मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री हनुमान् विभीषण संवाद
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित रामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद हनुमान्-विभीषण संवाद दोहा : रामायुध अंकित गृह शोभा बरन न जाय। नव तुलसीक बृंद ओतय देखि हरख कपिराय॥५॥ भावार्थ : ओ महल श्री रामजी केर आयुध (धनुष-बाण) केर चिह्न सँ अंकित छल, ओकर शोभा वर्णन नहि कयल जा सकैत अछि। ओतय नव-नव तुलसी गाछक समूह केँ … मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री हनुमान् विभीषण संवाद








