अलीनगर विधानसभाः इतिहास और वर्तमान
एकटा चर्चित लोकगायिका – युवा तुरक प्रतिनिधित्व करनिहाइर “मैथिली ठाकुर” केर राजनीति मे प्रवेश आ तदोपरान्त अलीनगर विधानसभा सँ चुनाव लड़बाक-लड़ेबाक व्यक्तिगत व पार्टीगत घोषणा सँ समस्त संसार मे जबर्दस्त शोर मचि गेल । कियो सहजता सँ स्वीकार कयलनि, कियो तदारुकता सँ जिज्ञासा कयलनि, कियो गहींर भाव सँ चिन्ता जतेलनि, त कियो अपन स्वार्थक साधना खंडित होइत देखि भारी विरोध सेहो कयलनि । तहिना कियो सोशल मीडिया पर त कियो जमीन – समर्थन आ विरोध करैत रहलाह । लेकिन एहि बीच मैथिली ठाकुर केँ नामांकन, चुनाव प्रचार अभियान तथा मतदाता द्वारा मतदानक प्रक्रिया ६ नवम्बर पूरा सेहो भ’ गेल अछि । आब प्रतीक्षा अछि १४ नवम्बर – परिणाम घोषणा केर ।
अपन पाठक सब लेल अलीनगर विधानसभाक इतिहास व वर्तमान पर किछु जानकारी जुटेलहुँ अछि, से मैथिली जिन्दाबाद पर प्रस्तुत कय रहल छीः
एहि विधानसभाक स्थापना बिहार मे गठित ‘परिसीमन आयोग’ केर सिफारिश पर घनश्यामपुर प्रखण्ड, तार्डीह प्रखण्ड, अलीनगर प्रखण्ड एवं मोतीपुर पंचायत सहितक क्षेत्र केँ जोड़िकय बनेबाक काज २००८ मे भेल । हम बेसी जातिवादी राजनीति त नहि बुझैत छी, लेकिन एतेक बुझल अछि जे जातीय आधार पर तथा धर्मक आधार पर परिसीमन परिवर्तन ओहि क्षेत्रक ऊँच कद केर नेता सब अपन प्रभाव सँ बदलैत रहला अछि । अलीनगर विधानसभा स्वाभाविके तौर पर क्षेत्रक चर्चित ओ राजद मे ऊँच कद रखनिहार ‘अब्दुल बारी सिद्दिकी’ केर प्रभाव सँ बनल ताहि मे कतहु दुइ मत नहि ।
एहि विधानसभा मे पहिल बेर २०१० मे निर्वाचन भेल छल । आ, स्वाभाविक तौर पर जीत क्षेत्रक ऊँच कद केर नेता अब्दुल बारी सिद्धिकी केर भेलनि । पुनः दोसर बेर २०१५ मे सेहो वैह जितलाह । हालांकि भाजपा-जदयू केर प्रयास निरन्तर होइत रहल जे सिद्दिकीजीक गढ़ केँ तोड़ी, स्वयं सिद्दिकीजी सेहो अपन ऊँच कदक लाभ लेबाक लेल संसदीय चुनाव मे सेहो हाथ भाँजय पहुँचि गेलाह मधुबनी । एम्हर विनोद मिश्रा एकटा ब्राह्मण उम्मीदवार केँ २०२० मे अलीनगर सँ टिकट देलनि सिद्दिकीजी, मुदा भाजपा एतय वीआईपी सँ अपन पूर्वक हारल उम्मीदवार मिश्रीलाल यादव केँ टिकट दय देलक आ येन-केन-प्रकारेण २०२० मे भाजपा-वीआईपी-जदयू (एनडीए गठबन्धनक) उम्मीदवार ३००० आसपास मत सँ विनोद मिश्रा केँ हरा देलाह ।
२०२२ मे वीआईपी पलटिकय एनडीए सँ बाहर भेल त मिश्रीलाल पलटिकय अपन पूर्वहि केर दल ‘भाजपा’ मे आबि गेलाह । राजनीति एहिना उलट-पलट वला होइत रहल । क्षेत्रक विकास आ जनताक सरोकार सब पर कहिया के ध्यान देलक जे मिश्रीलाल दीतथि – वैह गोटेक सड़क, गोटेक पीचिंग, गोटेक पुल-पुलिया, गोटेक विद्यालय भवन, कतहु पोखरिक महाड़ त कतहु अस्पताल आदिक पूर्वाधार सभक विकास जाहि सँ कि अपन विधायकी वला शिलापट्ट ओतय लागि सकय से सब होइत रहल ।
