रामचरितमानस मोतीः मनु-शतरूपाक तप एवं वरदान
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मनु-शतरूपा तप एवं वरदान पैछला अध्याय मे शिवजी द्वारा पार्वतीकेँ सुनायल जा रहल रामचरित याज्ञवल्क्यजी भरद्वाजजीक सोझाँ वर्णन कय रहल छलथि। प्रसंग चलि रहल छल नारदजी केर श्राप वला, विश्वमोहिनी के रूप मे नारदजी भगवानक माया सँ कोना ओझरा गेलाह आ फेर केना हुनका मायाक प्रभाव नचनी-नाच नचेलक… … रामचरितमानस मोतीः मनु-शतरूपाक तप एवं वरदान



