मैथिली केँ नहि बन्हियौ आशा उषा आ निशा के दुपट्टा मे
फेसबुक पर मैथिली साहित्यकार केर एहि उक्ति पर ध्यान दियौक (संलग्न तस्वीर फेसबुक पोस्ट के स्क्रीन शौट पर देखू) – अपने थिकहुँ मैथिली भाषा-साहित्य प्रति सब दिन सक्रिय चिन्तन करनिहार आ यथायोग्य सृजनकर्म कयनिहार स्रष्टा लक्ष्मण झा सागर – हमर आदरणीय आ सम्माननीय श्रेष्ठ अग्रज। प्रणाम निवेदन संग किछु आर बात कहय चाहब – १. … मैथिली केँ नहि बन्हियौ आशा उषा आ निशा के दुपट्टा मे