आब आबि गेल २०२५ । नीतीश बाबू घुरिकय आबि गेलाह एनडीए मे । फेर सँ चलि रहल अछि ‘डबल इंजिन सरकार’ । मोदी-नीतीश परस्पर एक-दोसर समर्थक भारतीय राजनीति मे । संजय झा सन दृष्टिसम्पन्न विकासवादी नेता, जदयू केर ऊँच कद केर नेता, भाजपा सँ गोपालजी ठाकुर जेहेन ठीक-ठीक कद केर नेता, ललित यादव सन राजद केर ठीक-ठीक कद केर नेता, आरो बहुत रास ठीक-ठीक कद केर नेता सभक प्रभाव क्षेत्र त रहबे कयल अछि ‘अलीनगर’, मुदा स्थापना सँ एखन धरि ई ‘राजद केर गढ़’ रूप मे जानल जाइछ, कारण जाति-धर्म आधारित राजनीति । विकासक बात एतय कोनो खास मायना नहि रखैछ, जनता केँ आदति पड़ि गेल छैक जे जनप्रतिनिधि चुनू, ओ पटना-दिल्ली जयता आ अपन मलगोबा पयता ।
लेकिन विकासवादी पुरुष संजय झा केर जतेक धन्यवाद करब, ओ कम होयत । आइ सड़कक शानदार संजाल सँ चारूकात चकमक अछि एहि क्षेत्र मे । दरभंगा मुख्यालय सँ अलीनगर होइत जे सड़क अछि ओ जीवन मे एहेन सुन्दर कहियो नहि छल, गरहाटक च’र त भुजरी-भुजरी रहैत छल सब दिन – हरेक वर्ष बाढ़िक चपेट सँ लहुलुहान रहैत छल विदेश्वरस्थान-लगमा-मछैता-जयदेवपट्टी-घनश्यामपुर-लगमा सड़क, से आइ एतबे द्रुतगामी मार्ग जेकाँ लगैछ जे पुछू जुनि । विकल्प मे कमला-बलानक बाँध पर सेहो एनएच ५७ सँ जोड़ि देलनि संजय झा अपन जल संसाधन मंत्रीक कार्यकालहि मे । एक सँ एक पूर्वाधारक विकास कयलनि ई विकासपुरुष । पर्यटकीय दृष्टि सँ सेहो सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णियां, अररिया, कटिहार, खगड़िया केँ कोसी पश्चिम सँ बड वैज्ञानिक ढंग सँ जोड़ल गेल अछि । नहर व सिंचाई केर योजना सब सेहो धरती पर उतारल गेल अछि । बाढ़ि नियंत्रण सँ पूर्वाधारक विकास लेल एनडीए सरकार ‘देवता’ जेकाँ मान-सम्मान पबैछ ।
गौरा-बौराम आ कुशेश्वरस्थान विधानसभा क्षेत्रक हमर प्रिय भाइ संजय सिंह कहैत छथि जे अलीनगरक लोक लेल एनडीए केर महत्व पर हम बेसी नहि कहब, धरि एहि दुइ क्षेत्रक लोक तँ एनडीए आ नीतीश-मोदी केँ भगवाने मानैत अछि । बिजली चौबीस घन्टा, सड़कक संजाल गामे-गाम जोड़ि देलक, जेतय नाव पर लोकक जीवन रहैत छल बारहो मास ओतय सड़क, बिजली, पेयजल, अस्पताल, विद्यालय आदिक पूर्वाधार सँ भरल अछि । लोक सब गदगद अछि । बुझि जाउ एनडीए केर लोकप्रियता । ऊँच कदक नेता उपरोक्त उदाहरण सब सँ अपने सब फरिछा लेब, हम बेसी नेताजी सब केँ नहि जनैत छी ।
२०२५ विधानसभा निर्वाचन मे के जीतत ?
