रामचरितमानस मोतीः धनुष-भंग प्रसंग
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती धनुषभंग १. श्री रामजी सभक दिश तकलनि आर सब केँ चित्र मे अंकित समान बुझैत कृपाधाम श्री रामजी सीताजी दिश देखलनि आर हुनका बेसी व्याकुल बुझि अत्यन्त विकल भेल सेहो बुझलनि। हुनकर एक-एक क्षण कल्प समान बीति रहल छल। *यदि प्यासा आदमी पानि बिना शरीर छोड़ि दियए त … रामचरितमानस मोतीः धनुष-भंग प्रसंग




