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प्रवीण नारायण चौधरी

जानकी मन्दिर केँ विश्व धरोहर केर सूची मे सूचीकृत करेबाक अभियान कतय ठमकल अछि?

विमर्श ध्यानाकर्षण – सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक अभियन्ता   भोर संस्थाक अध्यक्ष श्री राजकुमार महतो जी द्वारा बेर-बेर एहि मुद्दा केँ उठायल जा रहल अछि। आशा करैत छी जे एहि मुद्दा पर अपनो लोकनि अवश्य संज्ञान लेने होयब। राजकुमार महतो जीक एक समीक्षात्मक लेख एहि लिंक पर देखल जा सकैत अछिः http://enewsbureau.com/news-details/4940/2019-09-19?fbclid=IwAR1ltyvFTjWwb3R-FY3TKaZxE6kbi5szN0Q7uoV4EQQCpHytCVriP8UIw8A#.XYOAMi7v8vF.facebook एहि मे देखलहुँ जानकी मन्दिर केँ विश्व धरोहर केर सूची मे सूचीकृत करेबाक अभियान कतय ठमकल अछि?

हे सिया! बस तोहर कृपा बनल रहय!!

दिवस विशेष सम्पादकीय दहेज मुक्त मिथिला ९म वार्षिकी पर विशेष   जगज्जननी जगदम्बा मिथिला पर कृपा केलनि जे एहि ठाम पृथ्वी माताक कोखि सँ अवतार लय हम समस्त मिथिलावासी सहित मानव जगत केँ आफद-विपत्ति सँ मुक्त करौलनि।   दहेज प्रथा आइ जाहि विकरालताक दर्शन करा रहल अछि, कतेको धियाक भ्रूण हत्या समान जघन्य पाप तक हे सिया! बस तोहर कृपा बनल रहय!!

बिहार विधान परिषद् मे मैथिलीक पढाई लेल कांग्रेसक वरिष्ठ नेताद्वय द्वारा कार्यस्थगन प्रस्ताव

२ मार्च २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषाक पढाई लेल विधान परिषद् मे कार्यस्थगन प्रस्ताव आइ दिनांक २ मार्च २०२० केँ बिहार विधान परिषद् सदस्य द्वय मदन मोहन झा व प्रेम चन्द्र मिश्रा द्वारा संयुक्त रूप सँ विधान परिषदक सभापतिक समक्ष मैथिलीक अनिवार्य विषयक रूप मे पढाई करेबाक स्कूली पाठ्यक्रम नहि होयबाक बात केँ दुर्भाग्यपूर्ण कहैत बिहार विधान परिषद् मे मैथिलीक पढाई लेल कांग्रेसक वरिष्ठ नेताद्वय द्वारा कार्यस्थगन प्रस्ताव

सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता

लेख-अनुवाद सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता   – पंडित रुद्रधर झा   विश्व विख्यात चारि (धर्म, अर्थ, काम ओ मोक्ष) पुरुषार्थ मे तीन (धर्म, अर्थ तथा काम) अनित्य आ अतिशय अछि, मात्र चारिम (मोक्ष) टा नित्य तथा निरतिशय रहबाक कारण परम पुरुषार्थ कहाइत अछि। अतएव विवेकी व्यक्ति अनादि महाकाल सँ प्रवाहमान सदा समता भाव मे रहले सँ मानव जन्मक सफलता

दिल्ली मे दंगा – पूर्ण मीमांसा भाग २

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी शाहीनबाग मोडेल केर राजनीति भारत केर संसदीय पद्धति द्वारा पास कयल गेल ‘सीएए कानून’ केर विरोध मे विपक्ष केर हार भेला उपरान्त जानि-बुझिकय कानून केर सम्बन्ध मे अनेकों कपोलकल्पित कयास (अन्दाजी आकलन-व्यकलन) आधारित जोखिम सँ वर्ग विशेष केँ भ्रमित कयल गेल। परिणामस्वरूप एहि नव कानून केर विरोध मे जहाँ-तहाँ हिन्सक-उग्र दिल्ली मे दंगा – पूर्ण मीमांसा भाग २

