ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय
परम्पराक अगबे दोख देनाय कतेक उचित? कखनहुँ-कखनहुँ हमरा दिमाग मे ईहो बात अबैत अछि जे अपन पुरुखाजनक परम्परा केँ हम सब सीधे गलत कहि बैेसैत छी से हमरे सभक गलती छी। युग (देश, काल आ परिस्थिति) अनुसारे कोनो सामाजिक नियम केँ बनब या जियब शास्त्रीय पद्धति कहल गेल अछि। पुरुखाजनक समय मे जाहि तरहक … ओ नीक छलाह या अहाँ नीक छी – मंथन योग्य विषय









