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कि मैथिली-मिथिला के नाम पर ग्रुप बना पैसा कमेबाक धन्धा चलि रहल अछि?

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१५ जून २०२१, मैथिली जिन्दाबाद!!

संचारकर्मी निशान्त झा द्वारा एकटा दुर्भाग्यपूर्ण समाचार सार्वजनिक कयल गेल अछि जे मैथिली-मिथिलाक नाम पर फेसबुक समूह निर्माण कय ओतय विज्ञापन व प्रचार-प्रसार लेल बिना समुचित नियमन वा कर-प्रबन्धनक टका वसूली कारोबार चलायल जा रहल अछि। निशान्त झा ‘हम सब मैथिल छी’ फेसबुक समूह व एकर व्यवस्थापक सुनीत झा पर बाकायदा विज्ञापन देबाक टैरिफ (दर-रेट) के स्क्रीन शौट्स जारी करैत अपन फेसबुक मे एहि मन्तव्यक आरोप लगबैत आम मैथिलजन सँ एहि विषय आ एहि तरहक गतिविधि सँ उठल प्रश्न केर जवाब मंगलनि अछि। सारांश मे संचारकर्मी निशान्त झा फेसबुक पर एहि तरहक भेद खोलबाक आ तदोपरान्त आरोपित व्यक्ति द्वारा हुनका तथानाम धौंस-धमकी आदि देबाक जानकारी सेहो करौलनि अछि।

निशान्त झा द्वारा १५ जून २०२१ केँ कयल गेल फेसबुक स्टेटसः

“विगत दिन सँ “We Are Maithil हम सब मैथिल छी” ग्रुप केँ एडमिन सुनीत ठाकुर पर आरोप लागल कि ओ ग्रुप में पोस्ट एप्रूव करबाक नाम पर टका केँ माँग करैत छैथि , जेकर किछु स्क्रीन शॉट , बहुत लोक केर मैसेज ओ कॉल पर बातचीत केर माध्यम सँ एहि बातक जानकारी हमरा भेँटल।

हम ओहि स्क्रीनशॉट्स ओ तार्किक पुख़्ता सबूत केँ आधार पर लोक सभ सँ एहि बात केँ सोशल मीडिया पर साझा कएलहुँ।

सुनीत ठाकुर नीक लोक छैथ कि अधलाह से हमरा नहि बुझल , बस एतेक बुझल अछि कि फेसबुक पर एकटा ग्रुप “We Are Maithil हम सब मैथिल छी” बना लोक सभ केँ जोड़ि देलखिन। हालाँकि मैथिल अप्पन मिथिला प्रेम सँ एकजुटताक लक्ष्य , साहित्य , संस्कृतिक केर बढ़ावा भेंटय ओ मैथिली भाषा केर प्रचार प्रसार होइ ताहि द्वारे ग्रुप में जुड़ला। एहि ग्रूपक नाम सँ मैथिल समाज जे भी गोटए सक्रिय छैथ सोशल मीडिया पर हुनकर सेंटिमेंट जुड़ि गेल छैक।

जखन एहि ग्रूपम आरंभ भेल छल त एडमिन महोदय लोक केर बिना अनुमति एहि ग्रुप में जोड़ी देलनि। आब जखन एहि ग्रुप में 4 लाख गोटए जुड़ि गेलाह त एडमिन महोदय लोभग्रस्त भ एहि ग्रुप केँ कॉमर्शियल बना देलनि। आब तथाकथित विज्ञापन वला पोस्ट केर अप्रूवल लेल अलग व्यवस्था छै इ कहि..लोक सभसँ कॉमर्शियल विज्ञापनक नाम पर टका लेबाक बात एडमिन महोदय खुद स्वीकार कएने छैथ।

खैर..! टका वसूली सँ हमरा कुनु तरहक दिक्कत नहि अछि। वसूली करैथ ..खूब नीक सँ करथि! मुदा ज्योँ मिथिला मैथिलीक नाम पर ग्रूप बना अवैध वसूली करब ओहि सँ हमरा दिक्कत अछि।

आइ तक एहि ग्रूपक माध्यम सँ जतेक वसूली भेल..ओहि सँ मैथिली व मिथिला केँ कि भेंटल..?

एहि ग्रूपक माध्यम सँ जे वसूली भेल ओ मैथिलीक कुन चैरिटी में जमा भेल..?

मैथिली भाषा मे कतेक पुस्तिका प्रकाशित भेल..?

जखन अपने कॉमर्शियल प्रचार प्रसार करैत छी त GST फ़ाइल ओ इनकम टैक्स सेहो भरैत हैब..ज्योँ से नहि त मिथिला ओ मैथिली केँ विकास में कतेक टका खर्च कएलहुँ एकरो जानकारी मैथिल समाज सँ साझा करियौ।

सुनीत ठाकुर जी जखन अहाँ सँ जायज प्रश्न कएलहुँ , अहाँके आइना देखेलहुँ त अहाँ हमरा जलनखोर , मानसिक विकलांग..ने जानि कि कि , केस मुकदमा सब तरहक धमकी देलहुँ..

इ त वैह भेल न…खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे…😊

सुनीत जी ने अहाँ हमर दियाद छि, ने अहाँके जमीन हमर आइड़ मे पड़ैत अछि..या न अहाँके खेत हम जोति लेलहुँ..? जलन किएकि हैत अहाँ सँ यौ जी..?

