बेटी-पुतोहु केँ घरक काज केँ नित्यचर्या समान उत्साहपूर्वक करबाक चाही
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी (पत्राचार केर प्रारूप मे) दिलीप सर, नमस्कार! जय मिथिला - जय जानकी!! सन्दर्भः बेटी-पुतोहु केँ घरक काज करबाक लेल शिक्षित करब आवश्यक अपनेक पत्र प्राप्त भेल। अपने द्वारा हमर अभियान सभक सराहना सँ नव उत्साह सेहो भेटल। अपने लिखने छी – “समाज मे एक बात और फैलाउ … बेटी-पुतोहु केँ घरक काज केँ नित्यचर्या समान उत्साहपूर्वक करबाक चाही









