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प्रवीण नारायण चौधरी

अन्तर्मनक ओ बातः आत्मसंस्मरण

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी आत्मसंस्मरण अन्तर्मनक ओ बात   हम यदा-कदा बड भावुक भ’ गेल करैत छी… कियैक? कियैक त’ हमरा जखन विवाह करबाक लेल आत्मा मानि लेलक त हम अपन पूज्य पिता सँ कहलियनि जे आब अहाँ जरूर कतहु नीक परिवार देखू आ हमर जीवनसंगिनी तय करू। लेकिन जीवनसंगिनी तकबाक (निर्णय करबाक) बदले अन्तर्मनक ओ बातः आत्मसंस्मरण

साहित्य अकादमी मे अगिला मैथिली प्रतिनिधिक ताजपोशी हेतु तिकड़मबाजी फेर अछि आरम्भ

समाचार-साभारः मैथिल पुनर्जागरण प्रकाश साहित्य अकादमी मे अगिला मैथिली प्रतिनिधिक ताजपोशी हेतु तिकड़मबाजी फेर अछि आरम्भ ( पूर्व संयोजक रहल डॉ. वीणा ठाकुर केँ एहि बेर फेर सँ कुर्सी थम्हेबाक भ’ रहल प्रयास ) नव दिल्ली | कार्यालय समदिया पूस मास आरम्भ अछि आ मिथिला मे एकरा खरमास कहल जाइत अछि । कोनो शुभ काज साहित्य अकादमी मे अगिला मैथिली प्रतिनिधिक ताजपोशी हेतु तिकड़मबाजी फेर अछि आरम्भ

गीता-दर्पणः गीता सँ जुड़ल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी गीता सँ जुड़ल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी गीताभ्यासेन ये जाताः साधकेष्वपि संशयाः। अत्र तेषां समाधानं क्रियते हि समासतः॥ गीताक अभ्यास सँ साधकक मोनक संशय केँ समाधान हेतु ई अध्याय स्वामी रामसुखदासजी महाराज अपन प्रसिद्ध पोथी ‘गीता-दर्पण’ मे रखलनि अछि। गीता-सम्बन्धी प्रश्नोत्तर प्रश्न ‒ कौरव-सेनाक त शंख, भेरी, ढोल आदि कतेको तरहक बाजा गीता-दर्पणः गीता सँ जुड़ल महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तरी

समूह एक गतिविधि अनेकः दहेज मुक्त मिथिला समूहक साप्ताहिक समीक्षा

सामाजिक संजाल आ गतिविधि – कीर्तिनारायण झा दहेज मुक्त मिथिला फेसबुक समूह जाहि पर अनेकानेक सामाजिक अभियन्ता संग साहित्यसेवी विद्वान्-विदुषी सामान्यजन अपन कलम स्वतंत्रता सँ चलबैत छथि, ताहि समूह केर सारगर्भित समीक्षा लेखन जारी अछि। ई समीक्षा काल्हि १७ दिसम्बर २०२२ केँ पोस्ट कयल गेल अछि। दिसम्बर १७, २०२२ । दहेज मुक्त मिथिला “हम अजब समूह एक गतिविधि अनेकः दहेज मुक्त मिथिला समूहक साप्ताहिक समीक्षा

रामचरितमानस मोतीः श्री लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता सँ सुमंत्रक संवाद….

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता सँ सुमन्त्र केर संवाद, सुमंत्रक लौटब निषादराज द्वारा श्री रामजी व श्री सीताजी केँ जमीन पर सुतल देखि निषादराज गुह अत्यन्त भाव-विह्वल होइत लक्ष्मणजी सँ अपन मोनक व्यथा साझा कयल गेल आ तखन – १. लक्ष्मणजी ज्ञान, वैराग्य और भक्तिक रस सँ सानल मीठ रामचरितमानस मोतीः श्री लक्ष्मण-निषाद संवाद, श्री राम-सीता सँ सुमंत्रक संवाद….

