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प्रवीण नारायण चौधरी

सामाजिक संजाल केर लेखक-विचारक सँ किछु आग्रह

सामाजिक संजाल में लिखनिहार एहेन बहुतो लेखक-विचारक होइत छथिन जिनकर लेख-विचार पर उपस्थिति नहि देखायब त अहाँक सम्बन्ध ओ अलग पूर्वाग्रह राखि लैत छथि, हुनका होइत छन्हि जे फलाँ हमर लेख-रचना सँ दूरी बनबैत छथि, इग्नोर करैत छथि, आदि-आदि।   किछु लोक सच मे एहि तरहक व्यवहार जानिकय सेहो करैत छथिन। कारण हुनकर व्यक्तिगत सोच सामाजिक संजाल केर लेखक-विचारक सँ किछु आग्रह

मैथिल ब्राह्मण महासभाक अध्यक्ष संग साक्षात्कारः सन्दर्भ मिथिला अध्ययन केन्द्र

४ दिसम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिल ब्राह्मण महासभा नेपाल द्वारा प्रस्तावित ‘मिथिला संस्कृति अध्ययन केन्द्र’ केर स्थापनाक पुनीत उद्देश्य प्रति किछु लोक मे भ्रम केर स्थिति आ सोशल मीडिया मे एहि सम्बन्ध मे अन्हेरक आलोचना व विरोध आदिक स्वर गोटेक भाषा-संस्कृति अभियानी द्वारा सेहो होइत देखि ‘मैथिली जिन्दाबाद’ द्वारा महासभाक अध्यक्ष श्री भगवान् झा मैथिल ब्राह्मण महासभाक अध्यक्ष संग साक्षात्कारः सन्दर्भ मिथिला अध्ययन केन्द्र

जनगणना मे जानि-बुझि नीयतवश कयल गेल गड़बड़ी प्रति तथ्यांक विभाग सँ शिकायत

जनकपुर, ३० नवम्बर २०२१ । मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि सम्पन्न नेपाली जनगणना मे गणक द्वारा कयल गेल नीयतवश बहुतो तरहक गड़बड़ीक संग-संग मैथिली भाषाभाषीक संख्या केँ जनगणना मे जानि-बुझि कम देखेबाक मनसाय आ सामाजिक स्तर पर विखंडन अनबाक कुत्सित प्रयास प्रति तथ्यांक विभाग केँ सचेत करैत गड़बड़ी सभक व्योरेवार विवरण सहितक निवेदन पत्र नेपाल सरकारक तथ्यांक जनगणना मे जानि-बुझि नीयतवश कयल गेल गड़बड़ी प्रति तथ्यांक विभाग सँ शिकायत

मैथिली सँ भीन त भेलहुँ परिणाम कि भेटल से कथित बज्जिकाभाषी सँ पुछू

नेपाली जनगणना (२०७८) मे एकटा अजीब होड़ मचल अछि। विगत किछु वर्ष मे ओबीसी नाम के एक एनजीओ आ एकर किछु कार्यकर्ता सब मैथिली भाषा केँ तोड़बाक लेल अनेक कुतर्क करैत देखाइत छल। नेपाल मे अग्रगामी राजनीति के स्वांग करयवला गोटेक नेता सेहो मैथिली पर अनधिकृत आ अपरिपक्व कुतर्क प्रस्तुत करैत देखाइत छल। खास कय मैथिली सँ भीन त भेलहुँ परिणाम कि भेटल से कथित बज्जिकाभाषी सँ पुछू

नहि रहलाह हारुन रसीद गाफिल – मशहूर शायर व मंच उद्घोषक मैथिली कवि

अलविदा गाफिल   मैथिली संग हिन्दी एवं उर्दू के जानल मानल शायर व मंच उद्घोषक हारून रसीद गाफिल केर असमय निधनक दुखद समाचार अछि।   साभार किरण झा, अररिया, बिहार। २९ नवम्बर २०२१।    आइ एक मिथिला आँचल के आँगन सँ दिल के घड़कन मशहूर व्यक्ति अनेक नाम सँ पहचान बनाक चैल बैसलाह। शायर, स्टेज नहि रहलाह हारुन रसीद गाफिल – मशहूर शायर व मंच उद्घोषक मैथिली कवि