अहाँ लोकनि आब लफुआगिरी छोड़ू…मिथिला मैथिली केँ नाम पर वैश्यावृत्ति बिल्कुल बंद करू। अहाँ लोकनि इ चंदा धंधा क मिथिला मैथिली लेल नीक काज क रहल संस्था केर बदनामी सेहो क़ रहल छी। ओना अहाँकेँ तारीफ़ सेहो होबाक चाहि..4 लाख गोटए केँ ग्रूप में जोड़ि मैथिली भाषा केँ प्रचार प्रसार लेल प्रयास कएलहुँ..ओहि लेल अहाँके मिथिला रत्न , मिथिला विभूति , मिथिला सम्मान , पाग डोपटा जतेक दी..सब कम पड़ैत अछि।” 

संचारकर्मी निशान्त झा मैथिली जिन्दाबाद केर सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी केँ सेहो एहि पोस्ट मे टैग कएने रहथि, आर तदनुसार हुनक प्रतिक्रिया निम्नरूप सँ फेसबुक पर राखल गेल अछि। 
ई सब कि थिकैक मैथिली-मिथिला जगत मे?
गम्भीर सवाल उठल अछि जे पहिने फेसबुक समूह पर भीड़ जुटाउ आ बाद मे ओहि आड़ मे धन्धा चलाउ?
Nishant जी द्वारा बहुत गम्भीर बात सब सोझाँ आनल गेल अछि। कि अहाँ लोकनि मे सँ किनको कोनो तरहक जानकारी अछि? कि ‘हम सब मैथिल छी’ समूह पर व्यवसायिक विज्ञापन वा प्रचार-प्रसार केर सम्बन्ध मे अहाँ सब केँ सेहो कोनो तरहक जानकारी कहियो भेटल?
निशान्त जी केँ देल हमर विचार संग ओहि पोस्ट केँ शेयर कय रहल छीः
अहाँक बात आइ हमरा फरिछाकय बुझय मे आयल। माने जे ‘हम सब मैथिल छी – We Are Maithils’ फेसबुक समूह जेकर सम्बन्ध मे हम स्वयं कतेको बेर प्रशंसा करैत मैथिली जिन्दाबाद पर समाचार सेहो प्रकाशित कएने छी, जतय पैछला साल Bhawna Mishra जी व स्वयं सुनीत भाइ बड नीक मुहिम चलेलनि जे लौकडौन मे धियापुता सभक व अन्यान्त कतेको तरहक प्रतिभा लोकनि द्वारा लाइव आदिक आयोजन कयल गेल, ताहि ठाम यूट्यूबर व अन्य उद्यमी लोकनि केँ अपन प्रचार-प्रसार करय लेल सुनीत भाइ टका बान्हि देने छथि। आर अहाँ चाहैत छी जे ओहि टका के हिसाब मैथिली-मिथिला जगत केँ सार्वजनिक कयल जाय। ई बहुत उचित मांग अछि। हम अहाँक समर्थन करैत छी। निस्सन्देह एहि तरहक आमदनी सँ जे कोनो नीक काज, सम्भवतः सुनीत भाइ एकटा संस्था सेहो चलबैत छथि दिल्ली मे आ हालहि मैथिली साहित्य महासभाक अध्यक्ष सेहो बनलाह अछि, त एहि सब मार्फत सेहो खर्च करैत हेता। लेकिन जे किछु, ओहि खर्चक व्योरा आ कयल गेल काजक सूची हुनका पब्लिक डोमेन मे जरूर देबाक चाही।
 
एकटा बात स्पष्ट नहि भेल…. ई वेश्यावृत्ति या ठगी धन्धा – से सब कोन आधार पर भऽ गेल? ई सूचना ओ अहाँ सँ वा किनको सँ नुकेने रहला या कोनो तेहेन अबैध काज भेलैक, टैक्स नहि देलखिन सरकार केँ, या फेर मैथिली-मिथिलाक नाम पर भावनात्मक जुड़ाव पैदा कय भीड़ जुटाकय कोठाबाजी चललैक? एहि पर कनी फरिछाउ त?
 
ओना अहाँक कलम मैथिली-मिथिला केर विषय सब पर सेहो चलय लागल अछि ताहि लेल हृदय सँ बधाई!! ई जरूरी छैक जे सारा गतिविधि पर चर्चा खुलस्त रूप मे हुए। एहि लेल जँ कियो अहाँ केँ जलनखोर आदि कहलथि अछि त जरूर संकेत छी कि ‘दालि मे किछु कारी’ अछि कतहु। हम आरो स्रोत सँ पता लगेबाक चेष्टा करैत छी। पंकज प्रसून जी सेहो हालहि एहि तरहक किछु खराब अनुभव आ हमरा स्वयं किछु तेहेन अनुभव भेल जे मैथिली-मिथिलाक हित वला पोस्ट सेहो एप्रूव नहि दय उल्टा तर्क सब देल गेल छल। खैर… ई बड़ा सीरियस चार्ज लागल हँ हमरा बुझने!
 
मैथिली-मिथिला जगत मे एहि पर वृहत् विमर्श होयब बहुत जरूरी अछि।
 
हरिः हरः!!

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