मैथिलसाम्प्रदायिक श्री दुर्गासप्तशती-१: अर्गला, कीलक तथा कवच
मैथिलसाम्प्रदायिक श्री दुर्गासप्तशती (मैथिली भाषात्मक ‘सांगदुर्गाप्रकाशिका’ व्याख्या सहितं) व्याख्याकारः महाकवि लालदास (१८५६ ई. – १९२१ ई.) सम्पादकः पं. (डा.) शशिनाथ झा “विद्यावाचस्पति” प्रकाशकः उर्वशी प्रकाशन भूमिकाः अपार-संसार-महोग्रसागरा-दुपैतिपारं जडबुद्धयोऽप्यहो। पादारविन्दं मनसापि वन्दयन् यस्याश्शिवां तां प्रणतोऽस्मि सिद्धिदाम्॥ वीरयसं. तारालाही ग्राम निवासी, कर्णकुलोद्भव, देवभक्ति-परायण, शूर, औदार्य्य गुणसम्पन्न “बलभद्र” प्रसिद्ध वल्लीदास छलाह, जे श्रीमान् दिल्लीपति बादशाहक … मैथिलसाम्प्रदायिक श्री दुर्गासप्तशती-१: अर्गला, कीलक तथा कवच








