सनकेनिहार-बहकेनिहार लोकक कुचक्र मे पड़ि गेल एक काज केनिहार – प्रसंग बालमुकुन्द-चेतना समिति
प्रिय बालमुकुन्द जी, बहुत दुखदायी निर्णय अछि अहाँक, एकटा प्रतिष्ठित संस्थाक माध्यम सँ अहाँक विलक्षण प्रतिभासम्पन्न योगदान देबाक क्रम अहाँ स्वयं भंग कय रहल छी अथवा कय लेलहुँ। चढेला-बढेला पर एहि तरहक निर्णय कयल अथवा ई आत्मविवेक सँ कयल, से द्वंद्व मे हम नहि पड़ब। निर्णय गलत भेल से कहब। शुरुओ मे कहने रही, … सनकेनिहार-बहकेनिहार लोकक कुचक्र मे पड़ि गेल एक काज केनिहार – प्रसंग बालमुकुन्द-चेतना समिति









