घरक औजार भोथे नीक – रूबी झा रचित लघुकथा
लघुकथा – रूबी झा कहल गेल छै “घरक औजार भोथे नीक” और ई कहावत बहुत जगह सच होइत सेहो अपना सब देखने हेबै। लाल काकी के जाउत पुतोहु सँ बराबर कहा-कही होइत रहैत छलैन। “किछु लोहो के दोख किछु लोहारो के दोख” गोटेके दिन बितैत हेतै जै दिन पितिया सासु और जाउत पुतोहु में एक … घरक औजार भोथे नीक – रूबी झा रचित लघुकथा