रामचरितमानस मोतीः श्री राम केर श्रृंगवेरपुर प्रवेश आ निषाद द्वारा सेवाक प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम केर श्रृंगवेरपुर पहुँचब, निषाद द्वारा सेवा १. शुद्ध (प्रकृतिजन्य त्रिगुण सँ रहित, मायातीत दिव्य मंगलविग्रह) सच्चिदानंद-कन्द स्वरूप सूर्य कुल के ध्वजा रूप भगवान श्री रामचन्द्रजी मनुष्यक सदृश एना चरित्र करैत छथि जे संसाररूपी समुद्र के पार उतरबाक लेल पुल समान अछि। २. जखन निषादराज गुह ई रामचरितमानस मोतीः श्री राम केर श्रृंगवेरपुर प्रवेश आ निषाद द्वारा सेवाक प्रसंग

रामचरितमानस मोतीः श्री राम-सीता-लक्ष्मण केर वन गमन प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-सीता-लक्ष्मण केर वन गमन, नगरवासी केँ शयन करैत छोड़ि वन मे आगू बढब… १. वन लेल सब आवश्यक वस्तु संग लय श्री रामचन्द्रजी पत्नी (श्री सीताजी) व भाइ (लक्ष्मणजी) सहित, ब्राह्मण ओ गुरु लोकनिक चरण वन्दना कयकेँ सब केँ अचेत करैत चलि देलाह। राजमहल सँ निकलिकय श्री रामचरितमानस मोतीः श्री राम-सीता-लक्ष्मण केर वन गमन प्रसंग

मिलाफ नेपालक पाँचम वार्षिकोत्सव कार्यक्रम पाँचटा सत्रक संग पूरा

राजविराज, सप्तरी। 12 दिसम्बर 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! मिलाफ नेपालक पाँचम वार्षिकोत्सव कार्यक्रम पाँचटा सत्रक संग पूरा दिनाङ्क २०७९ अगहन २४ गते मिथिला साहित्य-कला प्रतिष्ठान नेपाल (MiLAF Nepal) के पाँचम वार्षिकोत्सव मधेश प्रदेशक उपसभामुख उपमा देवक प्रमुख आतिथ्यमे आ मिलाफ अध्यक्ष रमिला साहक अध्यक्षतामे राजविराज नगरपालिका, सप्तरीक सभागृहमे आयोजित वार्षिकोत्सव कार्यक्रम सु-सम्पन्न भेल अछि। ■ मैथिली मिलाफ नेपालक पाँचम वार्षिकोत्सव कार्यक्रम पाँचटा सत्रक संग पूरा

रामचरितमानस मोतीः श्री रामजी सीताजी व लक्ष्मणजीक संग दशरथजी सँ भेंट

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री रामजी, लक्ष्मणजी, सीताजीक महाराज दशरथ लग विदा माँगय आयब, दशरथजीक सीताजी केँ बुझायब १. ‘श्री रामजी पधारलनि अछि’, ई प्रिय वचन कहिकय मंत्री राजा केँ उठाकय बैसौलनि। सीता सहित दुनू पुत्र केँ (वन जाय लेल तैयार) देखि राजा बहुत व्याकुल भ’ गेलाह। सीता सहित दुनू सुन्दर पुत्र रामचरितमानस मोतीः श्री रामजी सीताजी व लक्ष्मणजीक संग दशरथजी सँ भेंट

रामचरितमानस मोतीः श्री लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद १. श्री रामजीक आज्ञा पाबि लक्ष्मणजी हर्षित हृदय सँ माता सुमित्राजी लग गेलाह। मानू जेना आन्हर केँ फेर सँ आँखि भेट गेल होइ किछु तेहने अवस्था छलन्हि एहि घड़ी हुनकर। माताक चरण मे मस्तक नमौलनि धरि मोन हुनकर रघुकुल केँ आनन्द दयवला श्री रामजी और रामचरितमानस मोतीः श्री लक्ष्मण-सुमित्रा संवाद