हमर सभ्यता आ भूगोल केर अवस्था दयनीय कियैक
सभ्यता पर खतरा कनी गौर करूः “भाषा सँ साहित्य – साहित्य सँ संस्कार – संस्कार सँ संस्कृति – संस्कृति सँ सभ्यता – सभ्यता सँ भूगोल” ई पंक्ति एकटा सूत्र थिकैक। एहि सूत्र के आधार पर हम सब मिथिला के छी। मैथिली हमरा सभक भाषा छी। एहि भाषा मे लिखित साहित्य मात्र १००० … हमर सभ्यता आ भूगोल केर अवस्था दयनीय कियैक








