दरभंगा दहेज हत्याकाण्ड
रंजना हत्याकाण्ड – खून कय केँ खून पचेबाक सरेआम विरोध करू
एतेक दिन कतेको बेर सुनी जे ‘दहेज लेल हत्या’ बेसीतर बहन्ना होएत छैक, यथार्थ किछु आरे कारण होएत छैक…. लेकिन ‘रंजना हत्याकाण्ड’ स्वयं रंजना अपना हाथ सँ भाइ-बहिन सब केँ संबोधित कय केँ चिट्ठी मे अपन पीड़ा लिखने अछि जाहि मे स्पष्ट छैक जे विवाहक चारि मासक भीतर ओकरा संग ओकर पति आ बाकी परिवार कोन तरहें दुर्व्यवहार केलकैक। कारण छैक – कनियाँ सुन्दर नहि भेटल… दहेज खूब नहि देलक… एकरा मारिकय फेर दोसर विवाह करायब…. फेर दहेज खूब लेब… आदि।
दुखद पक्ष ई छैक जे दोसराक बेटीक जान लोक एतेक सस्ता बुझैत छैक, दुर्व्यवहार करब त एक पक्ष, जान तक मारि देबाक जुर्रत करब ई मस्तिष्क केँ झकझोरि कय राखि देने यऽ काल्हिये सँ। लड़कीक लिखल पत्र पढय मे नहि आबि रहल यऽ पूरा… लेकिन जतेक पढि पाबि रहल छी…. ताहि सँ स्पष्ट अछि जे दहेज लोभी परिवार मे भ्रष्टाचारिता सँ अर्जन करैत अट्टालिका ठाढ करबाक दुष्प्रवृत्ति आइ एहेन दुर्घटनाक अंजाम देलक अछि। स्पष्टे छैक जे बिहार पुलिस मे दरोगा पोस्ट पर कार्यरत एक इंसान अपन परिवार केँ कोन तरहें भ्रष्टाचारी सँ अर्जल अकूत धनरूपी अफीम केर नशा जेकाँ आदति लगा देलकैक जे आखिरकार दरोगा पत्नी आ पुत्र-पुत्री सब कियो एकटा दोसर पुलिस अधिकारीक बेटी सँ अनेकों दहेज लेलाक बादो मोन नहि भरलैक तऽ अपन पावर आ पहुँच सँ एकटा बेटीक खून कय से पचेबाक खूब नीक व्यूह पर्यन्त रचि आगाँ ओहि लड़काक दोसर विवाह आ ताहि सँ फेर खूब रास दहेज भेटबाक सपना तक देखि लेलक। कल्पना कय केँ देह सिहैर जाइत अछि। हमर मान्यता रहय जे दहेजरूपी दानव सिर्फ कम पढल-लिखल आ निरक्षर-मूर्ख अथवा स्पष्ट भाषा मे कही तऽ नीच कुल-मूल केर लोक सभ करैत अछि ताहि तरहक छल। लेकिन आइ ई घटना सँ विश्वास भऽ गेल जे ‘दहेज’ यानि ‘मुफ्त मे भेटयवला नगदी आ विभिन्न उपहार’ केर लोभ कथित उच्च जाति आ खासकय ब्राह्मण समुदाय मे सेहो माथ चढिकय बात करैत अछि। विरले लोक दहेज मुक्त भेटत, नहि तऽ अधिकतर लोक दहेज लोभिये भेटैत अछि। ओ अपन सम्पूर्ण नैतिकता आ सिद्धान्त केँ ताख पर राखि बेटीवला केँ नोंचिकय बेसी सँ बेसी दहेज भेटय ताहि लोभ मे फँसैत अछि।
रंजनाक हत्या केँ पचेबाक नाटकीय प्रयास
काल्हिये भेटल समाचार सँ ई ज्ञात भेल छल जे लड़कीक हत्या ओकरा खूब मारा-पिटी केलाक बाद गला दबाकय कयल गेल अछि। ई संकेत आरोपी परिवारक आसपासक लोके लड़कीक परिवार केँ नाम नहि खोलबाक शर्त पर देलक। ओम्हर लड़कीक हाथक लिखल पत्र मे स्पष्ट उल्लेख अछि एहि सब बातक जे ओकरा संग ओकर सासूरक लोक आ पति कोन तरहें व्यवहार करय, ताहि सँ सेहो हत्या मात्र कयल जेबाक बात सिद्ध होएत अछि।
फिल्म सब मे कहानी बनाकय मर्डर केँ रोड एक्सीडेन्ट देखेबाक कतेको वृत्तान्त सुनने रही, लेकिन रंजना हत्याकाण्ड पूर्णरूपेण फिल्मी तर्ज पर गढल जेबाक समाचार प्रत्यक्ष देखि रहल छी। हत्या कय केँ दरभंगा-मुजफ्फरपुर हाईवे पर सड़क दुर्घटनाक सेटिंग मिलाकय – टेम्पो प्रयोग कय अस्पताल तक एबाक बात कहल गेल अछि। जखन कि दुर्घटनाग्रस्त मोटरसाइकिल केँ सिर्फ डिक्की मे कनेक टूट-फूट होइत छैक, आर चालक यानि हत्याक आरोपी पति (लड़का) बिना चोट वा जख्म अलौकिक बेहोशी केँ प्राप्त करैत छैक। फेर एक्सीडेन्ट के देखलक, बेहोश लड़का आ मृत लड़की केँ केना अस्पताल पहुँचायल गेल, लड़काक पिता ‘दरोगा साहेब’ पिक्चर मे कोना एक्सीडेन्ट स्पौट पहुँचला कि अस्पताल पहुँचला… टेम्पूवला ओकरा सब केँ अस्पताल पहुँचेलक… इत्यादि बात सब एखन पर्दाक भीतरे मे छैक। पुलिस अधिकारीक बयान जाहि तरहें एहि पेपर (जागरण) मे आयल अछि से ई कहि रहल अछि जे ‘कुछ लोगों ने एक्सीडेन्ट होने की बातें कही’। माने जे ‘खून कय केँ पचा लेबाक’ दबंग कथाक पटकथा सबटा पहिने सँ तैयार कहि सकैत छी। आखिर दरोगा साहेब केर घरक लोक न मर्डर केलकैक, खून पचेबाक गाथा बुनब कती कालक बात भेल हुनका सब लेल! हा राम!! हे भगवान्!! आह!! बचाउ हमर मिथिला केँ!!
