रामचरितमानस मोती – विश्वामित्र यज्ञ केर रक्षा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती विश्वामित्र-यज्ञ केर रक्षा पूर्वक अध्याय मे राजा दशरथ सँ हुनक प्राणो सँ बढिकय प्रिय पुत्र लोकनि राम व लक्ष्मण केँ विश्वामित्रजी अपना संग धर्म-यज्ञ आदिक रक्षा हेतु मांगिकय आनि लेलनि। ताड़का केर वध सेहो भ’ गेल। आब आगू…. १. सब अस्त्र-शस्त्र समर्पण कय केँ मुनि प्रभु श्री रामजी … रामचरितमानस मोती – विश्वामित्र यज्ञ केर रक्षा






