अपन मिथिलाक छुपल कलाकारः सोनी चौधरीक गायन विलक्षण

मिथिला मे कलाक कमी नहि
लतारूपी सोनी चौधरी, हमर बहिन
 
प्रसंग झगड़ा सँ राखी बन्हेबाक
 
लता मंगेशकर एक भेलीह जे पूर्णरूपेण ज्ञात छथि, लेकिन अज्ञात आ छपित लताक संख्या सेहो कम नहि अछि। सोनी चौधरी – हमर बहिन, गाम नेहरा (दरभंगा) सँ छथि। हिनकर स्वर मे किछु रास गीत सुनबाक अवसर भेटल। अपनो लोकनि सुनि सकैत छी, नीचाँ हुनकर यूट्युब लिंक दय रहल छी। एतेक मधुर स्वर आ सुर-ताल मे हिनकर गायिकी आइ भोरे-भोर सुनय लेल भेटल, ताहि सँ बुझू जेना आजुक दिन सुरमयि बनि गेल अछि। सोनी चौधरी संग परिचय काल्हिये भेल। श्री सुनीत ठाकुर – संस्थापक, हम सब मैथिल छी ग्रुप द्वारा काल्हि एकटा हमर कथा पर हिनकर यथार्थ परिचय कराओल गेल छल। हमर स्वभाव अनुसार झगड़ा सँ मित्रता शुरू होयबाक कतेको रास उदाहरण सोशल मीडिया मे भेटत। मैथिली-मिथिला सँ अतिशय प्रेम हेबाक कारण शायद हिन्दीक बिन्दी लगेने कियो छमकछल्लो हमरा देखा जाइत छथि त हम मरखाह बरद जेकाँ हुरपेटय मे कनिको देरी नहि लगबैत छी – खास कय ई बुझैत जे आइ-काल्हि सैकड़ों-हजारों फेक आइडी बनाकय लड़कीक आइडी सँ लोक सब मैथिली-मिथिलाक ग्रुप खोलैत अछि आ फेर ओतय मनमर्जी जेना मोन होएत छैक तेना ग्रुप संचालन करैत अछि। लेकिन हमर ई कल्पना काल्हि गलत सिद्ध भेल, आ झगड़ा सँ शुरू लेकिन एकटा सच्चा मुंहबोली बहिन भेटि गेल। सोनी सँ हम काल्हिये राखी बन्हा लेलहुँ।
 
भाइ केर रूप मे बहिनक राखीक मूल्य कि देल जाएत छैक? बहिन जखन भाइ केर कलाइ पर राखी बन्हैत अछि त ओ भाइ केर और्दा बढय, ओकर मान-प्रतिष्ठा बढय आ हर-तरहें ओ दुर्जन-दुष्टादि सँ सुरक्षित हो – येनबद्धो बलि राजा… रक्षासूत्र बंधनक ई मंत्र सेहो बड़ा प्रचलित अछि, लेकिन समग्र भाव मे एकटा बहिनक राखी भाइ लेल रक्षासूत्रक रूप मे मानल जाइत अछि। तहिना भाइ सेहो अपन बहिनक अस्मिता, मान-सम्मान, सोहाग-भाग आदिक रक्षक बनबाक शपथ लैत अछि। दानक प्रतिदान मे भले जेबी सँ गोटेक द्रव्य-गहनादि सौंपबाक व्यवहार देखी हमरा लोकनि, लेकिन आभासी संसार मे सेहो हम सब एक-दोसर लेल प्रार्थना करैत रक्षाक प्रतिबद्धता जाहिर कय सकैत छी। आब चूँकि हमर बहिन एकटा ठोस मिथिलानी अछि, ओ दिल्ली मे रहिकय पति-परिवार संग स्वयं सेहो एकटा नीक जिम्मेवार पद पर ‘लेखापाल’ केर नौकरी करैत आर्थिक सबलताक पोषक सेहो अछि, आइ १५ वर्ष सँ अपन जिम्मेवारीक संग परिवार केँ विकासक मार्ग पर अग्रसर रखने अछि, से जानि मोन आरो प्रसन्न भऽ गेल।
 
त कहने रही जे ई छपित लता मंगेशकर छी। एकर आवाज अहाँ सब सुनू। एतेक मिहिन स्वर आ सुन्दर-सन्तुलित रहबाक कारण हमरा त बड प्रेरित केलक अछि। संगहि, एकर ललक जे आगू दिन मे आरो कलाक निखारतैक, ई सबटा बात जनलाक बाद अपने सब धरि एकर परिचय खास रूप मे रखलहुँ अछि। कतेक लोक काल्हि देखने होयत जे हम सब आपस मे खूब बहस केने रही। लेकिन भाइ-बहिन केर कतबो झगड़ा भऽ जाय, मोन आ हृदय पवित्र रहत तऽ एकर सकारात्मक परिणाम सँ दुनिया केँ सब दिन लाभ भेटत। बहिन लेल खास संवाद – मैथिली जिन्दाबाद केर हरेक सोपान पर तोहर नाम होउक। तोहर हिम्मत आ ताकत दुनू सब दिन एतबा प्रखर रहय। खाली गलत केँ गलत बुझय लेल अपन जिद्द मे सही सिद्ध करबाक काज कहियो नहि करिहें। अपन मैथिली लेल काज करयवला या करयवाली बहुत कम छौक। ताहि सँ हिन्दीक बिन्दी सँ बेसी मैथिलीक सुरसरि धार सदिखन बहबैत रहिहें। हमर आशीर्वाद, शुभकामना आ समर्थन सब दिन तोरा संग रहतौक। ॐ तत्सत्!!
 
सोनीक स्वर मे एतय सुनूः
पाहुन मुख मे लियौ पान, …. करियौ सिन्दुर दान….
https://youtu.be/yJsg9V6ud4c
 
हरिः हरः!!