हमर जिज्ञासा आ अहाँक सम्बोधन
मैथिली केर सेवा पर अपन विचार – प्रवीण नारायण चौधरी ई बहुत प्रेरित कय रहल अछि जे अपने सब गोटे एतेक बढि-चढिकय हमर जिज्ञासा केँ सम्बोधन कयलहुँ। प्रसंगवश ई जिज्ञासा रखने रही जे आखिर लोकक पसन्द की? लेख मार्फत अनेकों बात पाठकक हृदय व मर्म केँ स्पर्श करैत छैक। लेखहि वास्तव मे लेखकक छवि बनबैत … हमर जिज्ञासा आ अहाँक सम्बोधन