आब कहू असल बात । २०२५ केर विधानसभा चुनाव मे मैथिली ठाकुर केर चुनाव लड़ला सँ क्षेत्रक जनता अपन मत केकरा देने होयत ? परिणाम १४ नवम्बर केँ आओत । लेकिन हम २००% विश्वास सँ कहि सकैत छी जे ‘एनडीए समर्थित उम्मीदवार’ मैथिली ठाकुर जितबे टा करती । पूर्वक चुनावी तथ्यांक पर नजरि दियौक –
२०२० विधानसभा चुनाव मे अलीनगर मे २,७५,५५९ पंजीकृत मतदाता छल, जे २०२४ लोकसभा चुनाव धरि बढ़िकय २,८४,०१४ भ’ गेल । २०२० केर आंकड़ा मुताबिक अनुसूचित जातिक लगभग ३४,०८७ मतदाता (१२.३७%) आर मुस्लिम समुदाय केर लगभग ५८,४१८ मतदाता (२१.२%) छल । (तथ्यांकः साभार आजतक, अजय झाक रिपोर्ट) २०२० केर तथ्यांक अनुसार १,४४,३१६ पुरुष आ १,३१,२४३ महिला मतदाता रहथि । एहि तरहें हिसाब जोड़ब त पता चलत जे मुस्लिम मतदाता मध्य सँ लगभग १५-२०% एनडीए केर पक्ष मे पड़त, अनुसूचित जाति सँ सेहो महिला एवं युवा मतदाताक लगभग ४०% मैथिलीक पक्ष मे पड़त । ब्राह्मण सहित सवर्ण मतदाता मे खुद भाजपाक स्थानीय संगठन, गोटेक ऊँच कदक नेता आ गोटेक ठीक-ठीक कद केर नेता एवं टका-पैसाक बल सँ वोट मैनेज करनिहारक चलते मैथिली संग अन्तरघात हेबाक कारण लगभग १०-१५% मतदान मैथिलीक विपक्ष मे पड़त । एहि तरहें मैथिली करीब-करीब २०-२५ हजार मत केर फरक सँ जीतती से हमर दृष्टि देखि रहल अछि ।
जे हो, अलीनगर केँ एकटा आर ऊँच कदक नेता रूप मे मैथिली भेटि गेलिह । ओ मंत्रालय सेहो सम्हारती । जगजननी सिया केँ सेहो साक्षात् मानवरूप मे प्रतिनिधि बनती । शेष शुभे हो शुभे ।
हरिः हरः!!
नोटः प्रवीणक समीक्षा व विश्लेषण सँ फेर कतेको लोकक देह मे खौंत फूँकत, से फूँकाय । बम बम महादेव !!
अलीनगर सँ ‘मैथिली ठाकुर’ केर जीत तय अछि
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सटीक, तथ्यपरक, बेबाक विश्लेषण।
शत् प्रतिशत विश्वास अछि जे मैथिली ठाकुर अवश्य जीतती। किन्तु हमर व्यक्तिगत आकलन अछि जे निकटतम प्रतिद्वंद्वी सॅ (भीतरघात क आशंका के ध्यान में राखैत) वोट क अंतर आशानुरूप क संभावना कम बुझना जाईत अछि।