छिक (Worth Contemplating, Ponder Pravin, Ponder on It!)   – पंडित रुद्रधर झा (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   “सर्वेषामपि पूज्यानां पिता वन्द्यो महान गुरुः। पितुः शतगुणा माता गर्भधारणपोषणात्॥ विद्या मन्त्रप्रदः सत्यं मातुः परतरो गुरुः। नहि तस्मात्परः कोऽपि वन्द्यः पूज्यश्च वेदतः॥”   – ब्रह्मवैवर्तपुराण कृष्णजन्म ७२/११०, ११२   समस्त पूज्य लोकनि मे ईश्वर – अनिवार्य आ ऐच्छिक – ईश्वरक यथार्थ परिचय करबैत ई गूढ तत्त्व समीक्षा

कलियुग वर्णन – तुलसीदासकृत रामचरितमानस सँ प्रेरित

कलियुग-वर्णन   (तुलसीदासकृत् रामचरितमानस सँ प्रेरित)   दोहाः युगक नाम एक कलियुग, सब अधर्मे बेहाल। धन मद मत्त लोक सब, उग्रबुद्धि वाचाल॥ पाप खेलक सब धर्म केँ, लुप्त भेल सदग्रंथ। दंभीक मति आ कल्पना, प्रगट भेल बहुपंथ॥ भेल लोक सब मोहक वश, लोभ खेलक शुभ कर्म। सुनु भगत आ ज्ञानक खान, कहब गोटेक कलिधर्म॥   कलियुग वर्णन – तुलसीदासकृत रामचरितमानस सँ प्रेरित

जीवन लेल १२ उपयोगी मंत्र आ स्वच्छ रहबाक लेल दहेज प्रथाक उन्मूलन पर किछु विचार

अपन कल्याण संग समाजक कल्याण लेल किछु महत्वपूर्ण उपाय बेटीक जन्म परिवार मे नव-नव सुख आ सम्पत्तिक संग होएत छैक, ताहि लेल बेटीक जन्म पर ‘लक्ष्मी एली’ कहि लोक एक-दोसर केँ बधाई दैत अछि। जँ अहाँ ध्यानपूर्वक एहि स्थिति पर गर करब त’ निश्चित हरेक परिवार मे खासकय बेटीक जन्म पर यैह बात सच भेटत। जीवन लेल १२ उपयोगी मंत्र आ स्वच्छ रहबाक लेल दहेज प्रथाक उन्मूलन पर किछु विचार

अर्थ आ रहस्यक भेद (श्रीमद्भगवद्गीताक एक श्लोक केर रहस्य)

अर्थ आ रहस्यक भेद (श्रीमद्भगवद्गीताक एक श्लोक केर रहस्य) – ब्रह्मलीन परम श्रद्धेय श्रीजयदयालजी गोयन्दका (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   एकटा बड़ा सन्तोषी, सदाचारी आर विद्वान् ब्राह्मण छलाह, मुदा छलाह ओ गरीब। हुनक पत्नी बड़ा पतिव्रता, विदुषी, तत्त्वज्ञान सँ सम्पन्न आ जीवन्मुक्त छलीह। ओहि देशक राजा सेहो तत्त्वज्ञानी, जीवन्मुक्त महात्मा छलाह। ब्राह्मणपत्नी एक दिन विचार अर्थ आ रहस्यक भेद (श्रीमद्भगवद्गीताक एक श्लोक केर रहस्य)

चनमा, मचान, धूर्त समागम तथा मैथिली

विचार – धर्मेन्द्र झा मैथिली साहित्यमे कविश्वर चन्दा झाक नाम बड़ा सम्मानपुर्वक लेल जाइत छन्हि । चन्दा झा मैथिली भााषामे पहिलबेर रामायणक रचना कयलनि मानल जाइछ । चन्दा झा मैथिलीक एहेन यशस्वी कवि व साहित्यकार छथि जे मिथिलाक सम्बन्धमे अनेकों रचना कएने छथि । ओ मैथिलीक इतिहास आ भूगोलक बारेमे काव्यात्मक ढंगसँ सोझाँ रखलनि । चनमा, मचान, धूर्त समागम तथा मैथिली

मिथिला मिथिला सब करे – मिथिला लेल नहि कोइ

एमएसयू – एमएसयू – एमएसयू!!   ई आवाज हमरा भीतर सँ निकैल रहल अछि, खास कय केँ तखन जखन एमएसयू केर विषय मे तरह-तरह केर वहम (सन्देहास्पद बात) आ अहम (सदस्य लोकनिक गुन्डागर्दी आ जोर-जबरदस्ती) आदिक बात चारूकात बाजार मे पसैर रहल अछि।   भीतर सऽ हम पहिने बड़ा तमसायल रहैत रही एहि संस्था पर, मिथिला मिथिला सब करे – मिथिला लेल नहि कोइ

मैथिली आ भोजपुरी भाषा केँ सरकारी कामकाजक भाषा बनेबाक ज्ञापन मुख्यमंत्री केँ सौंपल गेल

जनकपुर, ५ जुलाई २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ मुख्य मन्त्री कार्यालय, जनकपुरधाममे प्रदेश २ के मुख्य मंत्री मो. लाल बाबु राउतके मातृभाषा सम्बन्धी ज्ञापनपत्र देल गेल अछि। मैथिली साहित्यकार सभा के अध्यक्ष प्रेम विदेह ललनक संयोजन मे गेल प्रतिनिधिमंडलमे मिथिला नाट्य कला परिषद्क अध्यक्ष परमेश झा, मिथिला संस्कृति विकास केन्द्र, महोत्तरीक अध्यक्ष प्रा. ताराकान्त झा, मैथिली मैथिली आ भोजपुरी भाषा केँ सरकारी कामकाजक भाषा बनेबाक ज्ञापन मुख्यमंत्री केँ सौंपल गेल