वेदक उपांग – मीमांसा
वेदक उपांग – मीमांसा उपांग मीमांसा चारि टा वेद आ छह गोट वेदांगक बाद, १४ टा विद्या मे सँ शेष चारि टा केँ “उपांग” कहल जाइत छैक – यानि सहायक अथवा द्वितीयक अंग । ई थिक मीमांसा, न्याय, पुराण तथा धर्मशास्त्र । संयुक्त शब्द मीमांसा मे ‘मम्’ मूल अछि आर ‘सन्’ प्रत्यय अछि । एहि … वेदक उपांग – मीमांसा






