मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल एक क्रान्तिकारी डेगः प्रत्यक्ष प्रमाण मुम्बइ साहित्यिक बैसार
प्रत्यक्षं किं प्रमाणम् – एमएलएफ सँ मुम्बइ-मैथिल-क्रान्ति प्रत्यक्षहि जँ आँखिक सोझें मे सत्य देखब त प्रमाणक कोनो आवश्यकता नहि रहत । कतेक लोक भगवानक माया देखि पबैत छथि, कतेक लोक अबूझ रहि भगवान हेबाक नहि हेबाक भ्रम मे रहैत छथि । मिथिला मे बहुते एहेन मीमांसक सब भेलाह जे अप्रत्यक्ष भगवान् केँ प्रत्यक्ष विश्वास करबाक … मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल एक क्रान्तिकारी डेगः प्रत्यक्ष प्रमाण मुम्बइ साहित्यिक बैसार









