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प्रवीण नारायण चौधरी

जारी भेल ‘विश्व मैथिल सम्मेलन’ केर आवरण परिकल्पना चित्र

१४ जनवरी २०२०। मैथिली जिन्दाबाद!!   अखिल भारतीय मिथिला संघ, नई दिल्लीक तत्त्वावधान मे आगामी मार्च मास २७ सँ २९ तारीख धरि आयोजित होमय जा रहल “विश्व मैथिल सम्मेलन” केर आवरण परिकल्पना चित्र (पोस्टर) जारी कयल गेल अछि।   आयोजक संस्थाक लोगोक नीचाँ मे मिथिलाक ५ महत्वपूर्ण लोकपुरुष केर चित्रक संग सम्मेलनक नाम, तिथि ओ जारी भेल ‘विश्व मैथिल सम्मेलन’ केर आवरण परिकल्पना चित्र

पहिल अन्तर्राष्ट्रीय भुइयाँ दिवस नेपालक सर्लाही जिलाक ईश्वरपुर नगरपालिका – बउहर्वा मे होयत

१४ जनवरी २०२० । मैथिली जिन्दाबाद!! प्रथम अन्तर्राष्ट्रीय भुइयाँ दिवस नेपाल मे मनायल जायत   मुसहर समुदाय केर उत्थानक संग-संग सामाजिक-सांस्कृतिक आ राजनीतिक परिवर्तन लेल विभिन्न आयोजन केँ निरन्तरता दयवला संस्था ‘भोर’ केर अध्यक्ष राजकुमार महतो विज्ञप्ति मार्फत जानकारी करौलनि अछि जे पहिल अन्तर्राष्ट्रीय भुइयाँ दिवस नेपाल मे मनेबाक कार्य होयत।   विज्ञप्ति मे देल पहिल अन्तर्राष्ट्रीय भुइयाँ दिवस नेपालक सर्लाही जिलाक ईश्वरपुर नगरपालिका – बउहर्वा मे होयत

मिथिला आन्दोलन मे पिछड़ा आ दलित केर भूमिका पर दिल्ली मे सेमिनार

साभारः रोहित यादव केर फेसबुक अपडेट एकटा संतुलित आयोजन। प्रथम प्रयास। प्रयास केर सार्थकता लोक तय करथि। एहिबातक जिम्मेदारी समाज पर छोड़ि रहल। कार्यक्रम केर शुरुआत जय-जय भैरवी सँ। रचना आ रचनाकार केँ सम्मान मे, सभागारमे उपस्थित लोक ठारह रहला। पछाति सलहेश’क छवि पर माल्यार्पण, दीप-प्रज्वलन आ कार्यक्रम केर विधिवत शुरुआत। मंच संचालन हमरहिं करबाक मिथिला आन्दोलन मे पिछड़ा आ दलित केर भूमिका पर दिल्ली मे सेमिनार

अहमदाबाद मे नव दशक २०२० केर २ फरवरी मे मिथिला विभूति स्मृति महोत्सव द्वारा नव सूर्योदय

प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर। १३ जनवरी २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! अहमदाबाद मे २ फरवरी केँ होयत मैथिली जिन्दाबाद प्रस्तावित मिथिला विभूति स्मृति महोत्सव मे दशकक नव उपहार शाश्वत मिथिला आ माँ जानकी सेवा समितिक संयुक्त तत्त्वावधान मे २०२० यानि एहि नव दशकक आरम्भक वर्ष मे एकटा अत्यन्त नव आ अनुपम कार्यक्रम सँ कयल जेबाक निर्णय आयोजक अहमदाबाद मे नव दशक २०२० केर २ फरवरी मे मिथिला विभूति स्मृति महोत्सव द्वारा नव सूर्योदय

कर्म-कर्तव्य प्रति सब केँ सजग होयब अत्यावश्यक

आइ जे दुइ गोट श्लोक ‘सुभाषितानि’ सँ अपने सभक बीच रखबाक मोन भेल अछि ताहि दुनू मे हमरा सब केँ पुनः अपना-अपना वास्ते एकटा नीक कर्तव्यबोध भेटैत अछि। देखू –   यः पठति लिखति पश्यति परिपृच्छति पंडितान् उपाश्रयति। तस्य दिवाकरकिरणैः नलिनी दलं इव विस्तारिता बुद्धिः॥   भावार्थ : जे पढ़ैत अछि, लिखैत अछि, देखैत अछि, कर्म-कर्तव्य प्रति सब केँ सजग होयब अत्यावश्यक