दिल्ली मे दंगा – पूर्ण मीमांसा भाग १

दिल्ली मे दंगाक जड़ि की?   स्पष्टे अछि जे महीनों सँ भारत मे पास कयल गेल एक नया कानून “नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए)” केर विरोध मे एकटा धर्म विशेष केर समुदाय सहित आरो किछु निश्चित दायराक लोक-समुदाय द्वारा विरोध कयल जा रहल अछि। समूचा भारत मे एहि कानून केर विरोध या समर्थन मे कानून केर दिल्ली मे दंगा – पूर्ण मीमांसा भाग १

की कविता मरि रहल अछि – अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अखिल भारतीय विमर्श मे मंथन

साभारः दिलीप कुमार झा, मैथिली साहित्यकार, मधुबनी अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर भारतक मणिपुर राज्यक राजधानी इम्फाल मे आयोजित अखिल भारतीय कविता उत्सव मे राखल गेल विमर्श जेकर विषय छल – की कविता मरि रहल अछि, जाहि मे स्वयं मैथिलीक प्रतिनिधित्व करैत लेखक दिलीप कुमार झा सहभागिता देने छलाह, ओ आबिकय ओहि विमर्शक अत्यन्त सारगर्भित संवाद की कविता मरि रहल अछि – अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर अखिल भारतीय विमर्श मे मंथन

सप्तरीक तिलाठी-कोइलाड़ी मे दहेज मुक्त मिथिलाक शाखा खुजल

राजविराज, २४ फरवरी २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!! दहेज मुक्त मिथिलाक शाखा खुजल   सप्तरी जिलाक सुप्रसिद्ध विद्वान-भूमि तिलाठी-कोइलाड़ी गाउंपालिका मे श्री बबलू मिश्र केर अध्यक्षता मे दहेज मुक्त मिथिलाक शाखा खुलबाक जनतब संस्थापक अध्यक्ष श्रीमती करुणा झा करौलनि अछि। अध्यक्ष मिश्रक संग आर १२ गोटे कार्यसमिति मे शामिल कयल गेला अछि। एहिठाम ३ मार्च – दहेज सप्तरीक तिलाठी-कोइलाड़ी मे दहेज मुक्त मिथिलाक शाखा खुजल

आबि गेल होली फेर – होली पर विन्देश्वर ठाकुरक सुन्दर कथा-माहात्म्य

साहित्य-कथा – विन्देश्वर ठाकुर, दोहा, कतार होली आ एकर महत्व   होली वास्त्वमे असत्य ऊपर सत्य केर विजय थिक। झूठ पर साँचक जीत थिक। होलीके होरी, फगुआ, फाग आदि नाम सँ सेहो जानल जाइत अछि। वसन्त ऋतुमे फागुन पूर्णिमाक दिन ई पावनि मनाओल जाइत अछि। होरी सँ ठीक पन्द्रह दिन पहिने मिथिलाक पावन भूमी कौचरी आबि गेल होली फेर – होली पर विन्देश्वर ठाकुरक सुन्दर कथा-माहात्म्य

मैथिली मे जे सब देखल

मैथिली मे जे सब देखल – प्रवीण नारायण चौधरी   लगभग एक दशकक समयकाल अपन फेसबुक यात्रा मे ‘मैथिली’ भाषाभाषी केँ अपन मातृभाषा संग असीम अनुराग देखल।   कविता, कथा, नाटक उपन्यास, गजल आ गीत विभिन्न विधा मे हजारों मैथिली सर्जक केँ अपन सृजनकर्म करैत देखल।   लाखों मैथिलीभाषी केँ भाषिक पहिचान प्रति आत्मगौरव क्षेत्रीय मैथिली मे जे सब देखल