गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण
स्वाध्यायक एक बेजोड़ प्रसंग (मात्र आस्तिक-आस्थावान आ स्वाध्यायी लोक वास्ते) ब्रह्माजी द्वारा विश्वक अधीश्वरी, जगत् केँ धारण करयवाली, संसारक पालन आ संहार करयवाली तथा तेजःस्वरूप भगवान् विष्णुक अनुपम शक्ति छथि, ताहि भगवती निद्रादेवीक स्तुति करय लगलाह – त्वं स्वाहा त्वं स्वधा त्वं हि वषट्कारःस्वरात्मिका ॥ सुधा त्वमक्षरे नित्ये त्रिधा मात्रात्मिका स्थिता ॥१॥ अर्धमात्रास्थिता नित्या यानुच्चार्या … गन्दगी सँ जन्म लैछ खतरनाक वायरस – आध्यात्म आ यथार्थ बीचक एक विश्लेषण