मुम्बई मे होयत ‘बिजनेस कन्क्लेव २०२०’ – मैथिल समन्वय समिति मुम्बई केर अनुपम आयोजन

दीपक कुमार मैथिल, १२ जनवरी २०२०, मैथिली जिन्दाबाद!! मुंबई में भ रहल अछि मैथिला मे रोजगार के जोगार नासिक महाकुंभ २०१५ मे किछु मुंबई मे रहनिहार मैथिल व्यक्ति आ किछु मैथिल संस्था सबहक बिचार स एकटा एहैन संस्था बनेबाक बिचार भेल जाहि के छत्रछाया मे देशक अत्यधिक मैथिल / मिथिला के नाम पर काज केनिहार मुम्बई मे होयत ‘बिजनेस कन्क्लेव २०२०’ – मैथिल समन्वय समिति मुम्बई केर अनुपम आयोजन

हेल्प मधेशी कतार संग साँझक चौपाड़िक संयुक्त आयोजन विद्यापति स्मृति पर्व समारोह दोहा मे

हेल्प मधेशी तथा साँझक चौपाड़िद्वारा दोहामे सम्पन्न भेल – विद्यापति स्मृति पर्व, परदेशी आखर लोकार्पण एवं रूपा-धीरू विशेष सम्मान समारोह ११/०१/२०२० दोहा न्युज, विन्देश्वर ठाकुर। हेल्प मधेशी दोहा-कतार तथा साँझक चौपाड़ि दोहा कतार केर संयुक्त आयोजनामे दिनांक १०/०१/२०२० (बीतल शुक्र दिन) सनैया- ग्राण्डमल्लके ‘लालीगुराँस’ रेष्टुरेन्टमे विद्यापति स्मृति पर्व, परदेशी आखर नव अंकके लोकार्पण तथा आदरणीय हेल्प मधेशी कतार संग साँझक चौपाड़िक संयुक्त आयोजन विद्यापति स्मृति पर्व समारोह दोहा मे

कथनी आ करणी मे असमानता नेपाल मे पहिचानक समस्याक मूल कारण

नेपाल मे पहिचानक समस्या कियैक?   Why Identity Crisis In Nepal?   नेपाली सहित सब भाषा केँ सिर्फ अलंकृत रूप मे राष्ट्रीय भाषा कहि देला सँ न्यायोचित अधिकारसम्पन्नता आबि सकत?   कथनी आ करणी मे फर्क केँ हंटेबाक लेल संघीयता केँ निर्भीकता सँ लागू करय मे तकलीफ कियैक?   नेपाली बाद दोसर सशक्त भाषा ‘मैथिली’ कथनी आ करणी मे असमानता नेपाल मे पहिचानक समस्याक मूल कारण

१७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन – सम्पूर्ण समाचार

१७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन (रिपोर्ट) १७म् अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन विराटनगर मे अपार जनसहभागिताक संग सम्पन्न भेल मैथिली भाषा आ साहित्य अति प्राचीन अछि। ज्योतिरिश्वर ठाकुर, विद्यापति, कविश्वर चन्दा लगायत कतेको रास साहित्यकार, कवि, विद्वान् लेखक आ विचारक द्वारा मैथिली पोषित रहल। नेपाल आ भारत मे बाजल जायवला भाषा मैथिलीक इतिहास अत्यन्त समृद्ध अछि। मैथिलीक प्राचीन १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन – सम्पूर्ण समाचार

१८म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन भारतक वृन्दावन मे प्रस्तावित, विराटनगरक मापदंड पालन हो

१८म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन होयत भारतक वृन्दावन मे   परम्परानुसार प्रत्येक अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक अन्त (समापन गोष्ठी) मे आगामी आयोजनक कार्यसमिति ओ कार्यक्रम स्थलक नामक घोषणा कयल जाइत अछि। १७म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक समापन गोष्ठी मे महासचिव डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू कार्यसमितिक घोषणाक संग-संग आगामी आयोजन भारतक वृन्दावन मे कयल जेबाक घोषणा कयलनि। पिछला तीन १८म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन भारतक वृन्दावन मे प्रस्तावित, विराटनगरक मापदंड पालन हो