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प्रवीण नारायण चौधरी

दहेजक कार (मैथिली लघुकथा)

साहित्यः लघुकथा – चन्दना दत्त दहेजक कार आय रानीक मोनमे बिहाड़ि उठि रहल छल । रातिखन सबके खुआ पियाक॔ ओ बरतन बासन मांजि रहल छलै ता खुसुर फुसुर सुनि ओ कनि कान देलक सासुक कोठरी दिस। “हे, काल्हि तक जं एकर बाप पाय नहि पठाओत त॔ कार कोना लेब?” “कि करबै मां, कतहु सं जोगार दहेजक कार (मैथिली लघुकथा)

हम्मर गाम चतरा के ब्रह्मस्थानक

मिथिलाक गाम – मिथिलाक धरोहरः चतरा, मधुबनी – जुही कर्ण हम्मर गाम भेल (मधुबनी जिला) चतरा । हम गाम पर करीब 2-3 साल पर 7 -8 दिन लेल जाय छी, कोलकाता में पापा के सरकारी रेलवे में नौकरी छलय ओहि लेल हुनको गाम बहुत कम जेनाय होबय लगलैन । हम्मर गाम पर हमरा ‘ब्रह्मपुरा’ नामक हम्मर गाम चतरा के ब्रह्मस्थानक

पराती – सुमिरन गायनक एक विलक्षण विधा जे मनुष्य जीवन केँ नित्य नव ऊर्जा दैछ

लोकपरंपरा-जीवनशैली – प्रवीण नारायण चौधरी हमर हमउमेर कतेको लोक गायनक एहि विशिष्ट विधा सँ सुपरिचित होयब – भोरे-सकाले (अन्हरभोरे – प्रातःकाल) ब्रह्ममुहूर्त मे नींद टूटब आ जगलाक बादो किछु काल बिछाउने पर बैसल-बैसल ईश्वरक विशेष नामजप तथा भजन-सुमिरन गेबाक एकटा अनुपम जीवनशैली मिथिला मे भेटैत छल। खासकय गामक जीवन मे बुढ-पुरान लोक एहि तरहें जियैत पराती – सुमिरन गायनक एक विलक्षण विधा जे मनुष्य जीवन केँ नित्य नव ऊर्जा दैछ

सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा

साहित्य – मैथिली कथा – वन्दना चौधरी, विराटनगर चतुर्थी के भोर छल, सुजाता स्नान करै के लेल कोबरा स अनहरोखे बहरेली जे कियो देख नै लिये अपन पति आनंद के सुतले छोड़ि क। आनंद सेहो अनठा क आँखि मुनने पड़ल छेलाह बिछान पर। सुजाता जखन स्नान क’ क’ वापस एली ताबे तक आँगन में सेहो सिन्दूर के भार – मर्मस्पर्शी मैथिली कथा

पंचतंत्र केर खिस्सा – मंदबुद्धि सँ विनाश

मंदबुद्धि सँ विनाश (पंचतंत्र केर कथा, अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी, कक्षा-८, बीकेवीएम, विराटनगर)   एगो जुलाहा अपन करघा के बनबै के लेल लकड़ी लै ल’ जंगल गेल छेलै त ओकरा एगो मोटका गाछ देखेलै ओर अप्पन कुल्हाडी चलेनाइ सुरु कैर देलक। तेखने ओ वृछ पर सँ प्रेत के आवाज एलै – “ए मुर्ख, एकरा नै पंचतंत्र केर खिस्सा – मंदबुद्धि सँ विनाश

मैथिली संग-संग हिन्दी भाषा-साहित्यक महान कवि बुद्धिनाथ मिश्रक जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

परमादरणीय मैथिलीस्रष्टा सूर्य “श्री बुद्धिनाथ मिश्र” सर केर जन्मदिवस पर प्रवीण शुभकामना   संलग्न तस्वीर छी “मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल” केर कवि सम्मेलनक गीति-काव्य सत्रक। प्रवीणक सौभाग्य जे बैसबाक जगह भेटल सम्माननीय सत्राध्यक्ष श्री बुद्धिनाथ मिश्र सरक बाम भागक कुर्सी पर, आर हमर बाम भाग मे छथि बहुप्रतिभावान मित्र-भाइ-ओझा “हेमन्त झा”। आजुक अवसर थिक सम्माननीय महापुरुष मैथिली संग-संग हिन्दी भाषा-साहित्यक महान कवि बुद्धिनाथ मिश्रक जन्मदिन पर प्रवीण शुभकामना

पराम्बा जानकी जीक प्राकट्य दिवस पर प्रवीण शुभकामना

१ मई २०२०, विराटनगर। मैथिली जिन्दाबाद!! जानकी नवमी पर शुभकामना   आइ पराम्बा जानकी केर प्राकट्य दिवस थिक। वैसाख मास, शुक्ल पक्ष, नवमी तिथि – शास्त्र मतानुसार आजुक दिन हलेष्ठि यज्ञ सँ घट (घैल) मे जगज्जननी जानकी मिथिलाक महाराजा शिरध्वज जनक केँ प्राप्त भेलखिन। बाल्यकालहि सँ अद्भुत क्षमताक लीला कयनिहाइर साक्षात् लक्ष्मीक अवतार नारायणावतार श्रीराम पराम्बा जानकी जीक प्राकट्य दिवस पर प्रवीण शुभकामना

मिथिलाक मूल्यवान् धरोहरः भैरवस्थान – भैरव बाबाक स्थापनाक कथा सहित

धरोहर-परिचय – सोहन कुमार झा मिथिला के धरोहर: भैरव बाबा (भैरव स्थान) हमर गाम समया-महिनाथपुर (जिला मधुबनी) के नजदीक (लगभग 1 KM पस्चिम) म अवस्थित छैथ, वाया-झंझारपुर, जिला-मधुबनी, बिहार। एहि स्थान क बारे में निम्न लिखित बात प्रचलित छै, पढ़ल जाऊ : एक समय के बात अछि, विश्वामित्र जी जखन राम – लक्ष्मण क संग मिथिला मिथिलाक मूल्यवान् धरोहरः भैरवस्थान – भैरव बाबाक स्थापनाक कथा सहित

पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

धूर्त ठक आ ब्राह्मण (पंचतंत्रक खिस्सा, अनुवादः प्रियशील नारायण चौधरी)   एकटा नगर मे पूजा-पाठ करै वाला एगो पन्डित के हुनकर जजमान हुनका दान मे बकरी देने छेलखिन जेकरा लऽ कऽ ओ वापस आइब रहल छेलखिन। अबैतकाल रस्ता मे ओहि बकरी पर चाइर गो ठक लोकक नजरि पैड़ गेलै। एकदम नीक बकरी केँ देखिकय ठक पंचतंत्रक रोचक खिस्सा – धूर्त ठक आ ब्राह्मण

बरहरा गामक भैरव पूजा – मिथिलाक एक महत्वपूर्ण धरोहर

अभियान आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी बरहरा गामक भैरव पूजाः मिथिलाक एक धरोहर बरहरा गाम मधुबनी जिला मे पड़ैत अछि। झंझारपुर सँ लौकहा जेबाक रेलवे रूट जे एखन अमान-परिवर्तनक प्रक्रिया मे रहबाक कारण बाधित अछि ताहि पर पड़ैत अछि बरहरा हाल्ट। आसपासक अन्य स्टेशन सभक नाम अछि वाचस्पतिनगर (अंधड़ाठाढी), खुटौना, आदि। बलिराजगढ सेहो आसेपास अवस्थित बरहरा गामक भैरव पूजा – मिथिलाक एक महत्वपूर्ण धरोहर