हत्याक आरोपी प्राइवेट नर्सिंग होम मे
एखन प्राप्त सूचना अनुसार हत्याक आरोपी पतिदेव केँ अलौकिक बेहोशी तऽ टूटि गेलनि, आब ओ बेचैनी मे प्राइवेट नर्सिंग होम केर भीतर टहलान लगा रहला अछि। कियैक नहि! योजना मुताबिक पुलिस केस सलटबाक छन्हि। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक बेर एक्सीडेन्ट देखाबय वला बनिये गेलैन योजना अनुरूप। आब कनीकाल मे दोसर रिपोर्ट आबयवला छैक। ओहो रिपोर्ट किछु तेहने गोल-मटोल एबाक आशंका छैक। लेकिन मिथिला स्टुडेन्ट यूनियन आ दहेज मुक्त मिथिला सहित करोड़ों मैथिल जनमानस आब एहि हत्याकाण्ड पर नजरि गड़ौने अछि। पहिल दिन तऽ कहाँ दिना दू टा पत्रकार सेहो मैनेज भऽ गेल छल, ओ सब समाचार हबड़-दबड़ रोड एक्सीडेन्ट वला बना देलकैक। हम तऽ आग्रह करब सरोकारवाला सब सँ जे ओहि पत्रकारो केँ हिरासत मे लय केँ पुछताछ कयल जाय जे ओ घटनाक समय ओतेक राति हाईवे पर कतय छल आर कोन आधार पर समाचार प्रकाशित केलक, कतेक पैसा खेलक ई सब काज करय लेल… आ ई दहेज लोभी परिवार दहेजे वला पाइ मे सँ ई सबटा मैनेज केलक आ कि दरोगा साहेब केर कमेलहा आर सम्पत्ति केँ भुष्ट कय केँ ई सब मैनेज भऽ रहल य?
बिहार सरकार लेल चुनौतीपूर्ण अछि ई केस
बिहार पुलिस केर एक सेवानिवृत्त अधिकारी आ दोसर सेवारत कर्मचारी – दहेज मुक्त बिहार मे दहेजक लोभ मे कयल एक बेटीक नृशंस हत्या सँ समूचा सूबा बदनाम भेल अछि।
खून पचेबाक ई खेला-वेला बिहार सरकार आ खासकय केँ मुखिया नीतीश कुमार लेल विशेष नजरि राखि अपराधी केँ सजा देबाक बेर अछि। अन्यथा समय एकर हिसाब करत। अस्पताल प्रशासन, पुलिस प्रशासन, संचार माध्यम वा कोनो अन्य लोक जाहि तरहें दहेज अपराध केँ बढावा दय रहल अछि ई कतहु सँ मान्य नहि भऽ सकैत अछि।
सोशल मीडिया सँ भेटत जस्टिस
दहेज मुक्त मिथिला आह्वान करैत अछि जे जा धरि अपराधी केँ सही सजा नहि भेटि जाइत अछि, कृपया अहाँ सब कियो अपन मिथिला केँ एहेन अपराधी आ अपराध सँ मुक्त करबाक लेल विरोध जारी राखू। एतेक शेयर करू जे सरकारक कान धरि ई मामिला अवस्स पहुँचि जाय। सब जनप्रतिनिधि एहि मामिला मे पीड़ित पक्ष केँ न्याय दियाबथि, ओहि बेटीक अकाल मृत्युक बदला लेनाय समाजक कर्तव्य बनैत अछि। ई बदला एहि लेल नहि जे खूनक बदला खून सँ न्याय हेतैक, बल्कि एहि लेल जे अन्य दहेज लोभी आ दहेजक लोभ मे केकरो बेटीक हत्या कय देबाक गलत हिम्मत कयनिहार केँ १० बेर सोचय पड़तैक ई काज करय सँ पहिने। अस्तु! मैथिली जिन्दाबाद केर नजरि बनल अछि घटना पर, दहेज मुक्त मिथिला संग अछि पीड़ित परिवार केर।
हरिः हरः!!

3 Comments
Ekhno apna samaj me beti k lel apna sab insaan k nai okar sampati k dekhai che tahe lel ena hoit ache jahe din e sab dekhnai choir debai ohe din sab kich thik hoijayat
Inprijnment…for hole life
Sale ko fansi hona chahiye…..