विद्यापति स्मृति के प्रासंगिकता वर्तमान समय मे बेसी

आजुक समय मे विद्यापतिक प्रासंगिकता (Saharsa Program Presentation) – प्रवीण नारायण चौधरी विद्यापति – ऐतिहासिक महापुरुष – महाकवि – कविकोकिल – जनकवि – संस्कृत सँ अवहट्ट (मैथिलीक प्राकृतिक रूप) मे रचना करैत आम जनमानसक आवाज बनि गेलाह। विद्यापतिक रचना बाट चलनिहार द्वारा सेहो गायल जाय लागल, पुरुष नचारी तऽ महिलावर्ग बटगवनी बनिकय विद्यापतिक रचना सबकेँ विद्यापति स्मृति के प्रासंगिकता वर्तमान समय मे बेसी

सिसिडब्ल्यूजी द्वारा दोसर ई-ग्रैंड राउंड में सम्पूर्ण बिहार सँ 200 चिकित्सक व चिकित्साकर्मी सहभागिता देलन्हि

सिसिडब्ल्यूजी द्वारा दोसर ई-ग्रैंड राउंड में सम्पूर्ण बिहार सँ 200 चिकित्सक व चिकित्साकर्मी सहभागिता देलन्हि पटना, 19 नवम्बर 2021 । मैथिली जिन्दाबाद!! एम्स पटना के अगुवाई में कोरोना महामारी सँ लड़बाक वास्ते यूएसएड राइज व झपियेगो केर संयुक्त प्रयास सँ गठित क्रिटिकल केयर ग्रुप (सिसिडब्ल्यूजी) द्वारा दोसर राउंड के ई-ग्रैंड कार्यक्रम के आयोजन कयल गेल। सिसिडब्ल्यूजी द्वारा दोसर ई-ग्रैंड राउंड में सम्पूर्ण बिहार सँ 200 चिकित्सक व चिकित्साकर्मी सहभागिता देलन्हि

लोकपाबैन सामा-चकेवाक एक एहनो आध्यात्म – चुगला तहिया आ आइ

लोककथा – प्रवीण नारायण चौधरी (पूर्व प्रकाशित लेख, १५ नवम्बर २०१२) चुगला चुगलखोरी करनिहारके कहल जाइत छैक। मैथिलके एक महत्त्वपूर्ण पावैन सामा-चकेवा में चुगला-दहन के गाथा छैक। चलू यैह बहाना हम किछु संस्मरण साझा करी पावैन सामा-चकेवाक, जे मिथिलामें लोक-पर्व रूप मे मनयबाक अति प्राचिन परंपरा अछि। सामा – याने द्वारकाधीश श्री कृ्ष्णकेर बेटीक नाम! लोकपाबैन सामा-चकेवाक एक एहनो आध्यात्म – चुगला तहिया आ आइ

सामा चकेवा मनेबाक लोकविधान – साभार पंडित सीताराम झा

मिथिलाक लोकसंस्कृति विशेष – लेख संकलन भाइ-बहिन केर प्रेम, त्याग आ समर्पण पर आधारित पौराणिक-आध्यात्मिक अनुष्ठान सँ लोकपाबैन मे परिणत ‘सामा-चकेवा’ पर हार्दिक शुभकामना!! १. डाला लय बाहर भेली बहिनो से अन्नी बहिनो हरि भैया लेल डाला छीन सुनू राम सजनी! समुआ बैसल तोंहें बाबा बड़ैता तोर बेटा लेल डाला छीन सुनू राम सजनी!! कथी सामा चकेवा मनेबाक लोकविधान – साभार पंडित सीताराम झा

विह्वलक मैथिली तांका संग्रह ‘व्योमक ओहि पार’ सार्वजनिक

विह्वलक मैथिली तांका संग्रह ‘व्योमक ओहि पार’ सार्वजनिक काठमाडौं नेपाल पत्रकार महासंघक पूर्वअध्यक्ष धर्मेन्द्र झाक नवीन मैथिली कृति ‘व्योमक ओहि पार’ सार्वजनिक भेल अछि। पत्रकार झा मैथिली साहित्यमे धर्मेन्द्र विह्वलक नामसँ स्थापित छथि । सोमदिन काठमाडौंमे आयोजित एक कार्यक्रमकबीच मैथिलीक पहिल तांका संग्रह ‘व्योमक ओहि पार’ सार्वजनिक भेल छैक। नेपाल पत्रकार महासंघक अध्यक्ष विपुल पोखरेल, विह्वलक मैथिली तांका संग्रह ‘व्योमक ओहि पार’ सार्वजनिक