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प्रवीण नारायण चौधरी

संस्कार केर मुख्य स्रोत आ मौलिकता पर हमर विचार

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी संस्कार हमर पिता अपन उत्तरार्ध जीवन मे समाजक बच्चा सब केँ पढ़ेनाय, होमियोपैथिक दबाइ के किताब पढ़ि डाक्टरी सिखने रहबाक कारण डाक्टर साहेब कहाइत लोकक स्वास्थ्य सेवा कयनाय, केहनो जटिल आ उलझल जमीनी विवाद या अन्य दियादी लड़ाई-झगड़ा आदि केँ न्यायपूर्ण ढंग सँ सलटेनाय, गाम के राजनीतिक भविष्य लेल सौंसे संस्कार केर मुख्य स्रोत आ मौलिकता पर हमर विचार

रामचरितमानस मोतीः देवता लोकनि द्वारा शिवजी सँ विवाह लेल अनुरोध आ आगू

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरिमानस मोती देवता लोकनि द्वारा शिवजी सँ ब्याह लेल प्रार्थना करब, सप्तर्षि लोकनिक पार्वती लग जायब प्रसंग चलि रहल अछि ‘शिव विवाह’। पूर्वक अध्याय मे कामदेव द्वारा देवता सभक कल्याण हेतु शिवजीक समाधि केँ भंग करबाक लेल कामाग्नि जागृति लेल पुष्पबाण प्रहार आ शिवजीक ध्यान भंग भेला सन्ता त्रिनेत्र सँ रामचरितमानस मोतीः देवता लोकनि द्वारा शिवजी सँ विवाह लेल अनुरोध आ आगू

अति महात्वाकांक्षी बनब त विनाशकारी असफलता भोगहे टा पड़त

महात्वाकांक्षा कतय तक सही?   बहुत पहिनहि एकटा किताब कोनो पश्चिमी लेखकक लिखल पढ़ने रही जाहि मे ‘अति महात्वाकांक्षी’ हुअय सँ बचबाक सन्देश छल। एखन सेहो एकटा नीक लेख सोझाँ अभरल – मैनेजिंग योरसेल्फ (स्वयं केर व्यवस्थापन) अन्तर्गत ‘कतेक महात्वाकांक्षी हेबाक चाही’ शीर्षक मे ई कथ्य पर ध्यान गेल।   In excess, ambition damages reputations, अति महात्वाकांक्षी बनब त विनाशकारी असफलता भोगहे टा पड़त

महिलाक सम्मान मे पागक स्थान पर चुनरी-खोंइछ आदिक प्रयोग हो

स्त्रीक माथ पर सम्मानक प्रतीक ‘पाग’ – कहीं समलैंगिकता केर प्रोत्साहन त नहि? (विचार, प्रवीण नारायण चौधरी) आदरणीय स्त्री समाज हमर बातक अर्थ उल्टा नहि लगबथि, बल्कि एहि विन्दु पर मनन करथि जे प्रकृति द्वारा शक्ति आ शिव केर परिकल्पना, अर्थात् नारी ओ पुरुष केर रचना आ ताहि सँ सृष्टि सृजनक सिद्धान्तक निरूपण जे भेल महिलाक सम्मान मे पागक स्थान पर चुनरी-खोंइछ आदिक प्रयोग हो

रामचरितमानस मोतीः रति केँ वरदान

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रति केँ वरदान   तुलसीकृत् रामचरितमानस केर स्वाध्याय आ तेकर भावानुवाद अपने सभक लेल मैथिली मे राखि रहल छी। एखन शिव विवाह केर प्रसंग चलि रहल अछि। पार्वती जी के तपस्या पूर्ण भ’ गेल छन्हि। लेकिन शिवजी समाधिस्थ अवस्था मे रहबाक कारण देवता सभक अनुरोध पर कामदेव हुनका रामचरितमानस मोतीः रति केँ वरदान

मैथिलीक महान गीतकार रविन्द्र नाथ ठाकुर प्रति श्रद्धाञ्जलि सन्देश

जनकपुरधाम, २१ मई २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! महान गीतकार रविन्द्र केँ श्रद्धांजलि अर्पण मैथिली संसारक महान गीतकार रविंद्रनाथ ठाकुर केर निधन पर मैथिली साहित्यकार सभा जनकपुर द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित करैत विज्ञप्ति जारी कयल गेल अछि। श्रद्धांजलि सन्देश में कहल गेल अछि जे भारतीय मिथिला क्षेत्र के पूर्णिया जिलाक धमदाहा निवासी रविन्द्र नाथ ठाकुर मैथिली मंच मैथिलीक महान गीतकार रविन्द्र नाथ ठाकुर प्रति श्रद्धाञ्जलि सन्देश

रामचरितमानस मोतीः कामदेवक देवकार्य लेल जायब आ भस्म होयब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती कामदेवक देवकार्य लेल जायब आ भस्म होयब ब्रह्माजी द्वारा निरूपित उपाय अनुसार देवता लोकनि कामदेव सँ अपन सब विपत्ति सुनेलनि। सुनिकय कामदेव मनहि मन विचार कयलथि आ हँसिकय देवता लोकनि सँ कहलखिन – यद्यपि शिवजीक समाधिस्थ अवस्था केँ भंग करब अर्थात हुनका सँ विरोध करय मे हमर कुशलता रामचरितमानस मोतीः कामदेवक देवकार्य लेल जायब आ भस्म होयब

डा. सुभद्र झाक पुण्यतिथि पर प्रवीण श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित

महान व्यक्तित्वक स्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी डा. सुभद्र झा प्रति श्रद्धाञ्जलि सुमनः पुण्यतिथि विशेष   डा. सुभद्र झा केर आइ पुण्यतिथि थिकन्हि। ‘डा. सुभद्र झाः जीवन वृत्त’ जेकर लेखक परम विद्वान् डा. रामदेव झा छथि ताहि सँ हमरा एतबा ज्ञात भेल जे यदि डा. सुभद्र झा द्वारा भारत सँ लय कय विदेशक पैघ-पैघ मंच डा. सुभद्र झाक पुण्यतिथि पर प्रवीण श्रद्धाञ्जलि सुमन अर्पित

संख्या १ सँ १० केर विलक्षण दर्शनः कठोपनिषद् सँ प्राप्त मननीय जानकारी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी संख्या 1 सँ 10 केर ई विलक्षण दर्शन (Excellent Philosophy of Number From 1 To 10) आजुक स्वाध्याय मे एकटा बहुत विलक्षण दर्शन केर प्राप्ति भेल अछि। अपने लोकनि संग साझा करैत बहुत प्रसन्नता भेटि रहल अछि। शरीर 1 गाछ छी। एहि पर 2 गोट चिड़ै बैसैत अछि। एकटा एहि संख्या १ सँ १० केर विलक्षण दर्शनः कठोपनिषद् सँ प्राप्त मननीय जानकारी

मिथिला मे रोजगारक पैघ अवसरः विज्ञापन एजेन्सी

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी विज्ञापन सँ जुड़ल उद्यम आ रोजगारक अवसर हिन्दी भाषाक एकटा बहुत पोपुलर कहिनी छैक – ‘दिखता है सो बिकता है’। यथार्थो यैह छैक। कोनो प्रोडक्ट बहुत उच्चकोटिक रहितो यदि ओकर विज्ञापन अर्थात् ओहि उत्पादनक नाम, खासियत, आ लोक कियैक कीनय, ओकरा कि लाभ छैक, से सब बातक समग्र आ एकदम मिथिला मे रोजगारक पैघ अवसरः विज्ञापन एजेन्सी