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प्रवीण नारायण चौधरी

प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

युवा आ किशोर मे बढैत कुलत पर संबोधनार्थ ई गीत थिक। सप्तरी जिलाक भारदह कर्मक्षेत्रक एक युवा लेकिन सुप्रतिष्ठित गीतकार सुमन झा केर अनुरोध पर ई रैप गीत थिक।   सुने सुने बबुआ मोरे सोने बबुआ दुनिया मे मैथिल बौआ खूबे अगुआ…   लोक गेल चान पर मैथिल भेलौ पाछू अगबे टंगघिच्ची फुसिये के नाचू प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी

लघुकथा – रूबी झा फूलदाय भरि टोल में सबसँ बेसी बज्जैकर रहैथि। उचित-अनुचित केर ओतेक बोध नहि रहैन, सिर्फ बजनाय बुझथिन्ह। बिना बातक-बात में सब केँ टोकि देथिन, आ भरि टोल घूमल फिरैथि। नवारी में अहि स्वभावक कारण सँ घरवाला सँ कतेक दिन माइर तक खा लैथि, लेकिन ओहि सँ हुनका पर कोनो प्रभाव नहि फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी

The Maithili Movement – A Book Review By Prof. Mohammad Sazzad

The Maithili Movement – Prof. Mohammad Sazzad, AMU, India Courtesy: https://frontline.thehindu.com/books/article24200882.ece A nuanced study of the Maithili language and the movement that led to the formation of a modern Maithili community, and its speakers’ resistance to Hindi hegemony. BIHAR is linguistically complex and diverse with spoken languages such as Maithili, Bhojpuri and Magahi, and dialects The Maithili Movement – A Book Review By Prof. Mohammad Sazzad

मिथिलावाद केर जन्म २०१४ मे, २०१९ मे गन्तव्य समीप आबि चुकल अछि

संस्कृतक ‘वाद’ अर्थात् अंग्रेजीक ‘इज्म’   मिथिलाक केन्द्रस्थली दरभंगा मे आगामी विधानसभा चुनाव लेल मिथिलावादी कइएक अभियन्ता आ विचारक मे एकटा नया जोश आ जागरण आयल देखल जा रहल छैक। एकटा छात्र विशेष संगठन मे मिथिलावाद केत तत्त्व आब आगामी विधानसभा चुनाव लड़बाक प्रेरणा देलकैक, तऽ दोसर दिश गोटेक राष्ट्रवादक पूजक-समर्थक सेहो मिथिलावाद केँ जड़ि मिथिलावाद केर जन्म २०१४ मे, २०१९ मे गन्तव्य समीप आबि चुकल अछि

मैथिली भाषाक पढौनी दिल्ली मे होयत – ताहि सँ ई लोकनि एतेक ईर्ष्या-डाह मे कियैक पड़ैत छथि

एहेन पैघ लोक सँ सावधान   सन्दर्भः मातृभाषा मे पढौनीक लेल दिल्ली सरकार द्वारा देल जा रहल अछिकार सँ के आ कियैक ईर्ष्या डाह मे फँसि रहल अछि   (एहि तरहक कुतर्कपूर्ण बहस केर एकटा जीवन्त पोस्ट आ ताहि पर चर्चाक स्क्रीन शौट संलग्न)   गौर सँ देखला पर पता चलैत अछि जे मैथिलीक बड़का मैथिली भाषाक पढौनी दिल्ली मे होयत – ताहि सँ ई लोकनि एतेक ईर्ष्या-डाह मे कियैक पड़ैत छथि

जीतिया पाबनि पर सामूहिकताक प्रदर्शन – भाषा, संस्कृति आ समाजक उत्थान मुख्य उद्देश्य

२१ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! राधा मंडलक अगुवाई मे जीतिया महोत्सव २०७६, सरोचिया मे भेल भव्य समारोह मैथिली जनसांस्कृतिक मंच विराटनगर केर तत्त्वावधान मे श्रीमती राधा मंडल केर संयोजन-अगुवाई मे आयोजित जीतिया महोत्सव २०७६ परसू वृहस्पति दिन विराटनगरक सरोचिया स्थित शिक्षा सदन विद्यालय मैदान मे आयोजित भेल। एहि आयोजन केर अध्यक्षता स्वयं राधा मंडल कएने जीतिया पाबनि पर सामूहिकताक प्रदर्शन – भाषा, संस्कृति आ समाजक उत्थान मुख्य उद्देश्य

जीतिया पर्व समारोह आब लोकोत्सव केर रूप मे परिणति पाबि रहल अछि

२१ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला जनसमुदाय द्वारा घरे-घर केर सीमा मे बान्हल जीतिया पाबनि मनेबाक परम्परा केँ सार्वजनिक उत्सवक रूप मे मनेबाक नव परम्परा केँ पहिल-पहिल शुरू करनिहाइर मिथिलानी वसुन्धरा झा द्वारा ८म बेरुक जीतिया पर्व समारोह भव्यताक संग मनायल गेल। आम जनसमुदाय – आम समाज संग सामूहिकताक प्रदर्शन करैत जीतिया पाबनि मनेबाक प्रथा जीतिया पर्व समारोह आब लोकोत्सव केर रूप मे परिणति पाबि रहल अछि

मैथिलीभाषाभाषी सावधानः सन्दर्भ भारतक जनगणना २०२१

विशेष सम्पादकीय   सुनबा मे आयल अछि जे भारतक जनगणना लेल सूचना संकलन करबाक प्रक्रिया शुरू अछि। २०२१ केर फरवरी धरि ई कार्य संपूर्ण कयल जेबाक परम्परा मुताबिक भारतीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी कयल गेल निर्देशन अनुसार प्रश्नक सूचीक संग सूचना संकलन करनिहार ठाम-ठाम पर घुमि-घुमिकय सूचना संकलन कय रहला अछि।   विदित हो जे मैथिलीभाषाभाषी सावधानः सन्दर्भ भारतक जनगणना २०२१

मिथ्याचारक चाप (समय-सापेक्ष नैतिककथा)

नैतिक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी जँ भीतर मनमे कूद-कूद मचल रहय आ बाहर सँ ई आवरण चढेने रहत कि जोगी-फकीर छी, तेकरे कहल जाइत छैक मिथ्याचार। आचार-विचार जेहेन भीतर हो तेहने बाहर, भले गुन्डइ भीतर अछि आ बाहरो अछि तऽ संसार ओकरा नीके कहैत छैक, खास कऽ के एहि कलियुगमे। जतेक राबिन हूड आजुक मिथ्याचारक चाप (समय-सापेक्ष नैतिककथा)

कि याद अछि दरभंगाक दहेज हत्याकांडक ओ वीभत्स कथा

१८ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! समाज मे नीक आ बेजा घटित होयब स्वभाविक छैक। पिछला वर्ष दरभंगाक एकटा दहेज हत्याकांड काफी चर्चा मे रहल। एक दरोगा जी अपन बेटीक विवाह दोसर दरोगा जीक बेटा सँ करौलनि। कथा-वार्ता दुइ समान हैसियतक परिवार मे केना होइत छैक मिथिला मे सब केँ बुझले होयत। बेटीक परिवार पर लगभग कि याद अछि दरभंगाक दहेज हत्याकांडक ओ वीभत्स कथा